गायत्री पर गैंगरेप केस की जांच सीओ हजरतगंज करेंगे
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पूर्व कैबिनेट मंत्री गायत्री प्रसाद प्रजापति पर चित्रकूट की महिला व उसकी बेटी से गैंगरेप और यौन शोषण के मामले की जांच सीओ हजरतगंज अवनीश कुमार मिश्रा को सौंपी गई है।
अब तक मामले की जांच कर रहीं आलमबाग की सीओ अमिता सिंह पर गायत्री का पक्ष लेने और उसे बचाने की कोशिश करने के आरोप लगे थे। रेप पीड़िता ने सीओ और उनके तीन अज्ञात साथियों के खिलाफ चित्रकूट कोतवाली में बेटियों के अपहरण का आरोप लगाते हुए एफआईआर भी दर्ज कराई थी।
एसएसपी मंजिल सैनी ने बताया कि गायत्री प्रजापति और उसके छह साथियों के खिलाफ गौतमपल्ली थाना में दर्ज एफआईआर की विवेचना एडीजी कानून-व्यवस्था ने सीओ आलमबाग को सौंपी थी। विवेचना के दौरान पीड़िता ने उन पर कई आरोप लगाए। यहां तक कि एफआईआर भी दर्ज करा दी। इसके चलते सीओ ने खुद ही विवेचना किसी और को स्थानांतरित करने की मांग की थी।
इस प्रकरण की निगरानी सुप्रीम कोर्ट कर रहा है और उसकी तरफ से पुलिस को कार्रवाई के लिए दिया गया समय भी नजदीक आ रहा है। इसलिए जल्द से जल्द विवेचना खत्म कर चार्जशीट लगानी है। यही वजह है कि सीओ हजरतगंज को विवेचना ट्रांसफर कर दी गई है। चूंकि एफआईआर में पॉक्सो एक्ट भी लगा है, इसलिए महिला थाना की एसओ को सह विवेचक बनाया गया है।
ये है पूरा मामला
गौरतलब है कि गत 18 फरवरी को चित्रकूट निवासी महिला ने गायत्री और उसके साथी अशोक तिवारी, पिंटू सिंह, विकास वर्मा, चंद्रपाल, रूपेश व आशीष शुक्ला के खिलाफ गैंगरेप व नाबालिग बेटी के यौनशोषण का आरोप लगाते हुए एफआईआर दर्ज कराई थी।
उसका कहना था कि करीब तीन साल पहले खनन का पट्टा दिलाने के नाम पर गायत्री और उनके साथियों ने अपने गौतमपल्ली स्थित आवास और पार्क रोड के विधायक निवास में बंधक बनाकर दुष्कर्म किया। बेटी से भी रेप की कोशिश की।
पीड़िता ने डीजीपी तक से शिकायत की लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। बाद में सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर गायत्री और उसके साथियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज हुई थी।
पीड़िता ने विवेचना कर रही सीओ आलमबाग अमिता सिंह पर प्रताड़ित करने और चित्रकूट से अपनी दो बेटियों का अपहरण कर लखनऊ में मनमाना बयान दर्ज कराने का आरोप लगाते हुए चित्रकूट कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई थी।