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यूपी विधानसभा उपचुनाव के लिए कांग्रेस ने घोषित किए दो प्रत्याशी, इन पर लगाया दांव
Sun, 27 Sep 2020 10:47 PM IST
ishwar ashish
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
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Published by: ishwar ashish
Updated Sun, 27 Sep 2020 10:47 PM IST
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- फोटो : फाइल
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प्रदेश में 8 सीटों पर होने वाले उपचुनाव के लिए कांग्रेस ने दो टिकट घोषित कर दिए हैं। दोनों ही जगहों पर अपने पुराने व दिग्गज राजनीतिक परिवारों पर भरोसा जताया है। बांगरमऊ (उन्नाव) से आरती बाजपेई और स्वार (रामपुर) से हैदर अली खान उर्फ हमजहा मियां को टिकट दिया है।
आरती वाजपेई प्रदेश की कांग्रेस सरकारों में मंत्री रहे स्वर्गीय गोपीनाथ दीक्षित की बेटी हैं। गोपीनाथ दीक्षित पांच बार विधानसभा का चुनाव जीते थे। आरती के दादा उमा शंकर दीक्षित, गांधी-नेहरू परिवार के काफी नजदीकी थे। केंद्र की कांग्रेस सरकार में वह मंत्री और कर्नाटक व पश्चिमी बंगाल के गवर्नर भी रहे। उमाशंकर दीक्षित दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री स्वर्गीय शीला दीक्षित के ससुर थे। इस तरह से यहां कांग्रेस ने प्रतिष्ठित ब्राह्मण परिवार की सदस्य आरती पर दांव लगाया है।
हैदर अली खान, दो बार की सांसद रहीं बेगम नूर बानो के पोते हैं। नूर बानो के पति जुल्फिकार अली खान उर्फ मिक्की मियां 5 बार सांसद चुने गए थे। हैदर अली खान के पिता काजिम अली भी पांच बार जीतकर प्रदेश विधानसभा में पहुंचे हैं। वह मंत्री भी रह चुके हैं। 2012 में वह इसी सीट से विधायक चुने गए थे लेकिन 2017 में अब्दुल्ला आजम खां से चुनाव हार गए थे जिनकी सदस्यता खत्म होने के बाद चुनाव हो रहा है।
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आरती वाजपेई प्रदेश की कांग्रेस सरकारों में मंत्री रहे स्वर्गीय गोपीनाथ दीक्षित की बेटी हैं। गोपीनाथ दीक्षित पांच बार विधानसभा का चुनाव जीते थे। आरती के दादा उमा शंकर दीक्षित, गांधी-नेहरू परिवार के काफी नजदीकी थे। केंद्र की कांग्रेस सरकार में वह मंत्री और कर्नाटक व पश्चिमी बंगाल के गवर्नर भी रहे। उमाशंकर दीक्षित दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री स्वर्गीय शीला दीक्षित के ससुर थे। इस तरह से यहां कांग्रेस ने प्रतिष्ठित ब्राह्मण परिवार की सदस्य आरती पर दांव लगाया है।
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हैदर अली खान, दो बार की सांसद रहीं बेगम नूर बानो के पोते हैं। नूर बानो के पति जुल्फिकार अली खान उर्फ मिक्की मियां 5 बार सांसद चुने गए थे। हैदर अली खान के पिता काजिम अली भी पांच बार जीतकर प्रदेश विधानसभा में पहुंचे हैं। वह मंत्री भी रह चुके हैं। 2012 में वह इसी सीट से विधायक चुने गए थे लेकिन 2017 में अब्दुल्ला आजम खां से चुनाव हार गए थे जिनकी सदस्यता खत्म होने के बाद चुनाव हो रहा है।
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आरती के जरिये गोपीनाथ की विरासत पर नजर
कांग्रेस ने उन्नाव की बांगरमऊ से आरती वाजपेयी को प्रत्याशी बनाकर एक समय प्रदेश के कद्दावर ब्राह्मण चेहरा और प्रभावशाली मंत्री गोपीनाथ दीक्षित तथा देश के गृहमंत्री रहे स्वण् उमाशंकर दीक्षित की विरासत पर नजर टिकाई है । आरती गोपीनाथ दीक्षित की पुत्री और उमाशंकर दीक्षित की पौत्री हैं । उमाशंकर दीक्षित के भतीजे गोपीनाथ दीक्षित यहां से छह बार विधायक रहे और उन्होंने क्षेत्र में कई विकास कार्य कराए । दिल्ली की मुख्यमंत्री रही शीला दीक्षित, आरती की चाची थीं । उन्होंने उन्नाव के सर्वाधिक पिछड़े इलाके बांगरमऊ में नवोदय विद्यालय, पुलिस ट्रेनिंग सेंटर और बड़ी मंडी बनवाने के साथ अन्य तमाम काम कराए थे ।
मिक्की मियां की तीसरी पीढ़ी मैदान में
रामपुर की स्वार सीट पर नवाब रामपुर रहे जुल्फिकार अली खां उर्फ मिक्की मियां की तीसरी पीढ़ी सियासी पारी शुरू कर रही है। मिक्की मियां रामपुर से पांच बार सांसद रहे। उनके निधन के बाद उनकी पत्नी नूर बानो दो बार सांसद चुनी गईं। उनके बड़े बेटे नवाब काजिम अली उर्फ नवेद मियां भी पांच बार विधायक रहे हैं।
मिक्की मियां की तीसरी पीढ़ी मैदान में
रामपुर की स्वार सीट पर नवाब रामपुर रहे जुल्फिकार अली खां उर्फ मिक्की मियां की तीसरी पीढ़ी सियासी पारी शुरू कर रही है। मिक्की मियां रामपुर से पांच बार सांसद रहे। उनके निधन के बाद उनकी पत्नी नूर बानो दो बार सांसद चुनी गईं। उनके बड़े बेटे नवाब काजिम अली उर्फ नवेद मियां भी पांच बार विधायक रहे हैं।