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UP News: मुख्यमंत्री योगी बोले- आज नौकरियों में भाई-भतीजावाद नहीं, पारदर्शी चयन होता है
Sun, 23 Apr 2023 10:17 AM IST
ishwar ashish
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
Published by: ishwar ashish
Updated Sun, 23 Apr 2023 10:17 AM IST
सार
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को राज्य लोक सेवा आयोग के अध्यक्षों के दो दिवसीय सम्मेलन का उद्घाटन किया। इस मौके पर उन्होंने प्रदेश में बदले माहौल पर भर्तियों के लिए किए गए बदलाव पर चर्चा की।
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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ।
- फोटो : amar ujala
विस्तार
प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि उत्तर प्रदेश अपनी विशेषता के साथ संभावनाओं के लिए भी जाना जाता है। यूपी में अब नौकरियों में भेदभाव नहीं होता। पारदर्शी चयन से प्रतियोगी चुने जाते हैं। आज प्रदेश की कानून-व्यवस्था नजीर है। ईद की नमाज सड़क पर नहीं ईदगाह में पढ़ी जा रही है।
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मुख्यमंत्री शनिवार को पुलिस मुख्यालय में राज्य लोक सेवा आयोग के अध्यक्षों के दो दिवसीय सम्मेलन के उद्घाटन सत्र को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा, राजनीति में अच्छे और खराब दोनों दौर आते हैं। यूपी को भी इससे गुजरना पड़ा है। राजनीतिक संक्रमण का एक दौर वह भी आया था, जब उत्सवों, महत्सवों के लिए जाने जाने वाले इस प्रदेश को उपद्रव में बदल दिया था। कुछ साल पूर्व तक यह प्रदेश माफियाओं के गिरफ्त में जकड़ा हुआ था। किंतु, जब नौ साल पहले पीएम मोदी ने देश का नेतृत्व संभाला तो यूपी में भी छटपटाहट हुई। छह साल से यहां भी बदलाव आया है। उन्होंने कहा कि पहले राज्य लोक सेवा आयोग, अधीनस्थ सेवा चयन आयोग, चयन बोर्ड, पुलिस भर्ती की परीक्षा में शिकायतों का अंबार था। सैकडों केस चल रहे थे। 1.50 लाख पुलिस के पद खाली थे। भर्तियों में भाई भतीजावाद, जातिवाद था। सामाजिक न्याय का मुखौटा लगाकर योग्यता और प्रतिभा के साथ अन्याय होता था। हमने भर्ती प्रक्रिया को पारदर्शी बनाया। इसमें भेदभाव के लिए कोई जगह नहीं है। अच्छे, ईमानदार अधिकारी तैनात किए। छह साल में 1.64 लाख पुलिस भर्ती की, जिसमें सभी 75 जिलों को प्रतिनिधित्व मिला है।
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उन्होंने कहा कि आज आज प्रदेश में कोई दंगा नहीं होता है। आज ईद है। ईद की नमाज सड़क पर नहीं ईदगाह में पढ़ी जा रही है। कानून का राज सबके लिए समान है। प्रदेश की कानून व्यवस्था आज सबके लिए नजीर बनी है। इस अवसर पर संघ लोक सेवा आयोग के वरिष्ठ सदस्य राजीव नयन चौबे, लेफ्टिनेंट जनरल राज शुक्ला, स्टैंडिंग कमेटी ऑफ नेशनल कांफ्रेंस के अध्यक्ष जोश मैनुएल नोरोन्हा, उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग के अध्यक्ष संजय श्रीनेत, मुख्य सचिव दुर्गा शंकर मिश्रा आदि उपिस्थत रहे। वहीं सम्मेलन के तकनीकी सत्र में विभिन्न आयोगों ने अपनी बेस्ट प्रैक्टिस को साझा किया।
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चयन में कार्य क्षमता, लीडरशिप, आम जनता के प्रति संवेदनशीलता भी परखें
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि अच्छे अधिकारियों के चयन के बेहतर परिणाम मिले हैं। प्रशासनिक टीम ने संवेदनशीलता, प्रतिबद्धता से काम किया। पहले जहां अधिकारियों व जनप्रतिनिधियों में मारपीट, गाली-गलौच होती थी। अब ऐसा नहीं है। सभी के समन्वय से काम होता है। आज पुलिस भय, आतंक नहीं सुरक्षा के लिए जानी जाती है। प्रशासनिक टीम चाहे तो बहुत बदलाव संभव है। इसलिए अच्छा चयन होना चाहिए। उनकी कार्य क्षमता, लीडरशिप, आम जनता के प्रति संवेदनशीलता को भी परखा जाना चाहिए।
अब आयोग कार्यालय का घेराव नहीं होता
मुख्यमंत्री ने कहा कि यूपीपीएससी को लेकर आज भी युवाओं में क्रेज है। अभी हाल में जारी परिणाम में टॉप 10 में 8 लड़किया थीं। हमने बिना भेदभाव के चयन प्रक्रिया को आगे बढ़ाया। इस परिणाम में 75 में 67 जिलों का प्रतिनिधित्व था। यही वजह है की अब प्रयागराज में लोग सेवा आयोग कार्यालय का घेराव नहीं होता है। 2017 से पहले युवा सड़क जाम करता था, आत्महत्या कर लेता था। शुचितापूर्ण भर्ती प्रक्रिया के लिए और क्या किया जा सकता है, इसके लिए आप सभी आयोग के प्रतिनिधि मंथन करें। संघ लोक सेवा आयोग के साथ राज्य लोक सेवा आयोग युवाओं की आकांक्षा को उड़ान दे। अच्छे प्रयोग को जाने और आगे बढ़े। युवा सकारात्मक सोच से आगे बढ़ेगा तो इसका लाभ देश को मिलेगा।
पहले आजमगढ़ के नाम से डरते थे
सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि कोविड काल में 40 लाख से ज्यादा कामगार श्रमिक वापस लौटे। हमने सबको रोजगार दिया। लॉकडाउन में भी हमारे उद्योग धंधे नहीं बंद हुए। आज प्रदेश में इंटर स्टेट कनेक्टिविटी है। पहले लोग आजमगढ़ के नाम से डरते थे। आज वहा एयरपोर्ट, एक्सप्रेस वे है और जल्द ही राज्य विश्वविद्यालय भी खुलने वाला है, ताकि सभी को रोजगार के बेहतर अवसर दे सकें। सीएम ने कहा कि आज सिर्फ सरकारी नौकरी से काम नहीं चलेगा। इसे देखते हुए प्रदेश के 75 जिलों की मैपिंग कराई गई और वहां के अच्छे उत्पादों को पहचान दिलाने के लिए काम किया गया। इसी का नतीजा रहा कि जहां वर्ष 2017 में कुल एक्सपोर्ट 86 हजार करोड़ था, आज वह लगभग दो लाख करोड़ तक पहुंच गया है।