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Lucknow News: अक्षय तृतीया पर असमंजस से शादियों पर ग्रहण
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लखनऊ। इस बार अक्षय तृतीया के मुहूर्त पर असमंजस का असर शहर में शादियों के आयोजन पर भी पड़ा है। पिछली बार अक्षय तृतीया पर 1200 से अधिक शादियां शहर में हुई थीं तो इस बार यह संख्या 350 के आसपास रहने के आसार हैं। 19 अप्रैल को अधिकतर शादीघर, लॉन और गेस्ट हाउस की बुकिंग नहीं हुई है, जबकि 20 और 21 अप्रैल को हर दिन एक हजार से अधिक शादियां हैं।
अक्षय तृतीया बैशाख माह के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को मनाई जाती है। इस दिन अबूझ मुहूर्त रहता है, जिसमें नए काम की शुरुआत, विवाह, मुंडन आदि कर सकते हैं। इस वर्ष अक्षय तृतीया के दिन को लेकर कुछ असमंजस रहा।
द्रिक पंचांग के अनुसार, तृतीया तिथि 19 अप्रैल को सुबह 10:49 बजे पर आरंभ हो जाएगी। 20 अप्रैल को सुबह 7:27 बजे तक यह समाप्त हो जाएगी। काशी पंचांग के अनुसार, तृतीया तिथि 19 अप्रैल को दिन में 1:01 मिनट से शुरू होकर 20 अप्रैल की सुबह 10:39 बजे तक है। उदयातिथि के अनुसार, अक्षय तृतीया 20 अप्रैल को है।
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ज्योतिषाचार्य एसएस नागपाल के अनुसार, अक्षय तृतीया 19 अप्रैल को ही है। परशुराम जयंती भी इसी दिन है। इस दिन भगवान विष्णु व मां लक्ष्मी की पूजा की जाती है। ब्रह्मा जी के पुत्र अक्षय कुमार का जन्म भी इसी दिन हुआ था। श्री बद्रीनारायण के पट इसी दिन खुलते हैं और वृंदावन में श्रीबिहारी जी के चरणों के दर्शन वर्ष में इसी दिन होता है।
19 की अपेक्षा 20 और 21 को शादियां ज्यादा
फोटो- विजय कुमार
उत्तर प्रदेश टेंट कैटर्स एंड डेकोरेटर वेलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष विजय कुमार के मुताबिक, अक्षय तृतीया को लेकर असमंजस के कारण 19 के बजाय 20 और 21 अप्रैल को शहर में शादियां अधिक हैं। लखनऊ में 19 को तकरीबन 350 शादियां हैं, जबकि 20 को करीब 1100 और 21 को एक हजार शादियों की बुकिंग है। कुछ लोगों ने सिलिंडर की किल्लत के चलते भी 19 को होने वाली शादियों की तिथि बढ़ाई है।
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अक्षय तृतीया बैशाख माह के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को मनाई जाती है। इस दिन अबूझ मुहूर्त रहता है, जिसमें नए काम की शुरुआत, विवाह, मुंडन आदि कर सकते हैं। इस वर्ष अक्षय तृतीया के दिन को लेकर कुछ असमंजस रहा।
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द्रिक पंचांग के अनुसार, तृतीया तिथि 19 अप्रैल को सुबह 10:49 बजे पर आरंभ हो जाएगी। 20 अप्रैल को सुबह 7:27 बजे तक यह समाप्त हो जाएगी। काशी पंचांग के अनुसार, तृतीया तिथि 19 अप्रैल को दिन में 1:01 मिनट से शुरू होकर 20 अप्रैल की सुबह 10:39 बजे तक है। उदयातिथि के अनुसार, अक्षय तृतीया 20 अप्रैल को है।
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ज्योतिषाचार्य एसएस नागपाल के अनुसार, अक्षय तृतीया 19 अप्रैल को ही है। परशुराम जयंती भी इसी दिन है। इस दिन भगवान विष्णु व मां लक्ष्मी की पूजा की जाती है। ब्रह्मा जी के पुत्र अक्षय कुमार का जन्म भी इसी दिन हुआ था। श्री बद्रीनारायण के पट इसी दिन खुलते हैं और वृंदावन में श्रीबिहारी जी के चरणों के दर्शन वर्ष में इसी दिन होता है।
19 की अपेक्षा 20 और 21 को शादियां ज्यादा
फोटो- विजय कुमार
उत्तर प्रदेश टेंट कैटर्स एंड डेकोरेटर वेलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष विजय कुमार के मुताबिक, अक्षय तृतीया को लेकर असमंजस के कारण 19 के बजाय 20 और 21 अप्रैल को शहर में शादियां अधिक हैं। लखनऊ में 19 को तकरीबन 350 शादियां हैं, जबकि 20 को करीब 1100 और 21 को एक हजार शादियों की बुकिंग है। कुछ लोगों ने सिलिंडर की किल्लत के चलते भी 19 को होने वाली शादियों की तिथि बढ़ाई है।