544 अभियंताओं को नियुक्ति पत्र देकर योगी बोले- सपा-बसपा सरकारों ने लटकाई परीक्षाएं व योजनाएं
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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि सपा-बसपा सरकारों की बदनीयती और भाई-भतीजावाद से प्रदेश में विभिन्न परीक्षाएं, नियुक्तियां व परियोजनाएं अटकी हुई थीं। 40-40 साल से सिंचाई परियोजनाएं अटकी हुई थीं, जिन्हें हमारी सरकार ने पूरा कराया। विपक्षी पार्टियों पर निशाना साधते हुए कहा कि उनकी सरकार में महत्वपूर्ण परियोजनाएं सिर्फ लूट-खसोट का जरिया भर थीं।
योगी शनिवार को लोक भवन में उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग की मेरिट के आधार पर चयनित 544 सिविल व यांत्रिक सहायक अभियंताओं को सिंचाई विभाग में तैनाती प्रमाण पत्र दिए जाने के अवसर पर बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि सहायक अभियंताओं के चयन की प्रक्रिया वर्ष 2011 व 2013 में शुरू हुई थी।
लोक सेवा आयोग को यह प्रक्रिया आगे बढ़ानी था, लेकिन पिछली सरकारों की नीयत साफ न होने के कारण इसे अटकाए रखा गया। पिछली सरकारों में यह महत्वपूर्ण परीक्षा बेईमानी और भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ गई। वर्ष 2017 में हमारी सरकार आने पर पारदर्शी तरीके से इस कार्य को आगे बढ़ाया गया।
उन्होंने कहा, हमारी सरकार जिस तरह पूरी शुचिता और पारदर्शी तरीके से आपकी भर्ती और पोस्टिंग कर रही है, उसी तरह आप सभी अपने दैनिक जीवन में इस शुचिता और पारदर्शिता को अंगीकार करें। पिछली सरकारों की गंदगी को एक झटके से साफ करें और सिंचाई विभाग की छवि सुधारने में योगदान करें, इसे नई ऊंचाइयों पर ले जाएं।
उत्तर प्रदेश में उर्वर भूमि और जल संसाधन है। योजनाएं ठीक से लागू हों तो पूरी दुनिया का पेट उत्तर प्रदेश भर सकता है। उन्होंने अभियंताओं से कहा कि बाढ़ नियंत्रण कर जन-धन हानि को रोकना और सिंचाई परियोजनाओं को समयबद्ध ढंग से आगे बढ़ाना होगा।
पिछली सरकारों के एजेंडे में नहीं थे किसान
सीएम ने कहा कि बाणसागर सिंचाई परियोजना 41 वर्षों में पूरी नहीं हो सकी, क्योंकि पिछली सरकारों के एजेंडे में किसान नहीं थे। हमने इस परियोजना को कार्ययोजना बनाकर पूरा किया। इस वित्त वर्ष के अंत तक प्रदेश में सिंचाई सुविधाओं में 14 लाख हेक्टेयर की वृद्धि होगी। लंबित परियोजनाओं को समय से पूरा करके इस काम को अंजाम दिया जाएगा। सिंचाई विभाग ने अयोध्या में राम की पैड़ी में साफ पानी की व्यवस्था करके दिखाई। सिंचाई विभाग की ठोस कार्ययोजना से ही प्रदेश इस बार बाढ़ की चपेट में नहीं आया। तकनीक का सहारा लेकर भ्रष्टाचार पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सकता है।
उन्होंने जल शक्ति मंत्री डॉ. महेंद्र सिंह की तारीफ करते हुए कहा कि उन्होंने ग्राम्य विकास मंत्री रहते हुए पारदर्शी ढंग से ट्रांसफर-पोस्टिंग की जो नींव रखी थी, जल शक्ति विभाग में भी उसे आगे बढ़ा रहे हैं। इस अवसर पर सिंचाई राज्यमंत्री बलदेव सिंह औलख, अपर मुख्य सचिव गृह अवनीश कुमार अवस्थी, सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग के प्रमुख सचिव टी. वेंकटेश, सूचना निदेशक शिशिर और डीएम लखनऊ अभिषेक प्रकाश भी उपस्थित रहे।