यूपी चुनाव: सपा से गठबंधन हुआ तो 70-75 सीटों पर लड़ेगी कांग्रेस
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सपा मुखिया मुलायम सिंह यादव की अमर सिंह के साथ शनिवार को मैराथन बैठक के बाद प्रदेश में गठबंधन की अटकलें तेज हो गई हैं। माना जा रहा है कि विधानसभा चुनाव में सपा, कांग्रेस व रालोद से गठबंधन कर सकती है।
मुलायम ने उनसे गठबंधन की स्थिति में सीटों के बंटवारे को लेकर चर्चा की है। शाम को सपा के प्रदेश अध्यक्ष शिवपाल सिंह यादव भी इस बैठक में शामिल हुए।
लखनऊ पहुंचे अमर सिंह सबसे पहले शिवपाल सिंह से मिलने उनके आवास पर गए। दोनों नेताओं के बीच करीब 40 मिनट बातचीत हुई। मुलायम से मिलने के लिए अमर करीब पौने तीन बजे उनके विक्रमादित्य मार्ग स्थित आवास पर पहुंचे। यहां दोनों के बीच देर शाम तक बैठक चली।
शाम को साढ़े छह बजे शिवपाल भी सपा मुखिया के आवास पहुंचे। इसके बाद तीनों नेताओं के बीच बातचीत का दौर चला। समझा जा रहा है कि चुनाव की तैयारियों, गठबंधन की संभावनाओं, प्रत्याशियों के चयन, और नोटबंदी के असर जैसे विषयों पर चर्चा हुई। नोटबंदी के 50 दिन पूरे होने के बाद सपा जनता की तकलीफों को लेकर इस मुद्दे को गरमा सकती है।
कांग्रेस के दावों पर सहमत नहीं सपा
पार्टी सूत्रों के मुताबिक मुलायम की अमर व शिवपाल के साथ लंबी बैठक के बाद भी गठबंधन का पेंच सुलझा नहीं है। गठबंधन की स्थिति में सीटों के बंटवारे को लेकर कांग्रेस के दावे से सपा सहमत नहीं है।
हालांकि इस मुद्दे पर अभी दोनों तरफ से बातचीत की गुंजाइश है। बैठक के बाहर निकले अमर ने गठबंधन को लेकर पत्ते नहीं खोले। बस इतना ही कहा कि इस बारे में नेताजी फैसला करेंगे। वे सुनते सबकी हैं, पर फैसला खुद लेते हैं। अंदर क्या बात हुई यह बाहर बताने की जरूरत नहीं है।
शिवपाल ने भी गठबंधन को लेकर कोई भी टिप्पणी नहीं की। कहा कि इस बारे में राष्ट्रीय अध्यक्ष का फैसला अंतिम होगा। हालांकि चर्चा रही कि गठबंधन में कांग्रेस को 70 से 75 सीटें दी जा सकती हैं।
...लेकिन परिदृश्य से दूर रहे अखिलेश
सपाइयों में चर्चा रही कि पार्टी सुप्रीमो ने गठबंधन और दूसरे अहम मुद्दों पर चर्चा के लिए सीएम अखिलेश यादव को बैठक में क्यों नहीं बुलाया।
क्या अमर के प्रति उनके रुख में तल्खी के चलते अखिलेश को बैठक से दूर रखा गया? या फिर टिकटों के बंटवारे और गठबंधन के मुद्दे पर सीएम तस्वीर से बाहर हैं?
एक नेता का कहना था कि मुलायम के सियासी दांव को समझ पाना आसान नहीं। उधर, राजनीतिक हल्कों में एक चर्चा यह भी है कि कांग्रेस अखिलेश की भूमिका को कमतर करके सपा से गठबंधन को तैयार नहीं है।
गठबंधन की स्थिति में कांग्रेस अखिलेश को सीएम के चेहरे के तौर पर देखना चाहती है। वहीं, सपा का शीर्ष नेतृत्व इस मुद्दे पर किसी दूसरे दल की दखलंदाजी नहीं चाहता है।
उधर, विधायकों को तकनीक से अपडेट कर रहे अखिलेश
इधर सपा मुखिया की बैठक चल रही थी और उधर सीएम अपने सरकारी आवास पर विधायकों व अन्य नेताओं से मिल रहे थे।
शनिवार को भी उन्होंने 65 विधायकों को यूपी-100 की कार्यप्रणाली देखने के लिए भेजा। उन्होंने विधायकों को तकनीक से अपडेट रहने की सलाह दी।
अमर-शिवपाल की मुलायम से मुलाकात से बेफिक्र अखिलेश दिन भर अपने आवास पर विभिन्न आयोजनों में व्यस्त रहे।