यूपी: मुख्यमंत्री योगी बोले- 1990 में भाजपा सरकार होती तो कोई रामभक्तों पर गोली चलाने का दुस्साहस नहीं करता
सीएम योगी आदित्यनाथ ने भाजपा के सामाजिक प्रतिनिधि सम्मेलन में विपक्ष पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि सपा, बसपा और कांग्रेस की सरकारों ने प्रदेश को जातिवाद और दंगों की आग में झोंक दिया था।
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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि 2 नवंबर 1990 को प्रदेश में भाजपा की सरकार होती तो अयोध्या में रामभक्तों पर गोली चलाने का दुस्साहस कोई नहीं करता। विपक्ष पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि रामद्रोहियों ने कारसेवकों पर गोलियां चलवाई, हमें याद रखना होगा कि जो राम के नहीं हो सकते वे हमारे किसी काम के नहीं। मुख्यमंत्री राजधानी के पंचायतीराज सभागार और इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में हुए भाजपा के सामाजिक प्रतिनिधि सम्मेलन में बोल रहे थे।
उन्होंने कहा कि अर्थव्यवस्था मजबूत होगी तो हर एक व्यक्ति के चेहरे पर मुस्कान होगी। व्यापार में शांति और सौहार्द का महत्व व्यापारी वर्ग समझता है। पहले गुंडा टैक्स वसूला जाता था, संपत्ति पर कब्जा किया जाता था, लेकिन कोई उनके खिलाफ बोलता नहीं था। व्यापारी समाज सबसे ज्यादा पीड़ित था।
उन्होंने कहा कि यह देखना होगा कि शांति और सौहार्द के दुश्मन कौन हैं। जब भी उनके हाथ में सत्ता आएगी तो पेशेवर अपराधी और माफिया निर्दोष लोगों व व्यापारियों के जीवन पर खतरे की तरह मंडराएंगे। लेकिन बीते साढ़े चार साल में कोई माफिया खुलेआम नहीं घूम सकता है, किसी व्यापारी की संपत्ति पर कब्जा नहीं कर सकता है। उन्होंने कहा कि पहले जो माफिया सत्ता के संरक्षण में तबाही मचाते थे आज उनकी खुद की तबाही हो रही है।
सपा, बसपा और कांग्रेस ने प्रदेश को दंगों की आग में झोंका
मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि सत्ता को माफिया के हाथ गिरवी रख दिया जाता था। पर अब दुनिया जान चुकी है कि प्रदेश में अपराधियों के प्रति शासन की मंशा क्या है। सीएम ने कहा कि सपा, बसपा और कांग्रेस की सरकारों ने प्रदेश में जातिवाद, परिवारवाद को बढ़ावा देकर दंगों की आग में झोंका था। लेकिन भाजपा सरकार ने साढ़े चार वर्ष में प्रदेश को भय, अपराध और दंगामुक्त कर देश में यूपी के प्रति नई धारणा स्थापित की है। कार्यक्रम में नगर विकास मंत्री आशुतोष टंडन, भाजपा प्रदेश महामंत्री प्रियंका रावत, बृज बहादुर और ओबीसी मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष नरेंद्र कश्यप मुख्य रूप से शामिल थे।
...तो चाचा-भतीजे में होती लूटने की होड़
सीएम ने कहा कि भारत दुनिया का पहला देश है जहां सौ करोड़ लोगों को कोरोना वैक्सीन की पहली डोज लग चुकी है। यदि कोरोना महामारी सपा शासन में आई होती तो चाचा-भतीजे में हड़पने और माफिया को ठेका देने की होड़ मच जाती। कांग्रेस से सहज अंदाजा लगाया जा सकता है। बसपा राज में कोरोना होता तब तो भगवान ही मालिक होते।
उन्होंने सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव को संवेदनहीन करार देते हुए कहा कि सपा शासन में जब बीआरडी मेडिकल कॉलेज में बच्चे इंसेफेलाइटिस से मर रहे थे तब अखिलेश पीड़ित बच्चों से मिलने की बजाय एक मांगलिक कार्यक्रम में जाना जरूरी समझा था।