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लोकसभा चुनाव से पहले संसदीय क्षेत्रों को सीएम योगी की सौगात, करोड़ों के प्रोजेक्ट किए मंजूर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Updated Fri, 07 Sep 2018 04:29 PM IST
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सीएम योगी आदित्यनाथ
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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लोकसभा चुनाव की सांगठनिक तैयारियों के बीच तमाम विधायकों को विशेष परियोजनाओं की सौगात दी है। इनमें पांच-पांच करोड़ रुपये की सड़कों के साथ राजकीय इंटर कॉलेज, योग वेलनेस सेंटर, नवीन राजकीय नलकूप की स्थापना जैसे काम शामिल हैं।
मुख्यमंत्री योगी ने पिछले दिनों संसदीय क्षेत्रवार सांसदों व विधायकों से मुलाकात कर क्षेत्र के विकास को लेकर विशेष कार्यों से जुड़े प्रस्ताव लिए थे। अब मुख्यमंत्री की ओर से विधानसभा क्षेत्रवार विशेष स्वीकृत कार्यों के घोषणा संबंधी पत्र विधायकों को भेजे जा रहे हैं।
इसमें बताया गया है कि ये कार्य व परियोजनाएं विभिन्न विभागों द्वारा क्षेत्रों में कराए जाने वाले सामान्य कार्यों के अतिरिक्त हैं। शासन के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि मुख्यमंत्री की इस पहल से प्रत्येक विधायक को छह से आठ करोड़ के काम मिल रहे हैं।
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प्रत्येक संसदीय क्षेत्र में औसत पांच विधानसभा क्षेत्र हैं। इस तरह प्रत्येक संसदीय क्षेत्र में 30 से 40 करोड़ रुपये के नए काम होंगे। ये काम सांसदों द्वारा सांसद निधि से पांच वर्ष में कराए जाने वाले कार्यों से भी अधिक राशि के हैं।
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मुख्यमंत्री योगी ने पिछले दिनों संसदीय क्षेत्रवार सांसदों व विधायकों से मुलाकात कर क्षेत्र के विकास को लेकर विशेष कार्यों से जुड़े प्रस्ताव लिए थे। अब मुख्यमंत्री की ओर से विधानसभा क्षेत्रवार विशेष स्वीकृत कार्यों के घोषणा संबंधी पत्र विधायकों को भेजे जा रहे हैं।
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इसमें बताया गया है कि ये कार्य व परियोजनाएं विभिन्न विभागों द्वारा क्षेत्रों में कराए जाने वाले सामान्य कार्यों के अतिरिक्त हैं। शासन के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि मुख्यमंत्री की इस पहल से प्रत्येक विधायक को छह से आठ करोड़ के काम मिल रहे हैं।
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प्रत्येक संसदीय क्षेत्र में औसत पांच विधानसभा क्षेत्र हैं। इस तरह प्रत्येक संसदीय क्षेत्र में 30 से 40 करोड़ रुपये के नए काम होंगे। ये काम सांसदों द्वारा सांसद निधि से पांच वर्ष में कराए जाने वाले कार्यों से भी अधिक राशि के हैं।
सीएम ने की विधायकों की तारीफ
सीएम योगी आदित्यनाथ
मुख्यमंत्री ने विधायकों की तारीफ की है। उन्होंने कहा है कि विधायकों द्वारा किए गए कार्यों से जनता के बीच सरकार की साख बढ़ी है। उन्होंने विधायकों से कहा है कि वे सरकार के अच्छे कार्यों को जन-जन तक पहुंचाएं। लोगों को बताएं कि किस तरह क्षेत्र व बदलाव के काम किए हैं।
शिलान्यास की तैयारी में जुटने के निर्देश
मुख्यमंत्री ने विधायकों से कहा है कि वे घोषित परियोजनाओं के संदर्भ में जिला स्तर पर संबंधित मंत्री, सांसद और अन्य महत्वपूर्ण पदाधिकारियों के साथ विचार-विमर्श कर शिलान्यास की रूपरेखा बनाएं। इन योजनाओं को जल्द से जल्द शुरू कराएं।
शिलान्यास की तैयारी में जुटने के निर्देश
मुख्यमंत्री ने विधायकों से कहा है कि वे घोषित परियोजनाओं के संदर्भ में जिला स्तर पर संबंधित मंत्री, सांसद और अन्य महत्वपूर्ण पदाधिकारियों के साथ विचार-विमर्श कर शिलान्यास की रूपरेखा बनाएं। इन योजनाओं को जल्द से जल्द शुरू कराएं।
सरकार की विशेष उपलब्धियों को किया साझा
सीएम योगी
सरकार की सात विशेष उपलब्धियों को किया साझा
भेदभाव रहित बिजली : पहले बिजली आपूर्ति में भेदभावपूर्ण नीति लागू थी। चुनिंदा जिलों को वीआईपी दर्जा हासिल था। उनकी सरकार ने पूरे प्रदेश के लिए एक समान बिजली आपूर्ति व्यवस्था लागू की। बिजली से वंचित 45 लाख परिवारों को बिजली कनेक्शन दिया गया।
गड्ढामुक्त सड़कें : एक वर्ष के अंदर एक लाख किलोमीटर से अधिक सड़कों को गड्ढामुक्त कर नया स्वरूप दिया गया। लोगों को अच्छी सड़कें और बेहतर आवागमन की सुविधा मिली।
बेहतर कानून-व्यवस्था : पिछली सरकार में ध्वस्त कानून-व्यवस्था को पटरी पर लाकर कानून का राज स्थापित किया गया। जो उद्यमी प्रदेश को छोड़कर पलायन कर रहे थे, वे आने को उत्सुक हैं। इन्वेस्टर्स समिट में 4.68 करोड़ निवेश के एमओयू और कुछ ही महीनों में 60 हजार करोड़ की परियोजनाओं का धरातल पर उतरना बेहतर कानून-व्यवस्था का प्रमाण।
किसानों की सरकार : 86 लाख किसानों के एक लाख तक ऋण माफ करने के लिए 36 करोड़ रुपये दिए। गेहूं खरीद में दो सत्रों में 13,647.49 करोड़, धान खरीद में 6,663.32 करोड़ व गन्ना मूल्य के 35,122 करोड़ का भुगतान किया। इस तरह करीब 1 लाख करोड़ रुपये एक वर्ष में किसानों के खाते में भेजे गए। विभिन्न योजनाओं में किसानों को दी गई धनराशि इसके अतिरिक्त है।
सभी के लिए आवास बनाने में नंबर वन: पिछली सरकार ने सभी के लिए आवास की व्यवस्था के लिए शुरू की गई प्रधानमंत्री आवास योजना को लागू नहीं किया। इस सरकार ने इस योजना को गति दी और ग्रामीण क्षेत्र में 10.85 लाख व शहरी क्षेत्र में 4.67 लाख आवास मंजूर किए। एक वर्ष में इस योजना में आवास बनाने को लेकर यूपी देश में नंबर एक पर है।
गंगा मैया का गौरवशाली स्वरूप : स्वच्छ भारत मिशन के अंतर्गत 1.22 करोड़ शौचालय का निर्माण कर देश में पहला स्थान प्राप्त किया। अब तक 28,038 गांव खुले में शौच से मुक्त हुए। नमामि गंगे परियोजना में गंगा के किनारे सभी 1605 गांव ओडीएफ हो चुके हैं। यह कार्य गंगा मैया का गौरवशाली स्वरूप फिर से स्थापित करने की दिशा में एक सशक्त कदम है।
भेदभाव रहित बिजली : पहले बिजली आपूर्ति में भेदभावपूर्ण नीति लागू थी। चुनिंदा जिलों को वीआईपी दर्जा हासिल था। उनकी सरकार ने पूरे प्रदेश के लिए एक समान बिजली आपूर्ति व्यवस्था लागू की। बिजली से वंचित 45 लाख परिवारों को बिजली कनेक्शन दिया गया।
गड्ढामुक्त सड़कें : एक वर्ष के अंदर एक लाख किलोमीटर से अधिक सड़कों को गड्ढामुक्त कर नया स्वरूप दिया गया। लोगों को अच्छी सड़कें और बेहतर आवागमन की सुविधा मिली।
बेहतर कानून-व्यवस्था : पिछली सरकार में ध्वस्त कानून-व्यवस्था को पटरी पर लाकर कानून का राज स्थापित किया गया। जो उद्यमी प्रदेश को छोड़कर पलायन कर रहे थे, वे आने को उत्सुक हैं। इन्वेस्टर्स समिट में 4.68 करोड़ निवेश के एमओयू और कुछ ही महीनों में 60 हजार करोड़ की परियोजनाओं का धरातल पर उतरना बेहतर कानून-व्यवस्था का प्रमाण।
किसानों की सरकार : 86 लाख किसानों के एक लाख तक ऋण माफ करने के लिए 36 करोड़ रुपये दिए। गेहूं खरीद में दो सत्रों में 13,647.49 करोड़, धान खरीद में 6,663.32 करोड़ व गन्ना मूल्य के 35,122 करोड़ का भुगतान किया। इस तरह करीब 1 लाख करोड़ रुपये एक वर्ष में किसानों के खाते में भेजे गए। विभिन्न योजनाओं में किसानों को दी गई धनराशि इसके अतिरिक्त है।
सभी के लिए आवास बनाने में नंबर वन: पिछली सरकार ने सभी के लिए आवास की व्यवस्था के लिए शुरू की गई प्रधानमंत्री आवास योजना को लागू नहीं किया। इस सरकार ने इस योजना को गति दी और ग्रामीण क्षेत्र में 10.85 लाख व शहरी क्षेत्र में 4.67 लाख आवास मंजूर किए। एक वर्ष में इस योजना में आवास बनाने को लेकर यूपी देश में नंबर एक पर है।
गंगा मैया का गौरवशाली स्वरूप : स्वच्छ भारत मिशन के अंतर्गत 1.22 करोड़ शौचालय का निर्माण कर देश में पहला स्थान प्राप्त किया। अब तक 28,038 गांव खुले में शौच से मुक्त हुए। नमामि गंगे परियोजना में गंगा के किनारे सभी 1605 गांव ओडीएफ हो चुके हैं। यह कार्य गंगा मैया का गौरवशाली स्वरूप फिर से स्थापित करने की दिशा में एक सशक्त कदम है।