फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   CM adityanath ordered to stop crime controlled through jails.

सीएम योगी का सख्त आदेश, जेलों में दुर्दांत अपराधियों को मिल रही सुविधा खत्म करें

Tue, 28 Mar 2017 12:23 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ Updated Tue, 28 Mar 2017 12:23 PM IST
विज्ञापन
CM adityanath ordered to stop crime controlled through jails.
मुख्यमंत्री आदित्यनाथ - फोटो : amar ujala

फर्रुखाबाद जेल में हंगामे के बाद मुख्यमंत्री आदित्यनाथ योगी ने इसे गंभीरता से लेते हुए प्रमुख सचिव कारागार देवाशीष पंडा को सख्त निर्देश दिए हैं।

विज्ञापन


मुख्यमंत्री ने साफ कहा है कि किसी भी हाल में जेलों से अपराधों का संचालन बंद हो, वर्ना जेल कर्मियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई होगी।

उन्होंने प्रमुख सचिव और अपर पुलिस महानिदेशक कारागार से कहा है कि ऐसी घटना की पुनरावृत्ति कतई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। साथ ही जेलों में खाने की गुणवत्ता को बेहतर करने और जेल कर्मियों से अच्छा आचरण करने के लिए कहा है।
विज्ञापन


सोमवार को एनेक्सी स्थित कार्यालय में मुख्यमंत्री ने प्रमुख सचिव कारागार को तलब किया और फर्रुखाबाद जेल में हुई घटना की पूरी जानकारी ली।

उन्होंने कहा, दुर्दांत अपराधियों को कड़ी निगरानी में रखा जाए। जेलों में अगर किसी को कोई सुविधा मिल रही है तो वह तत्काल समाप्त होनी चाहिए। महिला कैदियों की सुरक्षा और बाल कैदियों के सुधार के बारे में भी मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए।

विज्ञापन
विज्ञापन

निर्देश मिलते ही एक्‍शन में आए अफसर

CM adityanath ordered to stop crime controlled through jails.

मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद प्रमुख सचिव कारागार देवाशीष पंडा ने विभाग के एडीजी गोपाल लाल मीणा समेत वरिष्ठ अधिकारियों के साथ मीटिंग की। कहा, व्यवस्थाएं दुरुस्त करने केलिए जेलों की सघन छापेमारी का अभियान चलाया जाए।

किसी भी दशा में जेलों में मोबाइल का प्रयोग बंद हो। जिन जेलों में कैदियों की संख्या अधिक है, वहां के कैदियों को नई बन रही जेलों में स्थानांतरित किया जाए। एडीजी ने बताया कि प्रदेश में एक दर्जन से अधिक कारागार निर्माणाधीन हैं।

उन्होंने बताया कि अंबेडकरनगर, संतकबीर नगर, रामपुर, इलाहाबाद, चित्रकूट, सोनभद्र, बागपत, शामली, कासगंज, बलरामपुर, श्रावस्ती और हापुड़ में नई जेलों का काम अंतिम दौर में चल रहा है। सोनभद्र का काम पूरा हो चुका है।

अम्बेडकरनगर और चित्रकूट में 90 प्रतिशत से अधिक काम पूरा हो चुका है। कई जेलों को स्थानांतरित करने की प्रक्रिया भी शुरू हो चुकी है। मौजूदा समय प्रदेश के विभिन्न जेलों में कैदियों की संख्या 94 हजार से अधिक है। जिन जेलों में सबसे अधिक कैदी हैं उसमें राजधानी लखनऊ, बरेली सेंट्रल जेल, मेरठ, आगरा, वाराणसी, गाजियाबाद, अलीगढ़ और नोएडा की जेल शामिल है।

12 जेलों में लगे हैं जैमर

CM adityanath ordered to stop crime controlled through jails.

गृह विभाग के सचिव मणि प्रसाद मिश्रा ने बताया कि अब तक प्रदेश की 12 जेलों में मोबाइल का इस्तेमाल पूर्ण रूप से प्रतिबंधित करने के लिए जैमर की व्यवस्था की गई है।

अन्य 12 जेलों में भी जैमर लगाने की प्रक्रिया चल रही है। साथ ही अब तक 25 जेलों को सीसीटीवी कैमरों से लैस कर दिया गया है। अन्य को भी किया जा रहा है।

भर्ती होंगे 2700 बंदीरक्षक
एडीजी जेल ने बताया कि जेलों में निर्धारित पदों के अनुरूप कर्मियों की कमी है। इसके लिए भर्ती प्रक्रिया पुलिस भर्ती बोर्ड द्वारा की जाएगी। विभाग में बंदीरक्षक के लगभग 45 प्रतिशत पद खाली हैं।

जेलों में कैदियों को संभालने के लिए छह हजार से अधिक बंदीरक्षकों की आवश्यकता है। 2700 बंदीरक्षकों की नियुक्ति जल्द शुरू होगी। इसके लिए सभी औपचारिकताएं पूरी कर भर्ती बोर्ड को भेजी जा चुकी हैं। अन्य पदों को भी सीधी भर्ती औैर प्रोन्नत के माध्यम से भरने की प्रक्रिया चल रही है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed