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UP: काशी को केंद्र में रखते हुए बनेगा रीजनल डेवलपमेंट प्लान, सीएम योगी ने महायोजना 2031 पर की बैठक
Sat, 24 Feb 2024 12:54 PM IST
ishwar ashish
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
Published by: ishwar ashish
Updated Sat, 24 Feb 2024 12:54 PM IST
सार
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रामनगर (वाराणसी), मुरादाबाद, हापुड़, रायबरेली, बरेली और लखनऊ के सुनियोजित विकास के लिए महायोजना पर चर्चा की और अफसरों को दिशा-निर्देश दिए।
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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ।
- फोटो : amar ujala
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विस्तार
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के समक्ष शनिवार को उनके सरकारी आवास पर आहूत एक उच्चस्तरीय बैठक में जनपद रामनगर (वाराणसी), मुरादाबाद, हापुड़, रायबरेली, बरेली और लखनऊ की महायोजना 2031 का प्रस्तुतिकरण किया गया। बैठक में मुख्यमंत्री ने कई प्रमुख दिशा-निर्देश दिए।
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उन्होंने कहा कि महायोजना लागू करने में अब देर न हो, स्थानीय जनप्रतिनिधियों, वरिष्ठ अधिकारियों से संवाद कर यथाशीघ्र लागू करें। बहुत से गांव अब नगरीय महायोजना का हिस्सा बने हैं, यह ध्यान रखें कि इन गांवों को ग्रीन लैंड के रूप में घोषित न किया जाए। आबादी की भूमि ग्रीन लैंड नहीं होगी।
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स्टेट कैपिटल रीजन की तर्ज पर वाराणसी को केंद्र में रखते हुए सीमावर्ती जनपदों को जोड़कर एक रीजनल डेवलपमेंट प्लान तैयार किया जाना आवश्यक है। इस संबंध में विस्तृत कार्ययोजना तैयार कर यथाशीघ्र प्रस्तुत करें। मुरादाबाद (गजरौला) के नए मास्टर प्लान में औद्योगिक और व्यावसायिक क्षेत्रों को और विस्तार दें। यहां बहुत संभावनाएं हैं। इसका समुचित उपयोग किया जाना चाहिए। इससे आर्थिकी में सुधार होगा और रोजगार भी सृजित होगा। गजरौला में नवीन बस टर्मिनल और बाईपास मार्गों की आवश्यकता है। इसे महायोजना में शामिल करें। शुद्ध पेयजल के लिए पाइपलाइन और सीईटीपी की स्थापना भी की जाए।
लखनऊ विकास प्राधिकरण की सीमा को पूरे लखनऊ जनपद तक विस्तार दिया जाए। इसके अतिरिक्त, स्टेट कैपिटल रीजन डवलपमेंट अथॉरिटी का गठन हो रहा है। इन प्रयासों से राज्य राजधानी क्षेत्र में सुनियोजित और सुस्थिर विकास की गति मिलेगी। लैंड यूज के बारे में जानकारी सार्वजनिक होनी चाहिए। हर कोई आसानी से किसी भूमि की स्थिति जान सके। हर खसरे के बारे में अपडेट जानकारी ऑनलाइन उपलब्ध होनी चाहिए।
सभी जनपदों की वर्तमान स्थिति तथा भविष्य की आवश्यकताओं का व्यापक अध्ययन होना चाहिए। वहां के पोटेंशियल को देखें। हर जनपद में कुछ न कुछ खास है, उसे प्रोत्साहित करें। महायोजना में इसका ध्यान रखा जाए। स्थानीय शिल्पकला और परंपरागत उत्पादों को प्रोत्साहित करने के लिए क्लस्टर विकसित किया जाए। आईटीआई की स्थापना के लिए इण्डस्ट्रियल एरिया में स्थान दें। इससे युवाओं को व्यावहारिक ज्ञान पाने में अधिक सहजता होगी।
उन्होंने कहा कि विकास प्राधिकरणों को नई संभावनाएं तलाशनी होंगी। नगर निगम के बाहर विस्तार लेना होगा। अपना दायरा बढ़ायें। आय के नए स्रोत सृजित करें। धार्मिक और आध्यत्मिक स्थलों के विकास को महायोजना का हिस्सा बनाएं। इंडस्ट्रियल एरिया में काम करने वाले श्रमिकों को समीप में ही अवासीय सुविधा भी उपलब्ध कराने के प्रयास होने चाहिए।
नगरों में यातायात प्रबंधन एक महत्वपूर्ण विषय है। हमें इसके लिए ठोस प्रयास करने की आवश्यकता है। टैक्सी-ऑटो स्टैंड और स्ट्रीट वेंडर ज़ोन तय होने चाहिए। महायोजना में इसके लिए स्पष्ट भूमि चिन्हित होनी चाहिए। मल्टीलेवल पार्किंग के लिए उपयुक्त स्थान निर्धारित करें। रायबरेली में एम्स की सुविधा है। इसे इस बार महायोजना का हिस्सा बनाएं। नगर में नए टाउनशिप का विकास किया जाना चाहिए। तालाबों और पोखरों व अन्य जलाशयों का संरक्षण हो।