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कैबिनेट का फैसला : बनारस के घाट और गोरक्षधाम मंदिर में होगा लाइट एंड साउंड शो

Tue, 25 Sep 2018 10:34 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ Updated Tue, 25 Sep 2018 10:34 PM IST
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cm yogi cabinet approved budget for sound and light show at banaras ghat and gorakshdham temple
बनारस

प्रसाद योजना के तहत वाराणसी के घाटों पर फसाड लाइटिंग की जाएगी। इसके अलावा गोरखपुर स्थित गोरखनाथ मंदिर में स्वदेश दर्शन योजना के अंतर्गत साउंड एंड लाइट शो कराया जाएगा।

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मंगलवार को कैबिनेट की बैठक में फसाड लाइटिंग कार्य केन्द्रीय लोक निर्माण विभाग और साउंड एंड लाइट शो का कार्य टेलीकम्युनिकेशंस कंसलटेंट्स इंडिया से कराने की मंजूरी दी गई।
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राज्य सरकार के प्रवक्ता सिद्धार्थनाथ सिंह ने बताया कि स्वदेश दर्शन योजना के तहत गोरखपुर स्थित गोरखनाथ मंदिर में 4 करोड़ 20 लाख रुपये की लागत से साउंड एंड लाइट शो शुरू कराया जाना है।
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साउंड एंड लाइट शो का कार्य टेलीकम्यूनिकेशंस कंस्लटेंट्स इंडिया से कराया जाएगा। साउंड और लाइट शो को अधिक बेहतर बनाने के लिए मुख्यमंत्री के निर्देश पर कुछ अतिरिक्त कार्य भी कराए जाएंगे। इन कार्यों पर करीब 2.40 करोड़ रुपये का व्यय होगा। इन अतिरिक्त कार्यों को भी टीसीआईएल से कराने की मंजूरी कैबिनेट बैठक में दी गई है।

उन्होंने बताया कि केन्द्रीय पर्यटन मंत्रालय की ओर से वाराणसी के पर्यटन विकास के लिए 51.81 करोड़ के कार्य राजकीय निर्माण निगम के जरिए कराए जा रहे हैं। वाराणसी के कुछ घाटों पर सीपीडब्ल्यूडी की ओर से फसाड लाइटिंग का कार्य कराया जा रहा है।

वाराणसी के मंडल आयुक्त ने सीपीडब्ल्यूडी के कार्र्यों की गुणवत्ता के मद्देनजर निर्माण निगम की ओर से कराए जा रहे कार्यों में से फसाड एवं लाइटिंग एल्यूमिनेशन के कार्य सीपीडब्ल्यूडी से कराने की संस्तुति की है।

मंडल आयुक्त की संस्तुति के आधार पर कैबिनेट ने 62.81 करोड़ की परियोजना में से फसाड एवं लाइटिंग एल्यूमिनेशन के कार्य सीपीडब्ल्यूडी से कराने की मंजूरी दी है।

72 करोड़ की लागत से बनेगा सिधौली-नैमिषारण्य बीपी मार्ग 

सीतापुर में सिधौली-मिश्रिख-पिसांवा-नेरी मार्ग के सिधौली से कल्ली होते हुए नैमिषारण्य बीपी मार्ग के किलोमीटर 134 तक दो लेन पेव्ड शोल्डर के निर्माण को कैबिनेट ने हरी झंडी दे दी है। इस मार्ग की कुल लंबाई 42.60 किमी है।

दो लेन सड़क निर्माण के लिए पैसेंजर कार यूनिट (पीसीयू) मानक में ढील देने पर यह फैसला कैबिनेट में लाया गया था। व्यय वित्त समिति से इस मार्ग की लागत 72.44 करोड़ रुपये स्वीकृत की है। जीएसटी इससे अलग होगा। मार्ग का निर्माण दो साल में पूरा करना होगा। 

स्थानीय निधि लेखा परीक्षा विभाग मुफ्त करेगा ऑडिट

स्थानीय निधि लेखा परीक्षा विभाग और मुख्य लेखा परीक्षा अधिकारी, सहकारी समितियां एवं पंचायतें सभी संस्थाओं और निकायों का ऑडिट निशुल्क करेंगी। संबंधित प्रस्ताव को कैबिनेट ने मंजूरी दे दी है। इस मद पर हर साल करीब 25 करोड़ रुपये का व्यय आता था।

स्थानीय निधि लेखा परीक्षा विभाग द्वारा नगरीय स्थानीय निकायों, विश्वविद्यालयों, शैक्षिक संस्थाओं व अन्य संस्थाओं और मुख्य लेखा परीक्षा अधिकारी सहकारी समितियों व पंचायतों की लेखा परीक्षा करते हैं। इनमें से कई संस्थाएं या तो शासन से अनुदान पा रही हैं या स्थानीय प्राधिकारी घोषित होने से शुल्क या टैक्स कलेक्शन करती हैं। ऑडिट फ्री होने पर ये संस्थाएं शुल्क की राशि विकास कार्यों पर खर्च कर सकेंगी।

गोरखपुर के प्राणि उद्यान के लिए 181.83 करोड़ मंजूर

गोरखपुर में शहीद अशफाक उल्ला खां प्राणि उद्यान के निर्माण के लिए 181.83 करोड़ रुपये के प्रस्ताव को कैबिनेट ने स्वीकृति दे दी है। निर्माणाधीन प्राणि उद्यान का प्रस्तावित क्षेत्रफल 121.34 एकड़ है। सरकारी प्रवक्ता सिद्धार्थनाथ सिंह ने बताया कि गोरखपुर में इसकी स्थापना वर्ष 2008-09 में प्रस्तावित की गई थी। केंद्रीय चिड़ियाघर प्राधिकरण की तकनीकी समिति ने पुनरीक्षित मास्टर (ले-आउट) प्लान का अनुमोदन किया था। परियोजना की वर्तमान लागत 181 करोड़ 82 लाख 95 हजार रुपये है। जीएसटी अलग होगा। उन्होंने कहा कि प्राणि उद्यान के बनने से जहां वन्य जीवों को संरक्षण मिलेगा, वहीं पर्यटकों की आवाजाही बढ़ने से क्षेत्र में रोजगार के  अवसर भी सृजित होंगे। 

पुलिस दंड नियमावली में संशोधन

पुलिस अधिकारियों के दंड व अपील से संबंधित मामलों को तेजी से निपटाने के लिए कैबिनेट ने डीजीपी मुख्यालय के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। सरकारी प्रवक्ता सिद्धार्थनाथ सिंह ने बताया कि ‘उप्र. अधीनस्थ श्रेणी के पुलिस अधिकारियों की दंड और अपील नियमावली 2018’ में संशोधन करते हुए रिव्यू और अपील की जिम्मेदारी डीजी स्तर के अधिकारी को देने की मंजूरी दी गई है। पहले इसका रिव्यू और अपील पर सुनवाई डीजीपी ही करते थे। अब डीजीपी किसी अधिकारी को पुलिस कार्मिकों के प्रत्यावेदन और अपील के लिए नामित कर सकेंगे। नामित अधिकारी डीजी रैंक से कम का नहीं होगा। नियमावली में संशोधन के बाद पुलिस अधिकारियों के प्रत्यावेदन और अपील निस्तारण में तेजी आएगी।

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