Lucknow News : सीएम योगी ने कहा, छठी मइया क किरपा आप सब पर बनल रहे, सबकर जीवन खुशहाल रहे
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि छठ प्रकृति और परमात्मा के प्रति कृतिज्ञता ज्ञापित करने का पर्व है क्योंकि इस पर्व पर सभी व्रती महिलाएं सूर्य को अर्क देने के साथ नदियों में दूध भी अर्पित करती हैं। सीएम योगी ने कहा कि जल यह हमारे जीवन का प्रतीक है।
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लोक आस्था के पर्व छठ पूजा पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ रविवार शाम को लक्ष्मण मेला मैदान पहुंचे। जहां वह भोजपुरी समाज के साथ छठ पूजा में शामिल हुए। इस दौरान अखिल भारतीय भोजपुरी समाज के राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रभूनाथ राय ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पुष्पगुच्छ, अंगवस्त्र और स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया।
परिवार खातिर कठिन व्रत रखे वाली माता और बहीनन के हमरे तरफ से विशेष मंगलकामना
मुख्यमंत्री याेगी आदित्यनाथ ने भोजपुरी समाज को संबोधित करते हुए कहा कि छठ पूजा में आईके हमरा बड़ा आनंद महसूस हो रहल बा। सीएम योगी ने अपने अंदाज में भोजपुरी समाज को छठ के पर्व की शुभकामनाएं दी। सीएम योगी ने कहा कि लोक आस्था के महापर्व छठ के आप सब के बहुत बहुत बधाई और शुभकामना। छठी मैया की किरपा आप सब पर बनल रहे, सबकर जीवन खुशाल रहे, आप सब के जीवन में उमंग और उत्साह बनल रहे, परिवार खातिर कठिन व्रत रखे वाली माता और बहीनन के हमरे तरफ से विशेष मंगलकामना।
उन्होंने कहा कि हमारा देश आस्था का देश है। यही आस्था हम सभी को उत्तर से दक्षिण, पूरब से पश्चिम पूरे भारत को एकता के सूत्र में जोड़ती है। इस आस्था ने ही विपरीत परिस्थितियों में पूरे भारत को एकजुट करके रखा है। उन्होंने कहा कि मध्यकाल में विदेशी आक्रांताओं ने धर्म स्थलों को अपवित्र और क्षतिग्रस्त किया था, लेकिन हमारी आस्था ने ही हमारी परंपरा और विरासत को संजाेए रखा है। दुनिया में कई देश ऐसे हैं जिन्होंने अपना भौतिक विकास तो किया, लेकिन परंपरा और विरासत को भूल गए। आज उनके सामने अस्तित्व का संकट खड़ा हुआ है। हमारा देश पर्व और त्योहारों का देश माना जाता है। देशभर में अलग-अलग क्षेत्र में अलग-अलग प्रकार की परंपराएं हैं, जो वहां की लोक आस्था के साथ विशिष्ट आयोजनों से आम जनमानस को अपने साथ जोड़ती है और पूरे देश को एकता के सूत्र में बांधती है। इसी लोक आस्था का परिणाम है कि 500 वर्षों तक राम जन्मभूमि के लिए आंदोलन और संघर्ष हुआ। अंततः विजयश्री प्राप्त हुई और जनवरी में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कर कमल से अयोध्या में श्री राम जन्मभूमि पर भगवान श्री राम के भव्य मंदिर के निर्माण का कार्यक्रम संपन्न होने जा रहा है।
जल को शुद्ध और साफ रखना हमारा दायित्व
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि छठ प्रकृति और परमात्मा के प्रति कृतिज्ञता ज्ञापित करने का पर्व है क्योंकि इस पर्व पर सभी व्रती महिलाएं सूर्य को अर्क देने के साथ नदियों में दूध भी अर्पित करती हैं। सीएम योगी ने कहा कि जल यह हमारे जीवन का प्रतीक है। हम इस जल को शुद्ध और साफ रखें, यह हमारा दायित्व बनता है। ऐसे में आयोजन के बाद आयोजकों का दायित्व बनता है कि वह खुद और प्रशासन की मदद से घाटों की नदियों के स्वच्छता कार्यक्रम से जुड़े। हमे यह भूलना नहीं चाहिये कि जल है तो जीवन है। हम सब जल और प्रकृति की शुद्धता- सौंदर्य को बनाए रखने के लिए जितना प्रयास करेंगे, वह हमारे मानव जीवन के लिए उत्तम होगा। इन सभी कार्यक्रमों के साथ हमें निरंतर जुड़ते रहना चाहिए। सीएम योगी ने अंत में कहा कि छठी मैया का आशीर्वाद आप सभी पर बनल रहे।कार्यक्रम में डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक, मेयर सुषमा खर्कवाल, मुख्य सचिव दुर्गा शंकर मिश्रा, प्रमुख सचिव गृह संजय प्रसाद, विधायक योगेश शुक्ला, भाजपा नेत्री अर्पणा यादव आदि मौजूद रहे।
नदी तट के अलावा घरों, अपार्टमेंट, सोसाइटियों, कॉलोनियों व मोहल्लों में बने अस्थायी कुंड में लोगों ने किया पूजन
भूल चूक हमरी मईया,रखब ना दे अंगिया, देखब हे छठी मईया…, जोड़े जोड़े फलवा सुरुज देव घटवा वे तीवई चढ़ावेले हो...गूंजते छठ गीत, चारों तरफ सजी सुशोभिताएं, बीच-बीच में होती आतिशबाजी, ढोल की धुन पर थिरकते परिवार, लोक संस्कृति की पहचान कलाकारों से सजा मंच, छठ के महापर्व में लोगों की गहरी आस्था को दर्शा रहा था। कमर तक पानी में खड़ी व्रती महिलाओं के चेहरे की चमक निराजल व्रत के तप से मानो और निखर आई हो। सोलह सिंगार, नाके से माथे तक भरा सिंदूर और निराजल व्रत के तप से गोमा का तट भी जगमगा रहा था। लक्ष्मण मेला छठ घाट, झूलेलाल घाट, सांझिया व कुड़ियाघाट पर ऐसा ही नजारा था। वहीं घरों, अपार्टमेंट, कॉलोनी, मुहल्लों में भी कुछ ऐसा ही उल्लास था। रविवार शाम को सभी ने अस्ताचल सूर्य को अर्घ्य दिया व छठी माई की अराधना की।
लखनऊ में अपार्टमेंटों में धूमधाम से छठ मइया की पूजा की गई। किसी अपार्टमेंट में स्वीमिंग पुल को कुंड बनाया गया तो कहीं छत पर टब में पूजा गई। बीबीडी ग्रीन के सनब्रीज 1 अपार्टमेंट में बड़े बॉथटब को कुंड बनाया गया। कुंड में पुष्प व इत्र डालकर महिलाओं ने पूजा की। पारंपरिक वस्त्रों में सजी-धजी महिलाओं ने खूब सेल्फी भी लीं। गोमतीनगर स्थित कल्पतरु अपार्टमेंट में महिलाओं ने अपार्टमेंट के स्वीमिंग पूल को कुंड बनाया। अपार्टमेंट से रामकुमार यादव ने बताया कि महिलाओं ने इस बार बड़े चक ढंग से परिसर में पूजा की। गोमतीनगर के विशाल खंड-1 में उद्यमी संजय सिहं व पत्नी सोनू सिंह ने छत पर कुंड के रूप में बनी नांद में पूजा की। नांद में स्वच्छ जल भरा, उसे चारों तरफ से फूलों और लाइटों से सजाया। संजय सिंह ने बताया कि एक वर्ष पूर्व यह नांद बनवाई थी ताकि घर पर ही पत्नी धूमधाम से पूजा कर सकें।
दोपहर से ही पहुंचने लगे श्रद्धालु
छठ मेला का मुख्य आयोजन लक्ष्मण मेला स्थल पर बने छठ घाट पर हो रहा है। सुबह से ही ठेले वालों ने अपनी-अपनी दुकानें सजा ली थीं, मंच पर कलाकार भी सक्रिय थे और छठ मइया के गीत गूंज रहे थे। पूजा के लिए श्रद्धालुओं का आना दोपहर में शुरू हो गया था। पहुंच कर पूजन की तैयारी करना, सुशोभिता को सजाना और साथ में सेल्फी लेने का सिलसिला लगातार जारी रहा। तीन बजे तक तो पूरा मेला स्थल भर चुका था। पूजन स्थल तक पहुंचने के लिए जमीन तलाशनी पड़ रही थी कि कहां पैर रख-रख कर आगे बढ़ा जाए।
शाम 4.30 बजे तक पानी में उतर चुकीं थीं व्रती महिलाएं
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को छठ मेला घाट पर 4..30 बजे पहुंचना था। इससे पहले सीएम सिक्योरिटी सक्रिय हो चुकी थी। वहीं व्रती महिलाएं भी कमर तक पानी में उतर चुकी थीं। उनके हाथों में सामान को संभालने में सहयोग देने के लिए परिवार के सदस्य भी आसपास खड़े रहे। महिलाओं की सुरक्षा के लिए उनके दोनों तरफ महिला पुलिस कर्मी भी रस्सी थामे पानी में घंटों खड़ी रहीं। इस पल को कैमरों में कैद करने के लिए परिवार के लोग कैमरे, मोबाइल फोन से फोटो खींचने में व्यस्त रहे।
पति को मिली सरकारी नौकरी, पत्नी ने यूं जताया छठ माता का आभार
सांझिया घाट पर पूजन के लिए पहुंचने वाली कमलेशवती ने पति की सरकारी नौकरी लगने पर छठ माता का आभार जताया और साष्टांग दंडवत करते हुए घाट पर पहुंचीं। संतोष ने संतान की कामना में दंडवत की और पूजन स्थल तक पहुंचीं। सांझिया घाट पर पूजन का आयोजन भोजपुरी छठ पूजा समिति की ओर से किया जा रहा है।