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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   CM Yogi Adityanath and many ministers may contest election in UP assembly poll in 2022.

यूपी चुनाव 2022: अयोध्या से विधानसभा चुनाव के मैदान में उतर सकते हैं योगी, दोनों उप मुख्यमंत्री सहित मंत्रियों को भी चुनाव लड़ाने की तैयारी

Sun, 25 Jul 2021 11:34 AM IST
ishwar ashish न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ Published by: ishwar ashish Updated Sun, 25 Jul 2021 11:34 AM IST
सार

मुख्यमंत्री योगी और उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य का कार्यकाल अगले साल जुलाई में समाप्त हो रहा है। इसके मद्देनजर पार्टी के रणनीतिकार कहते हैं कि अगर सरकार बनी तो कुछ महीने बाद ही इन लोगों को फिर से एमएलसी बनाने की कवायद करनी होगी। ऐसे में बेहतर है कि इन्हें विस चुनाव लड़ा दिया जाए तो बाद में उच्च सदन में भेजने की जद्दोजहद नहीं करनी होगी।

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CM Yogi Adityanath and many ministers may contest election in UP assembly poll in 2022.
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, डॉ. दिनेश शर्मा व केशव प्रसाद मौर्य। - फोटो : amar ujala

विस्तार

भाजपा आगामी विधानसभा चुनाव में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और दोनों उप मुख्यमंत्रियों डॉ. दिनेश शर्मा व केशव प्रसाद मौर्य को भी चुनाव लड़ा सकती है। इनके अलावा उन मंत्रियों को भी चुनाव लड़ाया जा सकता है, जो वर्तमान में विधान परिषद सदस्य हैं। इनमें कैबिनेट मंत्री महेंद्र सिंह और प्रदेश भाजपा अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह का नाम शामिल है।

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विपक्षी दलों में बसपा व कांग्रेस जहां अकेले चुनाव लड़ने की घोषणा कर चुकी हैं। जबकि सपा भी प्रगतिशील समाजवादी पार्टी और रालोद व कुछ छोटे दलों को साथ लेकर चुनाव लड़ने की रणनीति पर काम कर रही है। ऐसे में भाजपा भी विपक्ष की रणनीति को देखते हुए अपने कई विधान परिषद सदस्यों को चुनाव मैदान में उतारने की रणनीति पर विचार कर रही है। उन सभी मंत्रियों को चुनाव लड़ने की तैयारी करने का इशारा भी कर दिया गया है जो एमएलसी हैं। पार्टी का मानना है कि बड़े नेताओं के चुनाव लड़ने से आसपास की सीटों पर भी पार्टी के उम्मीदवारों को फायदा हो सकता है।
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मुख्यमंत्री योगी और उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य का कार्यकाल अगले साल जुलाई में समाप्त हो रहा है। इसके मद्देनजर पार्टी के रणनीतिकार कहते हैं कि अगर सरकार बनी तो कुछ महीने बाद ही इन लोगों को फिर से एमएलसी बनाने की कवायद करनी होगी। ऐसे में बेहतर है कि इन्हें विस चुनाव लड़ा दिया जाए तो बाद में उच्च सदन में भेजने की जद्दोजहद नहीं करनी होगी।
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पार्टी सूत्रों का कहना है कि मुख्यमंत्री समेत ऐसे सभी मंत्रियों को चुनाव मैदान में उतारा जाना लगभग तय है, जो एमएलसी हैं और उनका कार्यकाल अगले एक या दो साल में पूरा हो रहा है।

योगी को गोरखपुर या अयोध्या की किसी सीट से चुनाव लड़ाने की चर्चा

सूत्रों की मानें तो मुख्यमंत्री को गोरखपुर या अयोध्या की किसी सीट से चुनाव मैदान में उतारने पर विचार हो रहा है। जबकि उप मुख्यमंत्रियों में केशव मौर्य को कौशांबी के सिराथू और डॉ. दिनेश शर्मा को लखनऊ पश्चिमी से चुनाव लड़ाया जा सकता है। ये सीट विधायक सुरेश श्रीवास्तव के निधन से रिक्त हो चुकी है।

इसी प्रकार जलशक्ति मंत्री मंत्री डॉ. महेंद्र सिंह को भी प्रतापगढ़ की कुंडा सीट से मैदान में उतारने की तैयारी है। यहां से रघुराज प्रताप सिंह उर्फ  राजा भैया लगातार पांच बार से विधायक हैं। चर्चा यह भी महेंद्र सिंह को लखनऊ की सरोजनी नगर या कैंट सीट से भी चुनाव मैदान में उतारा जा सकता है।

सरोजनीनगर से इस समय महिला कल्याण एवं बाल विकास राज्यमंत्री स्वाति सिंह और कैंट से सुरेश तिवारी विधायक हैं। उन्हें किसी अन्य सीट पर शिफ्ट किया जा सकता है। जबकि भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्रदेव को बुंदेलखंड के किसी सीट से चुनाव मैदान में उतारा जा सकता है।

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