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सीएम योगी ने दिए निर्देश : लखनऊ के साथ गोरखपुर, झांसी, गाजियाबाद में होगी जीनोम सिक्वेंसिंग, कोविड हेल्प डेस्क बनाने के निर्देश
Mon, 03 Jan 2022 09:54 PM IST
पंकज श्रीवास्तव
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
Published by: पंकज श्रीवास्तव
Updated Mon, 03 Jan 2022 09:54 PM IST
सार
मुख्यमंत्री ने कहा कि आगामी विधानसभा चुनावों में पुलिस बल की भूमिका को देखते हुए कोविड से बचाव के लिए सभी इंतज़ाम किए जाएं। 10 जनवरी से सभी कोरोना वॉरियर्स, हेल्थकेयर व फ्रंटलाइन वर्कर्स तथा 60 वर्ष से ऊपर की आयु के को.मॉर्बीडिटी वाले नागरिकों को प्री.कॉशन डोज दी जाएगी।
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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ
- फोटो : amar ujala
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विस्तार
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने निर्देश दिया है कि कोविड वैरिएंट की सटीक पहचान के लिए जीनोम सिक्वेंसिंग का दायरा बढाई जाए। इसके लिए केजीएमयू, एसजीपीजीआई के साथ गोरखपुर, झांसी, गाजियाबाद एवं अन्य प्रमुख चिकित्सा संस्थानों में जांच सुविधा शुरू कराई जाए। वह सोमवार को सरकारी आवास पर कोविड की स्थिति की समीक्षा कर रहे थे।
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मुख्यमंत्री ने कहा कि कोरोना प्रोटोकॉल का हर हाल में पालन कराया जाए। लोगों को बचाव के संबंध में जागरूक किया जाए और टीकाकरण की गति बढाई जाए। ओमिक्रॉन वेरिएंट की संक्रामकता के संबंध में विशेषज्ञों का मानना है कि यह वैरिएंट तीव्र संक्त्रसमक है लेकिन पूर्व के वैरिएंट की तुलना में वैक्सीनेटेड लोगों के लिए बड़ा खतरा नहीं है। लोगों में अनावश्यक पैनिक न हों, उन्हें सही, सटीक और समुचित जानकारी दी जाए। जरूरी दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित कर की जाए। घर.घर मेडिकल किट वितरण के लिए पैकेट तैयार कर लिए जाएं।उन्होंने निगरानी समितियों को सक्रिय करने, डोर टू डोर सर्वे, कोरेंटाइन सेंटर आदि की व्यवस्था कराने, सभी जिलों में इंटीग्रेटेड कोविड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर को चालू करने के निर्देश दिए हैं।
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कोविड नियंत्रण के लिए बनी राज्य परामर्शदाता समिति की बैठक मंगलवार को होगी। इसमें स्थिति की समीक्षा कर नई गाइडलाइन तैयार की जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि मार्च- अप्रैल 2021 में प्रदेश में डेल्टा वैरिएंट के संक्त्रस्मण में यह देखा गया था कि जो लोग इससे संक्त्रस्मित होते थे उन्हें रिकवर होने व निगेटिव आने में 15 से 25 दिन का समय लग जाता था। इसमें बहुत अधिक पोस्ट कोविड कॉम्प्लीकेशन्स देखने को मिले थे। ओमीक्त्रसेन के मामले में अब तक इस प्रकार की स्थिति नहीं है। वायरस अब कमजोर पड़ चुका है। फिर भी कोमॉर्बिड लोगों को इस दृष्टि से बहुत सतर्क रहने की आवश्यकता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि बीमारी से जितना भी सावधान और सतर्क रहा जाए, वह बचाव का सर्वोत्तम उपाय है।
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कोविड हेल्प डेस्क बनाने के निर्देश
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि प्रदेश के सभी शासकीय, अर्धशासकीय, निजी, ट्रस्ट आदि संस्थाओं, कंपनियों, शैक्षणिक संस्थानों, कार्यालयों, औद्योगिक इकाइयों में तत्काल प्रभाव से कोविड हेल्प डेस्क क्त्रिस्याशील करा दिया जाए। जरूरत के अनुसार डे केयर सेंटर भी स्थापित हों। बिना स्क्त्रस्ीनिंग व सैनिटाइजेशन के किसी को परिसर में प्रवेश न दें।
हर पुलिसकर्मी को दी जाएगी प्री कॉशन डोज
मुख्यमंत्री ने कहा कि आगामी विधानसभा चुनावों में पुलिस बल की भूमिका को देखते हुए कोविड से बचाव के लिए सभी इंतज़ाम किए जाएं। 10 जनवरी से सभी कोरोना वॉरियर्स, हेल्थकेयर व फ्रंटलाइन वर्कर्स तथा 60 वर्ष से ऊपर की आयु के को.मॉर्बीडिटी वाले नागरिकों को प्री.कॉशन डोज दी जाएगी। ऐसे में पुलिस बल के हर सदस्य को प्री.कॉशन डोज दी जाए