UP Election 2022: मुख्यमंत्री योगी ने बताया, मथुरा को लेकर क्या है उनकी योजना
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि अयोध्या, मथुरा और काशी सनातन संस्कृति को मानने वाले लोगों के लिए आस्था का केंद्र हैं और इनका विकास हमारी प्रतिबद्धता है। उन्होंने मथुरा को लेकर अपनी योजनाओं का जिक्र किया।
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अयोध्या और काशी में विकास का जिक्र करने वाले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बताया कि उनकी सरकार मथुरा के विकास के लिए पूरी क्षमता से काम कर रही है। अमर उजाला द्वारा ये सवाल करने पर कि आपके कुछ नेता काशी व अयोध्या के बाद मथुरा की बात कर रहे हैं। मथुरा पर सरकार का क्या प्लान है? पर, मुख्यमंत्री योगी कहते हैं कि मथुरा, काशी या अयोध्या भारत के सनातन धर्म के अनुयायियों की आस्था के केंद्र हैं। इन आस्था के केंद्रों का सम्मान करना व यहां की आध्यात्मिक व सांस्कृतिक धरोहर को संरक्षित करते हुए उसके आर्थिक उन्नयन के लिए सरकार पूरी तन्मयता से कार्य कर रही है। अयोध्या, मथुरा, काशी, विंध्यवासिनी धाम, प्रयागराज, बौद्ध सर्किट से जुड़े स्थलों के भौतिक विकास के साथ आध्यात्मिक उन्नयन के लिए पूरी ईमानदारी व प्रतिबद्धता से काम कर रहे हैं।
यहां पढ़ें: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से अमर उजाला की पूरी बातचीत
आप 80-20 पर चुनाव की बात करते हैं। सबका साथ-सबका विकास में ये 20 फीसदी क्यों नहीं आ पाते हैं?
मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि हमारे संकल्प में सबका साथ और सबका विकास एक मूल मंत्र है। देश के सर्वांगीण विकास और प्रत्येक व्यक्ति के जीवन में खुशहाली लाने का लक्ष्य है। लेकिन, कुछ लोग होते हैं जिन्हें विकास अच्छा नहीं लगता। गरीबों का कल्याण, इंफ्रास्ट्रक्चर का विकास अच्छा नहीं लगता। शांति व सौहार्द अच्छा नहीं लगता। गरीबों व असहायों के हक पर डकैती डालना अपना अधिकार समझते हैं। कमजोरों का शोषण करना, व्यापारियों का उत्पीड़न करना, सरकारी संपत्तियों पर कब्जे करना, अपना जन्मसिद्ध अधिकार समझते हैं। हमारी सरकार अपराधियों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम करती है। आगे भी यह सिलसिला जारी रहेगा।
आवारा गोवंश की वजह से किसान परेशान हैं...
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि 2017 में पहला फैसला बूचड़खानों को बंद करने का किया था। अवैध बूचड़खानों में निराश्रित गोवंश काटे जाते थे। तमाम अवैध गतिविधियां संचालित हो रही थीं। तस्करी भी रोकी। फिर गोवंश के संरक्षण के लिए सरकार तीन स्कीम लेकर आई। पहली, निराश्रित गो आश्रय स्थल की। इसमें सरकार गोशालाओं का सफलतापूर्वक संचालन कर रही है। दूसरी सहभागिता योजना। इसमें कोई भी किसान 4 गोवंश अपने यहां रख सकता है। हर गोवंश पर उसे 900 रुपये मिलते हैं। तीसरा पोषण मिशन के अंतर्गत है। इसमें कुंवारी कन्या, गर्भवती महिला आदि हंै और उनके पास कोई व्यवस्था नहीं है तो ऐसे परिवार को हम एक गाय देते हैं और उसके खर्च के लिए 900 रुपये महीना देते हैं। इससे वह गाय की सेवा कर सकती हैं। आठ लाख गोवंश इस समय गोशालाओं में हैं या सहभागिता योजना या पोषण मिशन के अंतर्गत हैं। हम अन्नदाता किसानों के सम्मान और समृद्धि के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं। हम न गाय कटने देंगे और न ही अन्नदाता की फसल नष्ट होने देंगे। इस संकल्प के साथ काम कर रहे हैं।
यूपी की 25 करोड़ जनता के जीवन में खुशहाली लाना मकसद
यूपी को एक अग्रणी राज्य के रूप में स्थापित करना। 2017 से 2022 के बीच जिन लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए कदम बढ़ाए गए, उन्हें प्राप्त करने के लिए काम करना ताकि यूपी की 25 करोड़ जनता के जीवन में खुशहाली व चेहरे पर चमक लाई जा सके।