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Ayodhya: मुख्यमंत्री योगी ने परमहंस रामचंद्र दास को दी श्रद्धांजलि, हनुमानगढ़ी व रामलला के दरबार में टेका माथा

Sun, 31 Jul 2022 10:50 PM IST
ishwar ashish अमर उजाला नेटवर्क, अयोध्या
अमर उजाला नेटवर्क, अयोध्या Published by: ishwar ashish Updated Sun, 31 Jul 2022 10:50 PM IST
सार

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ रविवार को अयोध्या पहुंचे जहां उन्होंने रामलला और हनुमान गढ़ी के दर्शन किए और विकास कार्यों का जायजा लिया। उन्होंने रामकथा पार्क में बन रहे हेलीपैड के निर्माण कार्य को देखा और फिर चित्रकूट रवाना हो गए७

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CM Yogi Ayodhya Visit Today Will worship at Ram Janmabhoomi Temple Latest News Updates in Hindi
अयोध्या पहुंचे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ। - फोटो : amar ujala

विस्तार

राममंदिर आंदोलन में अग्रणी भूमिका निभाने वाले महंत रामचंद्र दास परमहंस की 19वीं पुण्यतिथि पर रविवार को श्रद्धांजलि देने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अयोध्या पहुंचे। उन्होंने सरयू तट स्थित समाधि स्थल पर परमहंस को पुष्पांजलि अर्पित की। इसके बाद दिगंबर अखाड़ा आए और मंदिर आंदोलन के नायक को नमन किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि रामचंद्र दास परमहंस राममंदिर आंदोलन के महानायक थे।

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दिगंबर अखाड़ा से जुड़ी स्मृतियों को साझा करते सीएम ने कहा कि परमहंस जैसे संतों के बलिदान का ही परिणाम है कि 500 साल के संघर्ष के बाद पीएम नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भव्य राममंदिर का निर्माण हम देख पा रहे हैं। परमहंस का योगदान शब्दों में नहीं बयां किया जा सकता, सदा अविस्मरणीय रहेगा।
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इससे पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के तय कार्यक्रम में सुबह अचानक बदलाव हो गया, वे निर्धारित कार्यक्रम से एक घंटा पहले ही अयोध्या पहुंचे। पूर्वाह्न 11:05 बजे उनका हेलीकॉप्टर रामकथा पार्क स्थित अस्थायी हैलीपैड पर उतरा। यहां दिगंबर अखाड़ा के महंत सुरेश दास, महंत अवधेश दास व महंत डॉ.भरतदास सहित जनप्रतिनिधियों ने उनकी अगवानी की। हेलीकॉप्टर से उतरते ही वे हैलीपैड के समीप स्थित परमहंस के समाधि स्थल पर पहुंचे। जहां समाधि स्थल के व्यवस्थापक आचार्य नारायण मिश्र ने उनका अभिनंदन किया। सीएम योगी ने समाधिस्थल पर जाकर परमहंस को पुष्पांजलि अर्पित की। यहां से वे हनुमानगढ़ी और फिर रामजन्मभूमि गए। इसके बाद वे दिगंबर अखाड़ा पहुंचे। जहां उन्होंने परमहंस के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें नमन किया। महंत सुरेश दास व उनके शिष्य आशुतोष ने अंगवस्त्र व स्मृति चिह्न देकर उनका सम्मान किया।
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श्रद्धांजलि कार्यक्रम में महंत सुरेश दास, महंत डॉ. भरत दास, जगद्गुरु डॉ.राघवाचार्य, महंत धर्मदास, महंत जन्मेजय शरण, पूर्व सांसद डॉ. रामविलास दास वेदांती, महंत अवधेश दास, महंत दिनेंद्र दास, महंत विवेक आचारी, सांसद लल्लू सिंह, कैसरगंज सांसद बृजभूषण शरण सिंह, महापौर ऋषिकेश उपाध्याय, नगर विधायक वेदप्रकाश गुप्ता, रुदौली विधायक रामचंद्र यादव, विहिप के केंद्रीय मंत्री राजेंद्र सिंह पंकज, पुरुषोत्तम नारायण सिंह, शरद शर्मा सहित अन्य मौजूद रहे।

रामलला के दरबार में टेका माथा
सीएम योगी आदित्यनाथ रविवार को हनुमंतलला और श्रीरामलला के दरबार में माथा टेका और राममंदिर निर्माण कार्य की प्रगति भी देखी। राममंदिर ट्रस्ट के महासचिव ने सीएम को मंदिर निर्माण की प्रगति से अवगत कराया।

सीएम योगी आदित्यनाथ सबसे पहले हनुमानगढ़ी पहुंचे। यहां हनुमंतलला को प्रसाद चढ़ाया, पूजा-अर्चना कर आरती उतारी। इसके बाद महंत संतराम दास व निर्वाणी अनी के श्रीमहंत धर्मदास से मुलाकात की। महंत बलरामदास, पार्षद रमेश दास व पुजारी राजूदास द्वारा सीएम योगी का अभिनंदन किया गया। यहां दर्शन-पूजन के उपरांत सीएम योगी रामजन्मभूमि पहुंचे और रामलला की पूजा-अर्चना की। दोपहर की आरती में शामिल होकर आरती उतारी। रामलला के दानपात्र में भी चढ़ावा भी अर्पित किया।

इसके बाद वे राममंदिर निर्माण कार्य स्थल गए। ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने उन्हें राममंदिर निर्माण की प्रगति से अवगत कराया। चंपत राय ने बताया कि प्लिंथ का 70 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है। गर्भगृह की भी महापीठ निर्माण का अंतिम चरण में हैं। इस दौरान ट्रस्ट के सदस्य डॉ. अनिल मिश्र, एडीजी जोन ब्रज भूषण शर्मा, मंडलायुक्त नवदीप रिणवा, डीआईजी अमरेंद्र प्रसाद सिंह, डीएम नितीश कुमार, एसएसपी प्रशांत वर्मा सहित अन्य मौजूद रहे।

संतों के साथ ग्रहण किया भोजन प्रसाद
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने श्रद्धांजलि कार्यक्रम के बाद दिगंबर अखाड़ा में संतों के साथ भोजन प्रसाद भी ग्रहण किया। उनके लिए पनीर व आलू-परवल की सब्जी, चावल, दाल, पूड़ी, रोटी, सलाद, रायता व खीर की व्यवस्था की गई थी। भोजन के बाद उन्हें संत-धर्माचार्यों से विभिन्न मुद्दों पर चर्चा भी की। इसके बाद सीएम योगी चित्रकूट के लिए रवाना हो गए।

स्वच्छ, सुंदर व सुगम बनाई जाए रामनगरी

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ रविवार को अयोध्या के दौरे पर थे। उन्होंने दिगंबर अखाड़ा में रामचंद्र दास परमहंस को श्रद्धांजलि अर्पित करने के बाद रामनगरी के प्रमुख संत-धर्माचार्यों से मुलाकात भी की। इस दौरान संतों का कहना था कि रामनगरी को स्वच्छ, सुंदर व सुगम बनाया जाना चाहिए। सीएम ने भी संतों की बात गंभीरता से सुनी और अफसरों को विकास कार्यों की गति बढ़ाने के निर्देश दिए। चेतावनी देते हुए कहा कि लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

 दिगंबर अखाड़ा में आयोजित कार्यक्रम में जब सीएम ने संतों से अयोध्या के मुद्दों पर चर्चा की तो संतों ने भी कई खामियां गिनाईं। संतों का कहना था कि जो विकास कार्य हो रहे हैं, या आगे होने वाले हैं, उनका प्लान इस तरह बनाए जाए जिससे न सिर्फ अयोध्या वासियों, व्यापारियों, और श्रद्धालुओं को कोई दिक्कत न हो।

महंत डॉ.भरत दास समेत संतों ने कहा कि सड़कों का चौड़ीकरण हो, चाहे सीवर व बिजली तार डालने का काम हो, इन कार्यों की गति इतनी धीमी है कि जो सड़कें खोदी जाती हैं, उन्हें ठीक करने में कई महीने लग रहे हैं। जिससे आवागमन में भारी समस्या होती है। महंत विवेक आचारी ने विकास कार्यों में अधिकारियों की मनमानी की भी शिकायत की। इस पर मुख्यमंत्री ने जिले के और पावर कॉर्पोरेशन के अधिकारियों को सारी समस्याएं दूर करने और विकास कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए।

महंत सुरेश दास ने बताया कि सीएम अयोध्या को स्वच्छ, सुंदर व सुगम बनाने के लिए गंभीर हैं। उन्होंने संतों की बातें सुनीं और अधिकारियों को बुलाकर नाराजगी भी जताई। साफ कहा कि विकास कार्यों में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। विकास कार्य का पैसा विकास कार्य में ही खर्च किया जाना चाहिए। कई संतों की सुरक्षा हटाए जाने पर भी सीएम नाराज हुए। हनुमानगढ़ी में दर्शन के दौरान पार्षद रमेश दास ने नगरनिगम की कार्यप्रणाली की शिकायत की। मुख्यमंत्री ने कहा कि जो भी समस्या है उसे दूर कराया जाएगा।

संतों-महापुरुषों के नाम पर हों चौक-चौराहे
अयोध्या के नयाघाट चौराहे का नाम लता मंगेश्कर के नाम पर किए जाने को लेकर अयोध्या के संत संतुष्ट नहीं हैं। संतों ने कहा कि निश्चित रूप से स्वर कोकिला लता मंगेश्कर भारत की महान शख्सियत हैं लेकिन धर्मनगरी की महत्ता ध्यान दखने की जरूरत है। जगद्गुरु डॉ.राघवाचार्य, महंत अवधेश व विहिप प्रवक्ता शरद शर्मा ने कहा कि अयोध्या में संत तुलसीदास, परमहंस, रामानंदाचार्य की विरासत प्रवाहमान है। ऐसे संतों-महापुरुषों के नाम पर चौक-चौराहे निर्मित किए जाएं। शरद शर्मा ने सुझाव दिया कि अयोध्या श्रीराम की जन्मभूमि है। अयोध्या की पहचान भगवान श्रीराम, मां सरयू, जगद्गुरु रामानंदाचार्य, महाराजा हरिश्चंद्र, दशरथ, भगीरथ, रघु सहित तमाम महापुरुषों से है। ऐसे में इनके नाम से ही यहां के अलग-अलग स्थानों का नामकरण होना चाहिए।

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