कैबिनेट का फैसला: यूपी के 15 लाख कर्मचारियों को सौगात, एचआरए और सिटी अलाउंस हुआ दोगुना
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लोकसभा चुनाव की सियासी सरगर्मी के बीच प्रदेश सरकार ने सरकारी अफसरों और कर्मचारियों को ‘अच्छे दिनों’ का एहसास कराने की शुरुआत करते हुए मकान किराया भत्ता (एचआरए) और नगर प्रतिकर भत्ता (सीसीए) दोगुना कर दिया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता वाली राज्य कैबिनेट ने मंगलवार को राज्य वेतन समिति की सिफारिशों को मंजूरी दे दी।
बढ़े भत्तों का लाभ एक जुलाई 2018 से मिलेगा और एक अगस्त 2018 को जुलाई के वेतन के साथ भुगतान होगा। इन भत्तों की वृद्धि से सरकार के खजाने पर प्रतिवर्ष 1898 करोड़ रुपये का अतिरिक्त खर्च आएगा।
कैबिनेट बैठक के बाद इस महत्वपूर्ण फैसले की जानकारी वित्त मंत्री राजेश अग्रवाल और अपर मुख्य सचिव वित्त संजीव मित्तल ने बताया कि वर्ष 2008 की दरों पर हुई वृद्घि से सरकार के खजाने पर प्रतिवर्ष 1898 करोड़ रुपये का अतिरिक्त खर्च आएगा।
सरकार के इस फैसले से राज्य के 15 लाख कर्मचारियों को फायदा होगा। जिसमें 5.50 लाख शिक्षक हैं तो एक लाख शिक्षणेत्तर कर्मचारी हैं।
नगर प्रतिकर भत्ता में न्यूनतम 50 रुपये, अधिकतम 450 रुपये का फायदा
- नगर प्रतिकर भत्ता दोगुना किए जाने से कर्मियों को शहरों की श्रेणी व वेतन लेवल के हिसाब से न्यूनतम 50 रुपये और अधिकतम 450 रुपये प्रतिमाह फायदा होगा।
- लेवल 1 में ग्रेड पे 1300 से 1800 तक के कर्मी आते हैं। एक लाख या इससे अधिक आबादी वाले नगरों में कार्यरत इन कर्मियों को वर्तमान में 50 रुपये सीसीए मिल रहा है। अब इन्हें 100 रुपये प्रतिमाह मिलेगा।
- इसी तरह लेवल-9 के व इससे उच्चस्तर के कर्मियों को सर्वाधिक 450 रुपये प्रतिमाह मिलता है। ये 900 रुपये प्रतिमाह पाएंगे।
मकान किराया भत्ता... 365 से 10500 रुपये तक बढ़ेगा एचआरए
- एचआरए का भुगतान शहरों के श्रेणी के आधार पर होता है। वर्तमान में लेवल-1 ग्रेड पे 1800 के कर्मियों को अवर्गीकृत नगरों में सबसे कम 365 रुपये प्रतिमाह भत्ता मिलता है। अब इन्हें 730 रुपये प्रतिमाह मिलेगा।
- वर्गीकृत श्रेणी ए, बी-1 तथा बी-2 के नगरों में कार्यरत सबसे ज्यादा वेतन पाने वाले लेवल-17 मुख्य सचिव वेतनमान वाले अफसरों को सर्वाधिक 10500 रुपये मिल रहा है। अब श्रेणी ए, बी-1 तथा बी-2 की जगह श्रेणी ‘अ’ बना दी गई है। इनका एचआरए दोगुना होकर 21 हजार रुपये हो जाएगा।