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यूपी की पहली कैबिनेट बैठक का जनता को इंतजार, इन वादों पर टिकी हैं निगाहें
राजेंद्र सिंह/अमरउजाला, लखनऊ
Updated Tue, 21 Mar 2017 03:06 PM IST
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आदित्यनाथ
- फोटो : amar ujala
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भाजपा सरकार बनने के बाद मुख्यमंत्री आदित्यनाथ योगी एक्शन में आ गए हैं। भाजपा ने चुनाव में जिन चार कामों का खूब प्रचार किया, उन पर सरकार बनते ही अमल का वादा किया है।
इस पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं। इनमें किसानों की कर्जमाफी, यांत्रिक कत्लखानों पर रोक, एंटी रोमियो स्क्वायड का गठन और 7 दिन में भूमाफिया से कब्जे छुड़वाने की बातें प्रमुख हैं। इन सभी के लिए संबंधित विभाग कार्ययोजना बना रहे हैं। पहली कैबिनेट बैठक में ही इनसे जुड़े फैसले होने हैं। इसी बीच लखनऊ में छेड़छाड़ रोकने के लिए कुछ जगहों पर एंटी रोमियो स्क्वायड तैनात भी कर दिया गया।
कार्ययोजना बनाने मे जुटे संबंधित विभाग पहली कैबिनेट बैठक को जनता का इंतजार
कर्जमाफी : खर्च करना होगा 60 हजार करोड़
भाजपा ने चुनाव के दौरान लघु व सीमांत किसानों के फसली ऋण पहली कैबिनेट बैठक में माफ करने का वादा किया था। मुख्यमंत्री महंत आदित्यनाथ योगी ने शपथ लेने के बाद इस वादे को पहली बैठक में ही निभाने की बात दोहराई है।
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सूबे के किसानों पर करीब 92,121 करोड़ रुपये फसली ऋण बकाया है। इनमें लघु व सीमांत किसानों की संख्या 92 फीसदी है। प्रदेश में सितंबर-2016 तक बैंकों में 1,26,889.34 करोड़ रुपये कृषि ऋण बकाया था। इसमें 92,121.85 करोड़ रुपये फसली ऋण है।
यह रकम सभी श्रेणी के किसानों द्वारा लिए गए ऋण की है। बताया जाता है करीब 60 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा लघु व सीमांत किसानों का फसली ऋण होगा। सरकार को इस भारी भरकम रकम का बंदोबस्त करना होगा।
‘भाजपा की प्रदेश इकाई ने लघु और सीमांत किसानों के कर्ज माफ करने का फैसला लिया है। मैं खुद देखूंगा कि पहली कैबिनेट की बैठक में किसानों का यह वादा पूरा हो।’ - नरेंद्र मोदी, प्रधानमंत्री
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इस पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं। इनमें किसानों की कर्जमाफी, यांत्रिक कत्लखानों पर रोक, एंटी रोमियो स्क्वायड का गठन और 7 दिन में भूमाफिया से कब्जे छुड़वाने की बातें प्रमुख हैं। इन सभी के लिए संबंधित विभाग कार्ययोजना बना रहे हैं। पहली कैबिनेट बैठक में ही इनसे जुड़े फैसले होने हैं। इसी बीच लखनऊ में छेड़छाड़ रोकने के लिए कुछ जगहों पर एंटी रोमियो स्क्वायड तैनात भी कर दिया गया।
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कार्ययोजना बनाने मे जुटे संबंधित विभाग पहली कैबिनेट बैठक को जनता का इंतजार
कर्जमाफी : खर्च करना होगा 60 हजार करोड़
भाजपा ने चुनाव के दौरान लघु व सीमांत किसानों के फसली ऋण पहली कैबिनेट बैठक में माफ करने का वादा किया था। मुख्यमंत्री महंत आदित्यनाथ योगी ने शपथ लेने के बाद इस वादे को पहली बैठक में ही निभाने की बात दोहराई है।
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सूबे के किसानों पर करीब 92,121 करोड़ रुपये फसली ऋण बकाया है। इनमें लघु व सीमांत किसानों की संख्या 92 फीसदी है। प्रदेश में सितंबर-2016 तक बैंकों में 1,26,889.34 करोड़ रुपये कृषि ऋण बकाया था। इसमें 92,121.85 करोड़ रुपये फसली ऋण है।
यह रकम सभी श्रेणी के किसानों द्वारा लिए गए ऋण की है। बताया जाता है करीब 60 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा लघु व सीमांत किसानों का फसली ऋण होगा। सरकार को इस भारी भरकम रकम का बंदोबस्त करना होगा।
‘भाजपा की प्रदेश इकाई ने लघु और सीमांत किसानों के कर्ज माफ करने का फैसला लिया है। मैं खुद देखूंगा कि पहली कैबिनेट की बैठक में किसानों का यह वादा पूरा हो।’ - नरेंद्र मोदी, प्रधानमंत्री
केंद्र में सरकार होने का फायदा
डेमो
- फोटो : demo pic
कैबिनेट प्रस्ताव पर विचार-विमर्श शुरू
सरकार ने इस वादे पर अमल के लिए खर्च के वास्तविक आकलन का काम शुरू कर दिया है। फैसले के लिए कैबिनेट नोट तैयार है। इस पर संबंधित विभागों से विचार-विमर्श चल रहा है। कैबिनेट कर्जमाफी की कट ऑफ डेट तय करेगी जिसके आधार पर कर्जमाफी का वास्तविक आकलन हो सकेगा।
केंद्र में सरकार होने का फायदा
कर्जमाफी पर खर्च होने वाली भारी-भरकम रकम यदि सूबे के बजट से खर्च की नौबत आती तो सरकार के दूसरे तमाम वादों के लिए पैसे की तंगी हो जाती। मगर, केंद्र में भी भाजपा सरकार होने का प्रदेश सरकार को फायदा मिलना तय है। केंद्रीय कृषि मंत्री ने यूपी में कर्जमाफी पर पड़ने वाला बोझ केंद्र सरकार द्वारा उठाने का एलान किया है। ऐसे में नई सरकार की बड़ी चिंता दूर हो गई है।
सरकार ने इस वादे पर अमल के लिए खर्च के वास्तविक आकलन का काम शुरू कर दिया है। फैसले के लिए कैबिनेट नोट तैयार है। इस पर संबंधित विभागों से विचार-विमर्श चल रहा है। कैबिनेट कर्जमाफी की कट ऑफ डेट तय करेगी जिसके आधार पर कर्जमाफी का वास्तविक आकलन हो सकेगा।
केंद्र में सरकार होने का फायदा
कर्जमाफी पर खर्च होने वाली भारी-भरकम रकम यदि सूबे के बजट से खर्च की नौबत आती तो सरकार के दूसरे तमाम वादों के लिए पैसे की तंगी हो जाती। मगर, केंद्र में भी भाजपा सरकार होने का प्रदेश सरकार को फायदा मिलना तय है। केंद्रीय कृषि मंत्री ने यूपी में कर्जमाफी पर पड़ने वाला बोझ केंद्र सरकार द्वारा उठाने का एलान किया है। ऐसे में नई सरकार की बड़ी चिंता दूर हो गई है।
कत्लखानों पर रोक की कवायद तेज
डेमो
- फोटो : अमर उजाला
भाजपा अध्यक्ष अमित शाह के वादे के अनुरूप सीएम के शपथ लेने के बाद आधी रात से पहले यांत्रिक स्लॉटर हाउस बंद नहीं हुए लेकिन इन पर ताला लगाने की कवायद तेज हो गई है। इससे संबंधित फाइल लगभग तैयार कर ली गई है। जल्द ही इस बारे में आदेश जारी हो सकता है।
वैसे तो चुनाव परिणाम आने के साथ ही अधिकारियों ने स्लॉटर हाउस बंद करने की कसरत शुरू कर दी थी, लेकिन आदित्यनाथ के मुख्यमंत्री बनते ही इस दिशा में प्रयास तेज कर दिए गए हैं।
इसे अंजाम तक पहुंचाने के लिए अपर मुख्य सचिव संजीव शरण को नोडल अधिकारी नामित किया गया है। उनकी देखरेख में नगर विकास विभाग समेत अन्य संबंधित अधिकारी दो दिनों से लगातार मंथन में जुटे हैं।
यांत्रिक स्लॉटर हाउसों को बंद करने पर अधिकारियों की टीम कानूनी पहलुओं पर विचार कर रही है, ताकि आदेश जारी होने के बाद किसी तरह की कानूनी अड़चन सामने न आए। कानूनी बिंदुओं की समीक्षा का काम लगभग पूरा हो चुका है।
सोमवार को अधिकारियों की टीम ने इस मुद्दे पर विचार-विमर्श किया है। सूत्रों का कहना है कि नोडल अधिकारी ने इससे संबंधित फाइल तैयार भी कर ली है। इसलिए संभावना है कि जल्द ही इस बाबत आदेश जारी हो सकता है।
सूबे में अधिकृत तौर पर चल रहे स्लॉटर हाउसों में 44 यांत्रिक हैं। शेष का संचालन मैनुअल हो रहा है। खास बात यह कि यांत्रिक स्लॉटर हाउस स्थानीय जरूरतों को पूरा करने के बजाय विदेशों में ‘बीफ’ भेजने का कारोबार करते हैं। इनमें सबसे अधिक 6 मेरठ और 4 अलीगढ़ में चल रहे हैं।
‘जिस दिन भाजपा का मुख्यमंत्री शपथ लेगा, उसी दिन रात को 12 बजे से पहले यांत्रिक कत्लखाने बंद कर दिए जाएंगे’- अमित शाह
वैसे तो चुनाव परिणाम आने के साथ ही अधिकारियों ने स्लॉटर हाउस बंद करने की कसरत शुरू कर दी थी, लेकिन आदित्यनाथ के मुख्यमंत्री बनते ही इस दिशा में प्रयास तेज कर दिए गए हैं।
इसे अंजाम तक पहुंचाने के लिए अपर मुख्य सचिव संजीव शरण को नोडल अधिकारी नामित किया गया है। उनकी देखरेख में नगर विकास विभाग समेत अन्य संबंधित अधिकारी दो दिनों से लगातार मंथन में जुटे हैं।
यांत्रिक स्लॉटर हाउसों को बंद करने पर अधिकारियों की टीम कानूनी पहलुओं पर विचार कर रही है, ताकि आदेश जारी होने के बाद किसी तरह की कानूनी अड़चन सामने न आए। कानूनी बिंदुओं की समीक्षा का काम लगभग पूरा हो चुका है।
सोमवार को अधिकारियों की टीम ने इस मुद्दे पर विचार-विमर्श किया है। सूत्रों का कहना है कि नोडल अधिकारी ने इससे संबंधित फाइल तैयार भी कर ली है। इसलिए संभावना है कि जल्द ही इस बाबत आदेश जारी हो सकता है।
सूबे में अधिकृत तौर पर चल रहे स्लॉटर हाउसों में 44 यांत्रिक हैं। शेष का संचालन मैनुअल हो रहा है। खास बात यह कि यांत्रिक स्लॉटर हाउस स्थानीय जरूरतों को पूरा करने के बजाय विदेशों में ‘बीफ’ भेजने का कारोबार करते हैं। इनमें सबसे अधिक 6 मेरठ और 4 अलीगढ़ में चल रहे हैं।
‘जिस दिन भाजपा का मुख्यमंत्री शपथ लेगा, उसी दिन रात को 12 बजे से पहले यांत्रिक कत्लखाने बंद कर दिए जाएंगे’- अमित शाह
एंटी रोमियो दल की शुरूआत
डेमो
रविवार की रात राजधानी के 1090 चौराहे पर छींटाकशी कर रहे शोहदों को सबक सिखाने के लिए एक लड़की ने खुद डंडा उठा लिया और एक शोहदे की जमकर धुनाई कर दी। मौके पर भीड़ जुट गई, बाद में पुलिस पहुंची और शोहदों को गिरफ्तार कर ले गई।
इसी काम के लिए भाजपा ने एंटी रोमियो दल बनाने का वादा अपने घोषणा पत्र में किया है। इसके लिए गृह विभाग को कार्य योजना तैयार करनी है। उसे भाजपा का संकल्प पत्र मिल गया है और उस पर मंथन शुरू हो गया है। अफसर समझने की कोशिश कर रहे हैं कि इस दल का मकसद क्या होगा? हालांकि लखनऊ में शुरुआती तौर पर कुछ जगहों पर दल तैनात किए गए हैं। इसे एंटी रोमियो स्क्वायड का हिस्सा माना जा रहा है।
इस दल के बड़े स्तर पर काम करने के तौर तरीके क्या होंगे? इस पर एक पुलिस अफसर का कहना है कि एंटी रोमियो दल के अलावा कानून व्यवस्था के लिए अलग फोर्स, तीन अलग महिला बटालियन, महिला थानों की संख्या बढ़ाने और कई तरह के दल बनाने की बात घोषणा पत्र में कही गई है।
इसके लिए अधिक पुलिस बल की आवश्यकता होगी। जबकि आबादी के हिसाब से प्रदेश में पुलिस बल की संख्या पहले से ही लगभग आधी है। ऐसे में एंटी रोमियो दल का गठन तो हो जाएगा लेकिन जमीनी स्तर पर कितना कारगर होगा यह कहना अभी मुश्किल है।
भाजपा सरकार में छात्राओं से छेड़छाड़ नहीं हो पाएगी। हर कॉलेज के नजदीकी पुलिस थाने में छात्राओं से छेड़खानी रोकने के लिए एंटी रोमियो दल बनाए जाएंगे ( संकल्प पत्र में एलान)
इसी काम के लिए भाजपा ने एंटी रोमियो दल बनाने का वादा अपने घोषणा पत्र में किया है। इसके लिए गृह विभाग को कार्य योजना तैयार करनी है। उसे भाजपा का संकल्प पत्र मिल गया है और उस पर मंथन शुरू हो गया है। अफसर समझने की कोशिश कर रहे हैं कि इस दल का मकसद क्या होगा? हालांकि लखनऊ में शुरुआती तौर पर कुछ जगहों पर दल तैनात किए गए हैं। इसे एंटी रोमियो स्क्वायड का हिस्सा माना जा रहा है।
इस दल के बड़े स्तर पर काम करने के तौर तरीके क्या होंगे? इस पर एक पुलिस अफसर का कहना है कि एंटी रोमियो दल के अलावा कानून व्यवस्था के लिए अलग फोर्स, तीन अलग महिला बटालियन, महिला थानों की संख्या बढ़ाने और कई तरह के दल बनाने की बात घोषणा पत्र में कही गई है।
इसके लिए अधिक पुलिस बल की आवश्यकता होगी। जबकि आबादी के हिसाब से प्रदेश में पुलिस बल की संख्या पहले से ही लगभग आधी है। ऐसे में एंटी रोमियो दल का गठन तो हो जाएगा लेकिन जमीनी स्तर पर कितना कारगर होगा यह कहना अभी मुश्किल है।
भाजपा सरकार में छात्राओं से छेड़छाड़ नहीं हो पाएगी। हर कॉलेज के नजदीकी पुलिस थाने में छात्राओं से छेड़खानी रोकने के लिए एंटी रोमियो दल बनाए जाएंगे ( संकल्प पत्र में एलान)
भूमाफिया : 7 दिन में मुक्त नहीं हो पाएगी जमीन
अमित शाह
भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने कहा था कि सरकार बनने के बाद सप्ताह भर में जमीनों से भूमाफिया का कब्जा हटा दिया जाएगा। इसके लिए संकल्प पत्र में एंटी भूमाफिया टास्क फोर्स के गठन का वादा किया गया है।
सरकार की मंशा माफिया के कब्जे से जमीनें मुक्त कराकर दोषियों को सलाखों के पीछे भेजने की है। मुख्यमंत्री ने सोमवार को अफसरों को भाजपा के संकल्प पत्र की प्रति देते हुए इसके बिंदुओं पर अमल के लिए कार्ययोजना प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं।
सूत्रों के अनुसार, इसके लिए राजस्व विभाग और गृह विभाग मिलकर योजना तैयार करेंगे। राजस्व विभाग को अवैध कब्जे वाली सरकारी और गैर सरकारी संपत्तियों की सूची बनाने को कहा गया है।
विभाग के ही एक पूर्व अधिकारी का कहना है कि यह काम आसान नहीं होगा। कई जमीनें ऐसी हैं जहां कई मंजिला बिल्डिंग खड़ी है। कुछ ऐसी जमीनें भी हैं जहां सत्ता पक्ष के करीबी काबिज हैं।
‘सप्ताह भर में भू-माफिया से जमीनों को कब्जा मुक्त करा लिया जाएगा। एंटी भू-माफिया टास्क फोर्स बनेगी। कब्जा करने वालों को सजा दी जाएगी।’- अमित शाह
सरकार की मंशा माफिया के कब्जे से जमीनें मुक्त कराकर दोषियों को सलाखों के पीछे भेजने की है। मुख्यमंत्री ने सोमवार को अफसरों को भाजपा के संकल्प पत्र की प्रति देते हुए इसके बिंदुओं पर अमल के लिए कार्ययोजना प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं।
सूत्रों के अनुसार, इसके लिए राजस्व विभाग और गृह विभाग मिलकर योजना तैयार करेंगे। राजस्व विभाग को अवैध कब्जे वाली सरकारी और गैर सरकारी संपत्तियों की सूची बनाने को कहा गया है।
विभाग के ही एक पूर्व अधिकारी का कहना है कि यह काम आसान नहीं होगा। कई जमीनें ऐसी हैं जहां कई मंजिला बिल्डिंग खड़ी है। कुछ ऐसी जमीनें भी हैं जहां सत्ता पक्ष के करीबी काबिज हैं।
‘सप्ताह भर में भू-माफिया से जमीनों को कब्जा मुक्त करा लिया जाएगा। एंटी भू-माफिया टास्क फोर्स बनेगी। कब्जा करने वालों को सजा दी जाएगी।’- अमित शाह