हमने दरवाजा खोला तो देखते रह जाएंगे, पढ़ें ऐसा क्यों बोले अखिलेश
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विभिन्न पार्टियों में दूसरे दल के नेताओं को शामिल करने की होड़ पर मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने चुटकी लेते हुए कहा कि अगर हम दरवाजा खोल दें तो कितने इधर-उधर से आ जाएं देखते रह जाएंगे।
उन्होंने कानून व्यवस्था पर कहा कि ऐसा आरोप लगने वाले सिर्फ राजनैतिक फायदा उठाना चाहते है। मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने विधानसभा में कानून-व्यवस्था पर सवाल खड़ा करने वालों पर कड़ा पलटवार किया।
उन्होंने कार्यस्थगन प्रस्ताव पर नेता प्रतिपक्ष गयाचरण दिनकर के आरोपों पर हस्तक्षेप करते हुए कहा कि इनके पास कानून-व्यवस्था का कोई सवाल नहीं है।
ये घटनाओं पर राजनैतिक लाभ लेना चाहते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार कानून-व्यवस्था में सुधार को लेकर लगातार काम कर रही है।
अखिलेश ने नेता प्रतिपक्ष पर हमलावर रुख अपनाते हुए कहा कि ये तो पुराने नेता (स्वामी प्रसाद मौर्य) से भी गए गुजरे निकले। मुख्यमंत्री ने दयाशंकर प्रकरण की ओर इशारा करते हुए कहा कि इनकी नेता ने कहा कि मुझे बुआ कहते हो तो भाजपा नेता को गिरफ्तार कराओ।
अखिलेश ने सवालिया लहजे में पूछा कि भाजपा नेता को गिरफ्तार कराया या नहीं। उन्होंने कहा कि इनका सवाल कानून-व्यवस्था का नहीं है। इनके पास कोई सुझाव नहीं है।
महिलाओं के लिए किए बेहतर काम
मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार ने महिलाओं के लिए बेहतर काम करने का प्रयास किया है लेकिन उनकी महिला सीएम ने अच्छी कानून-व्यवस्था के लिए क्या किया?
अखिलेश ने चुनौती वाले लहजे में कहा कि यदि अच्छी कानून-व्यवस्था थी तो वहां (विपक्ष में) क्यों बैठे हैं? उन्होंने कहा कि महिलाओं के लिए कैसा काम हुआ है यह देखना है तो 1090 जाकर देखें। पता चलेगा कि 4 लाख महिलाओं को मदद की गई है।
अखिलेश ने बसपा नेता के भाजपा और सपा के बीच मिलीभगत के आरोपों पर पूछा कि उनकी नेता भाजपा की मदद में गुजरात वोट मांगने गई थीं या नहीं। भाजपा की मदद से सरकार बनाई या नहीं। रक्षाबंधन पर भाजपा नेताओं से राखी बंधवाई या नहीं।
मुख्यमंत्री ने दिनकर की ओर लक्ष्य करते हुए कहा कि आपकी नेता (मायावती) अपनी प्रतिमा लगा रही थीं, वह तो उनके नेता की पेंटिंग लगा रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने चेतावनी वाले लहजे में कहा कि दोनों दमदारी से लड़ना। आपस में मिल न जाना। उन्होंने कहा कि हम दरवाजा खोल दें तो कितने इधर-उधर से आ जाएं, देखते रह जाएंगे।