कलेक्ट्रेट में लाठीचार्ज की होगी न्यायिक जांच
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हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ ने सदर तहसील को चिनहट के देवा रोड स्थित नए परिसर में शिफ्ट किए जाने का विरोध कर रहे वकीलों पर हुए पुलिस लाठीचार्ज की न्यायिक जांच का आदेश दिया है।
हाईकोर्ट के मुख्य न्यायमूर्ति डा. धनंजय यशवंत चंद्रचूड़ और न्यायमूर्ति राजन राय की खंडपीठ ने बुधवार को इस मामले में दाखिल जनहित याचिका की सुनवायी की।
उन्होंने कलेक्ट्रेट परिसर में वकीलों पर हुए लाठीचार्ज घटना की न्यायिक जांच तीन सप्ताह में पूरी करने का निर्देश जिला जज को देते हुए कहा कि पूरे प्रकरण की जांच एडीजे स्तरीय अधिकारी से करायी जाए।
यह जांच रिपोर्ट तीन सप्ताह में तैयार कर कोर्ट द्वारा मामले की सुनवायी के लिए निर्धारित 13अप्रैल की तिथि पर प्रस्तुत होगी।
हाईकोर्ट की खंडपीठ में बुधवार सुबह हुई सुनवायी के दौरान वकीलों पर हुए लाठीजार्च प्रकरण पर पहले सरकार के पक्ष को सुना।
अदालत मांगा जवाब
सरकारी वकील ने कोर्ट को बताया कि नौ मार्च को कलेक्ट्रेट में प्रदर्शन के दौरान वकीलों के उग्र होने व शांति व्यवस्था को भंग किए जाने के बाद एडीएम पश्चिमी एचपी शाही के निर्देश पर ही पुलिस ने वकीलों को खदेडऩे के लिए लाठी फटकारी थी।
सरकारी वकील ने बताया कि वकील सदर तहसील के जर्जर घोषित हो चुके कार्यालय भवन को जनहित में चिनहट स्थित देवा रोड के लेखपाल प्रशिक्षण केंद्र परिसर में शिफ्ट किए जाने के खिलाफ विरोध प्रदर्शन कर रहे थे।
अदालत ने मंगलवार को दाखिल याचिका पर सुनवायी करते हुए मुख्य स्थायी अधिवक्ता आईपी सिंह से पूछा था कि किसके आदेश पर किन हालात में वकीलों पर लाठीचार्ज हुआ था।