अखिलेश बोले, हर छह महीने में मुद्दे बदल रहे हैं अच्छे दिन लाने की बात करने वाले
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मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कहा कि एक ओर हमारा काम बोलता है और दूसरी ओर उनका जुमला बोलता है। केंद्र की ढाई साल की सरकार ने जो-जो बातें कहीं, आज तक पूरी नहीं कीं।
अच्छे दिन लाने वाली पार्टी ने हर तीन से छह महीने में अपने मुद्दे बदले हैं। इसलिए आने वाले समय में आपको तय करना होगा कि काम करने वाले लोग लाभ पाएं या सिर्फ जुमला बोलने वाले उत्तर प्रदेश में आ जाएं।
मुख्यमंत्री सोमवार को लोकभवन में रानी लक्ष्मीबाई वीरता पुरस्कार वितरण समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि देशभक्ति का नारा बुलंद करने वालों ने अभी हाल ही सीमा पार सर्जिकल स्ट्राइक की थी। इसके बावजूद आज भी सीमा पर हमारे जवान शहीद हो रहे हैं।
पिछले दो साल में सबसे ज्यादा जवान शहीद हुए हैं, जबकि दूसरी सर्जिकल स्ट्राइक 500 व 1000 के नोट पर की तो पूरा देश आज लाइन में खड़ा है। अभी तक न तो काला धन खत्म हुआ है। न ही भ्रष्टाचार पर लगाम लगेगी और न ही विदेश में जमा धन की कोई जानकारी मिलेगी।
प्रधानपति पत्नियों को दें काम करने का मौका
मुख्यमंत्री ने कहा, हमारी महिला ग्राम प्रधान काफी काम करती हैं लेकिन कई बार उनके पति उसमें कुछ न कुछ अड़ंगा लगाते हैं। मैं प्रधानपतियों से कहूंगा कि वे अपनी प्रधान पत्नी को काम करने का मौका दें।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बगैर आधी आबादी के देश की तरक्की नहीं हो सकती। समाजवादियों की कोशिश रही कि महिलाओं को बराबरी में खड़ा किया जाए। देश में किसी भी सरकार ने महिलाओं के लाभ के लिए इतने फैसले नहीं लिए। कार्यक्रम में राजनैतिक पेंशन मंत्री राजेंद्र चौधरी व मुख्यमंत्री के मुख्य सलाहकार आलोक रंजन भी उपस्थित थे।
तो इसलिए सरकार ने नहीं बांटी साड़ी
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार ने पहले साड़ी देने का फैसला लिया था। फिर यह चर्चा हुई कि साड़ी का इंतजाम कैसे होगा। इसके बाद बात निकलकर आई कि अगर माताओं-बहनों को मनचाहे रंग की साड़ी न मिली तो उनमें सरकार के प्रति नाराजगी हो सकती है। इसलिए हमने साड़ी के बजाय गरीब महिलाओं के लिए समाजवादी पेंशन योजना शुरू की।
मेट्रो की पायलट प्राची व प्रतिभा को भी मिला पुरस्कार
मुख्यमंत्री ने लखनऊ मेट्रो की पायलट प्राची व प्रतिभा को भी रानी लक्ष्मीबाई वीरता पुरस्कार से नवाजा। वायस ऑफ इंडिया किड्स टीवी रियलिटी शो की चैम्पियन 11 साल की निष्ठा शर्मा को भी मुख्यमंत्री ने यह पुरस्कार दिया।
306 महिला ग्राम प्रधानों सहित 403 को रानी लक्ष्मीबाई वीरता पुरस्कार
मुख्यमंत्री ने 306 महिला ग्राम प्रधानों के साथ ही अपने-अपने क्षेत्र में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाली 97 अन्य महिलाओं को भी रानी लक्ष्मीबाई वीरता पुरस्कार दिया। इन सभी को एक-एक लाख रुपये का चेक व प्रशस्ति पत्र दिया गया।
दोनों हाथ गंवाने वाली सीडीपीओ कामिनी भी पुरस्कृत
बाल विकास परियोजना अधिकारी कामिनी श्रीवास्तव को भी मुख्यमंत्री ने रानी लक्ष्मी बाई वीरता पुरस्कार दिया। चार वर्ष की उम्र में ही ट्रेन हादसे में दोनों हाथ गंवाने के बावजूद उन्होंने अर्थशास्त्र व समाजशास्त्र में परास्नातक किया। वे पैरों से ही लिखती हैं और शासकीय काम सामान्य तरीके से निपटाती हैं। महिलाओं व बच्चों पर आधारित उनकी पुस्तक ‘खिलते फूल महकता आंगन’ व कहानी संग्रह ‘डोर’ प्रकाशित हो चुके हैं।