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किसानों पर सीएम ने की 2318 करोड़ की बरसात
अखिलेश वाजपेई/लखनऊ
Updated Sat, 02 Nov 2013 01:25 AM IST
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मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने शुक्रवार को यहां किसानों को 2318 करोड़ रुपये की योजनाओं की सौगात दी।
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अपने सरकारी आवास पर उन्होंने मंडी परिषद के कई कामों के लोकार्पण के साथ ही शिलान्यास किया।
पूर्व मंत्री और पार्टी विधायक राजाराम पांडेय के निधन के चलते लोकार्पण व शिलान्यास समारोह सादगी वाला रहा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पार्टी नेता व पूर्व मंत्री के निधन के चलते वह रिबन नहीं काटेंगे और न अन्य कोई औपचारिकता होगी।
इन सब कामों का शिलान्यास व लोकार्पण मान लिया जाए। कार्यक्रम में मौजूद सभी लोगों ने दो मिनट का मौन रखकर स्व. पांडेय को श्रद्धांजलि दी।
मुख्यमंत्री ने पिछली बसपा सरकार पर निशाना साधा। कहा, उनकी सरकार आने से पहले पांच साल किसानों के लिए कोई काम नहीं हुआ।
किसानों के नाम पर केंद्र से आए धन को निरर्थक कामों पर खर्च कर दिया गया। कई कामों का तो आज पता तक नहीं चल सकता।
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कई योजनाएं ऐसी चलीं, जिनका किसानों को लाभ नहीं मिला। लखनऊ में किसान बाजार बिल्कुल उजाड़ बना दिया गया।
अब मंडियों की व्यवस्था को बेहतर बनाया जा रहा है, जिससे किसानों को अच्छा मूल्य मिल सके और उन्हें अपनी उपज बेचने के लिए बिचौलियों पर निर्भर न रहना पड़े।
आज जिन कामों का शिलान्यास हो रहा है उन सभी को जल्द से जल्द पूरे करने की कोशिश होगी।
हर जिले में बनेंगे किसान बाजार
मुख्यमंत्री ने कहा कि हर जिले में किसान बाजार बनाए जाएंगे। इनकी शुरुआत सैफई, मैनपुरी व झांसी से हो रही है।
इन बाजारों में हर साल एक हजार दुकानों का निर्माण किया जाएगा। झांसी का बाजार सबसे पहले बनकर तैयार होगा। इन बाजारों में किसानों को सभी सुविधाएं मुहैया कराई जाएंगी।
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किसानों की उपज रखने के लिए गोदाम भी इन बाजारों में उपलब्ध होंगे। लखनऊ के अपना बाजार को भी किसान बाजार के नाम से जाना जाएगा।
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इसके आधुनिकीकरण का काम भी आज से शुरू कर दिया गया है। इस सब पर लगभग 140 करोड़ रुपये खर्च आएगा।
कहा कि इन बाजारों में कृषि उत्पादों की जानकारी ऑनलाइन रहेगी। जिसे जगह-जगह प्रदर्शित भी किया जाएगा। जिससे किसानों से कोई बेईमानी न की जा सके।
जरूरत के हिसाब से योजनाएं
मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने कृषि उत्पादन आयुक्त आलोक रंजन से कहा है कि किसानों के लिए योजनाएं, क्षेत्र और उनकी जरूरत के लिहाज से चलाई जाएं।
एक योजना को पूरे प्रदेश में चलाने से कोई फायदा नहीं। जहां गाजर को बढ़ावा देना है तो वहां उसे बढ़ावा दिया जाए।
जहां धान को बढ़ावा देना है तो वहां उसे बढ़ावा दिया जाए। पश्चिम के कई जिलों में बासमती खूब बोया जाता है तो वहां बासमती चावल उत्पादन पर ध्यान दिया जाए।
सिद्धार्थनगर और आसपास ‘काला नमक’ की पैदावार बढ़ाने के लिए किसानों को सुविधा मुहैया कराने की योजना बने।
कहा कि सरकार ने तिल उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए बुंदेलखंड से शुरुआत की है। फिलहाल इसके लिए बांदा का चयन किया गया है।
मंडियों की सफाई पर विशेष ध्यान
मुख्यमंत्री न कहा कि सरकार ने अधिकारियों को मंडियों में बड़े पैमाने पर होने वाली गंदगी से निजात के उपाय तलाशने को कहा है।
मंडी परिषद ने प्रयोग के तौर पर फिलहाल सूबे को दो मंडियों साहिबाबाद (गाजियाबाद) और कानपुर में कूड़ा-कचरा निस्तारण संयंत्र लगाने का फैसला किया गया है।
जनेश्वर मिश्र गांव योजना में सड़कों के निर्माण के लिए लागत को 25 लाख रुपये से बढ़ाकर 40 लाख रुपये कर दिया गया है।
सुगम परिवहन योजना का लोकार्पण
मंख्यमंत्री ने किसानों को अपनी उपज मंडी तक नि:शुल्क पहुंचाने के लिए ‘सुगम फल-सब्जी परिवहन योजना’ का भी प्रारंभ किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि फिलहाल यह योजना पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर कानपुर, कन्नौज, बहराइच, ललितपुर व महोबा में लागू की जा रही है। प्रयोग सफल रहा तो इसे पूरे प्रदेश में लागू किया जाएगा।
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