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मुख्यमंत्री ने प्रभारी मंत्री बनाने में भी तय की सिद्धार्थनाथ व नंदी की हदें, दिया ये संदेश
Fri, 30 Aug 2019 11:41 AM IST
Amulya Rastogi
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Published by: Amulya Rastogi
Updated Fri, 30 Aug 2019 11:41 AM IST
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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ
- फोटो : amar ujala
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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने तबादलों को लेकर चर्चा में आए मंत्रियों को कैबिनेट विस्तार में विभागों की अदला-बदली के जरिए ही संदेश नहीं दिया, बल्कि प्रभारी मंत्री बनाने में भी उनकी हदें तय कर दीं। पहली बार मंत्री बनने पर जहां वे दो-दो जिलों के प्रभारी बनाए गए थे, वहीं बदली परिस्थिति में वे एक जिले तक ही सीमित कर दिए गए। सियासी गलियारे में मुख्यमंत्री के ये फैसले चर्चा का विषय बने हैं।
योगी सरकार के सत्ता में आने पर सिद्धार्थनाथ सिंह को आम जनता से सीधे जुड़े चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग का मंत्री बनाया गया था। मनमाने तबादलों से सरकार की किरकिरी के बाद मंत्रिमंडल विस्तार में सिंह से यह विभाग लेकर खादी, रेशम, वस्त्र, एमएसएमई, निर्यात व निवेश प्रोत्साहन के साथ एनआरआई मंत्री बना दिया गया।
जनता के बीच ये सभी विभाग स्वास्थ्य महकमे के बराबर नहीं माने जाते। इसके बाद प्रभारी मंत्री बनाने का समय आया तब सिद्धार्थनाथ को फिर संकेत दिया गया। मुख्यमंत्री ने उन्हें केवल एक जिले गोंडा का प्रभार मंत्री बनाया है। इसके पहले वह मेरठ जैसे बड़े जिले के साथ बस्ती के भी प्रभारी थे।
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योगी सरकार के सत्ता में आने पर सिद्धार्थनाथ सिंह को आम जनता से सीधे जुड़े चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग का मंत्री बनाया गया था। मनमाने तबादलों से सरकार की किरकिरी के बाद मंत्रिमंडल विस्तार में सिंह से यह विभाग लेकर खादी, रेशम, वस्त्र, एमएसएमई, निर्यात व निवेश प्रोत्साहन के साथ एनआरआई मंत्री बना दिया गया।
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जनता के बीच ये सभी विभाग स्वास्थ्य महकमे के बराबर नहीं माने जाते। इसके बाद प्रभारी मंत्री बनाने का समय आया तब सिद्धार्थनाथ को फिर संकेत दिया गया। मुख्यमंत्री ने उन्हें केवल एक जिले गोंडा का प्रभार मंत्री बनाया है। इसके पहले वह मेरठ जैसे बड़े जिले के साथ बस्ती के भी प्रभारी थे।
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यही स्थिति नंद गोपाल गुप्ता नंदी के साथ हुई। वे भी स्टांप रजिस्ट्रेशन विभाग में तबादलों को लेकर सुर्खियों में आए थे। मुख्यमंत्री ने इस विभाग के 350 से अधिक तबादले रद किए थे। मंत्रिमंडल विस्तार में नंदी से यह महत्वपूर्ण विभाग वापस लेकर उन्हें नागरिक उड्डयन के साथ राजनैतिक पेंशन, अल्पसंख्यक कल्याण, मुस्लिम वक्फ व हज जैसे विभाग दे दिए गए।
नंदी को इस बार मात्र चित्रकूट का प्रभारी मंत्री बनाया गया है। पहले वह मऊ व कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के गढ़ रायबरेली के प्रभारी मंत्री हुआ करते थे। वहीं, तबादलों में गड़बड़ियों की वजह से जनता के बीच सरकार की छवि के साथ हुए खिलवाड़ को किसी कीमत पर आगे बर्दाश्त न करने का संदेश दे दिया है।
स्वतंत्र प्रभार के कई नए मंत्रियों को दिए दो जिले
गौर करने वाली बात ये है कि मुख्यमंत्री ने स्वतंत्र प्रभार वाले दो नए राज्यमंत्रियों को भी दो-दो जिलों का प्रभारी मंत्री बनाया है। मसलन, डॉ. नीलकंठ तिवारी को प्रतापगढ़ व अयोध्या, रवींद्र जायसवाल को संतकबीरनगर व हमीरपुर का प्रभार दिया है।
नंदी को इस बार मात्र चित्रकूट का प्रभारी मंत्री बनाया गया है। पहले वह मऊ व कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के गढ़ रायबरेली के प्रभारी मंत्री हुआ करते थे। वहीं, तबादलों में गड़बड़ियों की वजह से जनता के बीच सरकार की छवि के साथ हुए खिलवाड़ को किसी कीमत पर आगे बर्दाश्त न करने का संदेश दे दिया है।
स्वतंत्र प्रभार के कई नए मंत्रियों को दिए दो जिले
गौर करने वाली बात ये है कि मुख्यमंत्री ने स्वतंत्र प्रभार वाले दो नए राज्यमंत्रियों को भी दो-दो जिलों का प्रभारी मंत्री बनाया है। मसलन, डॉ. नीलकंठ तिवारी को प्रतापगढ़ व अयोध्या, रवींद्र जायसवाल को संतकबीरनगर व हमीरपुर का प्रभार दिया है।