EXCLUSIVE: अब किसी झांसे में आने वाला नहीं...मेरा काम बोलेगा : अखिलेश
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सत्ता में वापसी के संकल्प के साथ ‘समाजवादी विकास रथयात्रा’ शुरू कर रहे मुख्यमंत्री अखिलेश यादव बड़ी साफगोई से कहते हैं, चुनाव में हमारा काम बोलेगा।
राजनीति में अब इतना सीख चुका हूं कि किसी लालच या झांसे में आने वाला नहीं। अब किसी के कहने पर नहीं चलूंगा। अपने फैसले खुद करूंगा। अपनी सरकार के कामों के दम पर ही हम सत्ता में फिर से वापसी करेंगे।
पार्टी में अंदरूनी घमासान पर भी वे बेबाकी से कहते हैं, पार्टी अपनी सरकार के काम पर भरोसा क्यों नहीं कर पा रही है, यह सोचना पार्टी के नेताओं का काम है। कांग्रेस से गठबंधन के मुद्दे पर उनका कहना है, राष्ट्रीय अध्यक्ष का जो भी फैसला होगा, उसे हम मानेंगे।
मुख्यमंत्री अखिलेश ने बुधवार को ‘अमर उजाला’ से खास बातचीत में कहा, रथयात्रा पार्टी का कार्यक्रम है। हम अपनी सरकार के कामों को लेकर लोगों के बीच जा रहे हैं। अपनी उपलब्धियां बताकर चुनाव में समर्थन मांगेंगे।
हमें उम्मीद है कि जनता हमारेकामों का आकलन करके समर्थन देगी। यह पूछे जाने पर कि अब तो उन्हें बिहार के सीएम नीतीश कुमार का भी साथ मिल गया है, क्या दो इंजीनियर मिलकर कोई नई पॉलिटिकल इंजीनियरिंग का आगाज करेंगे? अखिलेश ने कहा- मैं विधानसभा में भी कह चुका हूं कि अपने कामों के बल पर हम फिर सत्ता में आ रहे हैं।
बसपा टूट चुकी है और भाजपा के पास बताने के लिए कोई काम नहीं है। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष इटावा में परिवर्तन यात्रा निकालने पहुंचे तो हमने कहा कि जिस हवाई पट्टी पर वे उतरे, उसे नेताजी ने बनवाया। जिस सड़क से वह गुजरे, उसे हमने बनवाया।
जिस पंडाल में भाषण दिया उसे हमने और नेताजी ने बनवाया। अब वह परिवर्तन यात्रा निकालने सोनभद्र जा रहे हैं। वहां दो बड़े पावर प्लांट हमने दिए। असली परिवर्तन तो हमने किया। वह कौन सा परिवर्तन चाहते हैं?
नेताजी तय करें, किसे कहां रहना है
मुसलमान हमारे साथ
अखिलेश का दावा है, मुसलमान सपा के साथ हैं। वे कहते हैं, मुसलमान चाहते हैं कि सेक्युलर सरकार बने और ऐसी ताकतें हारें जो समाज को तोड़ने और खाई पैदा करने का काम कर रही हैं। बसपा पर निशाना साधते हुए कहते हैं, जो लोग दावा कर रहे हैं कि मुसलमान उनके साथ हैं, उन्हें इसका जवाब देना होगा कि राखी किसको बांधी थी?
गुजरात में जाकर गुजराती में किसके लिए वोट मांगा? कितनी बार मिलकर सरकार बनाई? हम तो सेक्युलर हैं और सेक्युलर रहेंगे। समाजवादी सरकार ने मुसलमानों का भरोसा बनाए रखा है और उनके लिए काम किया है। सरकार हर मौके पर उनके साथ खड़ी दिखाई दी।
उनके लिए सपा से अच्छा विकल्प और कोई नहीं हो सकता। पॉलिटिकली तुलना करेंगे तो वो दावा करेंगे कि हमने टिकट ज्यादा दिए, लेकिन मंत्री किसने ज्यादा बनाए?
नेताजी तय करें, किसे कहां रहना है
प्रदेश अध्यक्ष शिवपाल की दिल्ली में गठबंधन के लिए सक्रियता के पीछे यह सोच तो नहीं कि आप यूपी संभाले और चाचा दिल्ली की राजनीति करें? अखिलेश का जवाब था, यह नेताजी को तय करना है कि कौन कहां रहे। हम जहां हैं, वहां अपना काम कर रहे हैं।
रथयात्रा और रजत जयंती यानी डबल बेनेफिट
अलग-अलग खेमेबंदी के साथ रथयात्रा और रजत जयंती समारोह के आयोजन पर सवाल हुआ तो अखिलेश ने कहा, तीन और पांच नवंबर के कार्यक्रम पहले से तय हैं। तीन को रथ चलना और पांच को सिल्वर जुबली, दोनों पार्टी के कार्यक्रम हैं।
हमारे लोग, हमारी पार्टी के तमाम समर्थक वसहयोगी दोनों कार्यक्रम में रह रहे हैं। यह तो डबल बेनेफिट है। सोचिए आज से ही महोत्सव मनना शुरू हो गया। खासी तादाद में कार्यकर्ता आ रहे हैं। चार-पांच तक रहेंगे। यह तो डेमोक्रेसी का सेलिब्रेशन है। समाजवादियों के एक साथ जुटने का ऐसा मौका कहां मिलेगा।
मैंने सेवा की है मेवा भी मुझे ही मिलेगा
सपा के बर्खास्त महासचिव रामगोपाल यादव रथयात्रा में शामिल नहीं हुए। अखिलेश ने कहा, वे पार्टी में नहीं हैं, इसलिए शामिल तो नहीं हुए लेकिन उनका समर्थन और आशीर्वाद हमारे साथ है। उन्होंने बताया कि आजम खां ने भी उन्हें शुभकामनाओं का पत्र भेजा था।
मुख्यमंत्री अखिलेश यादव का कहना है कि उन्होंने प्रदेश की जनता की सेवा की है इसलिए ‘मेवा’ भी उन्हें ही मिलेगा। अखिलेश के मुताबिक किसी को भाग्य से ज्यादा नहीं मिलता, लेकिन अपना काम तो करना ही पड़ेगा। वे दावा करते हैं कि तमाम विवादों के बाद भी सूबे में समाजवादी पार्टी नंबर वन पर है।
उन्हें ‘समाजवादी विकास रथयात्रा’ एक महीने देर से शुरू होने का मलाल भी है। कहते हैं, अगर पूर्व घोषित कार्यक्रम के अनुसार 3 अक्तूबर को रथयात्रा शुरू हो गई होती, तो विपक्षी दल आज दूर-दूर तक हमारे मुकाबले नजर नहीं आते।
हालांकि इसके रफ्तार पकड़ने के बाद विरोधी दल पीछे ही दिखाई देंगे। अखिलेश का यह भी कहना है कि भाजपा भले ही फिर से हिंदुत्व कार्ड खेलने की कोशिश में लगी हो, लेकिन सेक्युलर हिंदुओं का समर्थन उनके साथ है।
मुख्यमंत्री अखिलेश यादव का दावा है, इतने लड़ाई-झगड़े के बाद भी हमारी पार्टी सबसे आगे है। नंबर दो या तीन पर कौन है, इससे हमें मतलब नहीं। हम निगेटिव पॉलिटिक्स में नहीं पड़ते।
हम कहते हैं कि हमें सरकार बनानी है। कौन हारेगा, कौन कहां रहेगा, ये वही लोग तय करें। समाजवादियों की यूपी में दोबारा सरकार बनने का मतलब है, देश को नई दिशा देना।
सिर्फ काम पर दिया ध्यान
हमारा मुकाबला किसी से नहीं। हम जब फील्ड में होंगे तो आप इसे खुद महसूस करेंगे। ये तमाम दल हमसे बहुत पीछे हैं। अगर यात्रा पहले शुरू हो गई होती, तो ये न जाने कितने पीछे होते। फिर भी हमारी यात्रा शुरू होने पर रफ्तार तेज होगी तो हम उन्हें पीछे कर देंगे।
काम हमारे हैं, उपलब्धियां हमारे साथ हैं। जिले-जिलों में हमारा काम दिख रहा है। उन्नाव में जिस सड़क का उद्घाटन करने जा रहा हूं उसे अंग्रेजों ने बनाई थी। उसके बाद किसी ने नहीं बनाई। 70 हजार लेबर साइकिल से गुजरते हैं उस सड़क से।
शुक्लागंज तक साइकिल ट्रैक बनवाकर लाइट लगवा दी है। 70 हजार में से 20 हजार भी वोट में मदद कर देंगे तो बड़ा फायदा हो जाएगा। हमने लोगों की जरूरत के हिसाब से काम किया है।
अखिलेश ने कहा, भाजपा दावा कुछ भी करे लेकिन सारे हिंदू हमारे साथ हैं। भाजपा वाले दिल्ली में बैठकर देख रहे हैं। उन्हें कुछ पता नहीं। हिंदू धर्म में कहा जाता है, जो सेवा करता है उसे ही मेवा मिलता है। सबसे ज्यादा काम हमने किया है, इसलिए मेवा भी हमें ही मिलेगा।
हमारी सरकार ने जनता को कभी हिन्दू-मुसलमान में बांटकर नहीं देखा, सिर्फ कर्म पर ध्यान दिया। भाजपा वालों ने जनता की क्या सेवा की है, बताएं तो? हमने जनता के बीच काम किया और उनका भरोसा जीता है। जहां तक अयोध्या का सवाल है तो वहां भी सबसे ज्यादा काम हमने कराया है। हमने यह संदेश दिया कि विकास हो सकता है।
यूपी दूसरे प्रदेशों के लिए बनेगा उदाहरण
समय के साथ तकनीक का इस्तेमाल
अखिलेश का कहना है, हमने ज्यादा से ज्यादा लोगों तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाने के लिए टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल किया। मेगा कॉल सेंटर बनाया जिससे हर योजना के बारे में फीडबैक लिया जा सकता है।
इससे प्रशासनिक व्यवस्था व गवर्नेंस को ठीक करने में सहूलियत होगी। ऐसा पहले कभी नहीं हुआ। समाजवादी एंबुलेंस सेवा 102 व108 को भी तकनीक से जोड़ा, जिसका नतीजा है कि फोन करते ही एंबुलेंस पहुंचने लगी हैं। डायल 100 में भी तकनीक का इस्तेमाल करने जा रहे हैं। अब थाने जाने की जरूरत नहीं है। फोन करेंगे, तो पुलिस खुद मदद के लिए पहुंचेगी। समाजवादी पेंशन सीधे खाते में पहुंचती रहेगी।
तकनीक के साथ जो सुविधाएं दी हैं, लोगों को उसका फायदा मिल रहा है। किसानों को डीबीटी का फायदा मिला है। समय की बचत होने के साथ-साथ भ्रष्टाचार पर भी अंकुश लगा है। अब हमारा फोकस स्मार्ट फोन पर है। अब जो एप लॉन्च करेंगे, उसमें जिले के अफसरों के फोन नंबर रहेंगे।
सरकार का एप होगा। जिस अधिकारी का नंबर चाहिए उसे निकालकर स्कीम पूछी जा सकेगी और पंजीकरण कराया जा सकेगा। लैपटॉप के बाद अब स्मार्ट फोन का युग शुरू करने की दिशा में कदम बढ़ाया है।
यूपी बन सकता है मिसाल
अखिलेश ने कहा, हम बता सकते हैं कि प्रदेश में क्या जरूरतें है। युवा नेता, प्रदेश अध्यक्ष और सरकार के रूप में हम काम कर चुके हैं। ब्यूरोक्रेसी से लेकर हर चीज हमें पता है।
बहुत से प्रोजेक्ट तो जगह की जरूरत के हिसाब से शुरू किए गए जो घोषणा पत्र में शामिल नहीं थे। प्रदेश में बहुत काम किया जा सकता है। लोगों की मदद की जा सकती है। पहले तो सरकार में आने के लिए संघर्ष किया और अब अपना काम बताने केलिए जनता के बीच जा रहा हूं।
हम मुख्यमंत्री के रूप में अपनी बात लोगों के बीच रखेंगे तो लोग उसे मानेंगे। उम्मीद है कि यूपी दूसरे प्रदेशों के लिए उदाहरण बनेगा। आज लोगों को बताने के लिए एक्सप्रेस- वे, लखनऊ मेट्रो, लैपटॉप वितरण, समाजवादी पेंशन जैसी योजनाएं सामने हैं। यही योजनाएं लोगों में भरोसा पैदा करेंगी।
भाजपा के सारे फॉर्मूले फेल
चुनाव से पहले माहौल बिगड़ने की कोई आशंका परअखिलेश ने कहा, प्रदेश के लोग जागरूक व समझदार हैं। भाजपा के सारे फॉर्मूले फेल हो चुके हैं। धर्म परिवर्तन, गोसेवा, लव जेहाद- इन सबकी असलियत जनता समझ चुकी है। मैंने तो इस साल के शुरू में ही कहा था कि चुनाव होना है, इसलिए यह साल साजिश और षडयंत्रों का वर्ष है। जनता सब देख रही है।
बिना भेदभाव के किया काम
हम पर इल्जाम लगता है कि मुसलमानों के लिए काम करते हैं। हमने कब्रिस्तान की बाउंड्री बनवाई तो भजन स्थल भी बनवाया। मुगल म्यूजियम बनवाया तो भगवान राम का थीम पार्क भी बनाया। हम बिना भेदभाव के काम करते हैं। कहीं भी हमारे काम में भेदभाव नहीं दिखेगा। जिसके साथ अन्याय हुआ सरकार ने उसकी मदद की।
पार्टी के भरोसे का जवाब नहीं दे पाऊंगा
यह पूछे जाने पर कि आपको तो अपनी उपलब्धियों पर इतना भरोसा है पर पार्टी क्यों नहीं भरोसा कर पा रही है? वह गठबंधन की राह पर है? अखिलेश ने कहा, इसका जवाब मै नहीं दे पाऊंगा।
यह सच्चाई है कि बसपा और भाजपा तो कहीं हमारे मुकाबले में ही नहीं है। मैने तो सदन में भी कहा था, हम वापस आ रहे हैं। उसके बाद के घटनाक्रम में देखिए तब भी हम ही लौटकर आ रहे हैं।
नेता प्रतिपक्ष दूसरे दल में चले गए। रीता बहुगुणा जोशी जैसी सीनियर लीडर कांग्रेस छोड़कर चली गईं। कांग्रेस केनेता हमारे साथ आ गए। बीएसपी कितना टूट गई। भाजपा के पास बताने के लिए कोई काम ही नहीं है।
महागठबंधन के बहाने अमर-शिवपाल पर निशाना
चुनाव से पहले महागठबंधन के सवाल पर अखिलेश ने इशारों-इशारों में अमरसिंह-शिवपाल पर निशाना साधते हुए कहा, एक बार फिर जो बड़ी पिक्चर बन रही है, उसमें बहुत लोगों को मार्केट में अपनी उपयोगिता और विश्वसनीयता भी तो साबित करनी है।
पार्टी के अंदर बात होगी, तो मैं अपनी राय रखूंगा। कौन नहीं चाहता कि सरकार बने। जो सब चाहते हैं, वही हम भी चाहते हैं। हम लड़ भी रहे हैं कम्युनल फोर्सेज से...। सभी चाहते हैं कि कम्युनल फोर्सेज हारें और सेक्युलर फोर्सेंज जीतें।
गठबंधन पर फैसला राष्ट्रीय अध्यक्ष का
कांग्रेस के साथ चुनावी गठबंधन के सवाल पर अखिलेश ने कहा कि इस पर राष्ट्रीय अध्यक्ष ही फैसला करेंगे। प्रशांत किशोर उनसे ही मिले हैं। इस बारे में जब कोई जानकारी नहीं है, तो कुछ कहना भी ठीक नहीं। सांप्रदायिक ताकतों को रोकने केलिए जो भी करना होगा, करेंगे।
सभी सीनियर लीडर को बुलाया है
चुनावी समझौते में कांग्रेस की ओर से 125 सीटें मांगे जाने के सवाल पर अखिलेश ने कहा, राष्ट्रीय अध्यक्ष से क्या बात हुई है इस पर तो हम कुछ नहीं कह सकते। हमारी तो अपनी तैयारी 403 विधानसभा क्षेत्रों में जाने की है। अगर 125 पर नहीं जाना होगा तो समय बच जाएगा। दूसरी विधानसभा सीटों पर दो बार चले जाएंगे।
बताएंगे क्या किया, क्या करेंगे
बकौल अखिलेश, मैं तीसरी बार रथ चला रहा हूं। नेताजी की रथयात्रा को शामिल कर लें, तो यह चौथा अवसर है। 2012 में रथयात्रा पर निकले, थे तो लक्ष्य सत्ता में पहुंचना और पिछली सरकार की कारगुजारियों का पर्दाफाश करना था।
इस बार अपनी सरकार की उपलब्धियों को लेकर जनता के बीच जा रहे हैं और फिर से सत्ता में लौटने का समर्थन मांगेंगे। कम लोग ही इतने बड़े पैमाने पर मास कैंपेन करते हैं।
मेरे जितना जन-अभियान किसी ने नहीं किया। हम अपनी बात बताएंगे। दूसरे दल वाले बताएं कि उन्होंने क्या किया? हम बताएंगे कि शत-प्रतिशत गरीब महिलाओं को समाजवादी पेंशन से जोड़ देंगे।
50 जिले फोरलेन सड़कों से जुड़ गए हैं। जो बचे हैं उन्हें आने वाले समय में कनेक्ट कर देंगे। आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस-वे बनाया जो गाजीपुर तक पहुंच जाएगा। विकास की रफ्तार तेज की है। यूपी ऐसा स्टेट है जहां इन्फ्रास्ट्रक्चर मजबूत हो जाएगा। हम जनता से अपील करेंगे कि दोबारा फिर मौका दें, जिससे प्रदेश को और आगे ले जा सकें।