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UP News: यूपी में फिर से शुरू होंगे 1989 से बंद पड़े 40 से अधिक पैरामेडिकल प्रशिक्षण केंद्र, मुख्यमंत्री योगी ने दिए निर्देश

Wed, 06 Jul 2022 05:33 PM IST
ishwar ashish अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ Published by: ishwar ashish Updated Wed, 06 Jul 2022 05:33 PM IST
सार

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को हुई टीम-9 के साथ बैठक में अफसरों को निर्देश दिए। उन्होंने प्रदेश में कोरोना की स्थिति की भी समीक्षा की।

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Closed paramedocal training centers will start again in Uttar Pradesh.
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ। - फोटो : amar ujala

विस्तार

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश में बंद पड़े पैरामेडिकल प्रशिक्षण केंद्रों का फिर से संचालन करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि हर संस्थान में मानकों का कड़ाई से अनुपालन कराया जाए। मुख्यमंत्री योगी बुधवार को अफसरों के साथ बैठक कर रहे थे।

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उन्होंने कहा कि व्यवस्था की उदासीनता और अवस्थापना सुविधाओं के अभाव में प्रदेश में स्वास्थ्य विभाग के 40 से अधिक पैरामेडिकल प्रशिक्षण केंद्र वर्ष 1989 से बंद थे। युवाओं की जरूरत को देखते हुए सभी जरूरी अवस्थापना सुविधाओं को उपलब्ध कराने के साथ राज्य सरकार इनका दोबारा संचालन शुरू करा रही है। 15 जुलाई से 09 नर्सिंग स्कूल शुरू होने जा रहे हैं, जबकि अगस्त माह में 35 एएनएम ट्रेनिंग सेंटरों का संचालन प्रारंभ हो जाएगा। नर्सिंग और पैरामेडिकल के क्षेत्र में अच्छा कॅरियर है। हर संस्थान में मानकों का कड़ाई से अनुपालन कराया जाए। फैकल्टी पर्याप्त हो, अच्छी हो।
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मुख्यमंत्री योगी ने प्रदेश में कोरोना की स्थिति की समीक्षा करते हुए कहा कि  उत्तर प्रदेश में कोविड की स्थिति नियंत्रण में है। पॉजिटिविटी दर न्यूनतम है। पिछले माह की पॉजिटिविटी दर 0.46 प्रतिशत रही, जबकि विजय दिवस 0.45 प्रतिशत पॉजिटिविटी दर दर्ज की गई। वर्तमान में प्रदेश में कुल एक्टिव केस की संख्या 2401 है। विगत 24 घंटों में 78 हजार से अधिक टेस्ट किए गए और 345 नए कोरोना मरीजों की पुष्टि हुई। इसी अवधि में 510 लोग उपचारित होकर कोरोना मुक्त भी हुए। 2206 लोग घर पर स्वास्थ्य लाभ ले रहे हैं। यह समय सतर्क और सावधान रहने का है। उन्होंने निर्देश दिया कि कोविड की बदलती परिस्थितियों पर सूक्ष्मता से नजर रखी जाए। सभी अस्पतालों में चिकित्सकीय उपकरणों की क्रियाशीलता, डॉक्टरों, पैरामेडिकल स्टाफ की समुचित उपलब्धता की गहनता से परख कर ली जाए।
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टीकाकरण अभियान अंतिम चरण में
यूपी में कोविड टीकाकरण अभियान अंतिम चरण में प्रवेश कर रहा है। 34 करोड़ 18 लाख से अधिक कोविड टीकाकरण के साथ ही 18 वर्ष से अधिक की आयु की पूरी आबादी को टीके की कम से कम एक डोज लग चुकी है, जबकि 97.59 प्रतिशत से अधिक वयस्क लोगों को दोनों खुराक मिल चुकी है। 15-17 आयु वर्ग में 100 प्रतिशत किशोरों को पहली डोज लगाई जा चुकी है, जबकि 88.5 प्रतिशत किशोर दोनों डोज लगवा चुके हैं। इसी प्रकार, 12 से 14 आयु वर्ग के 97.4 प्रतिशत से अधिक बच्चों को टीके की पहली खुराक दी जा चुकी है। स्कूल खुल चुके हैं। अब तक छूटे वंचित बच्चों का तत्काल टीकाकरण किया जाए।

25 करोड़ वृक्षारोपण का लक्ष्य पूरा

मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि प्रदेशवासियों की प्रतिबद्धता का सुफल है कि इस वर्ष 'वृक्षारोपण जन आन्दोलन' के प्रथम दिन 25 करोड़ वृक्षारोपण का लक्ष्य पूर्ण हो गया। आज दूसरे दिन अब तक ढाई करोड़ पौधे लगाए जा चुके हैं। इस पुनीत कार्य में सहभागी सभी लोगों को हार्दिक बधाई! इन पौधों की सुरक्षा करना भी हमारी ही जिम्मेदारी है।

उन्होंने कहा कि तमाम वनस्पतियों में औषधीय गुण होते हैं। जैसे आंवला तो पूर्णतः औषधि है, जामुन की गुठली तक उपयोगी होती है। अजवाइन उदर विकार के निदान में सहायक है। सभी में कुछ न कुछ गुण हैं। पौधारोपण करते समय ऐसी वनस्पतियों का रोपण किया जाना चाहिए। औषधीय वनस्पतियों के संरक्षण, इनके उत्पाद से औषधि तैयार करने, ब्रांडिंग, पैकेजिंग और मार्केटिंग के लिए ठोस प्रयास किया जाए। स्थानीय जनता को इससे जोड़ा जाए। आवश्यकतानुसार आयुर्वेदिक औषधि निर्माता संस्थाओं का सहयोग भी लिया जा सकता है।

प्रदेश के बदले औद्योगिक माहौल को देखते हुए बड़ी संख्या में देश-दुनिया के उद्यमी उत्तर प्रदेश में निवेश कर रहे हैं। उद्योग जगत की जरूरतों के मुताबिक नई औद्योगिक नीति, नई इलेक्ट्रॉनिक व्हीकल नीति और बेहतर वेयरहाउसिंग एंड लॉजिस्टिक नीति तैयार की जाए। आवश्यकतानुसार संशोधित/नवीन नीतियों को तैयार करते समय उद्योग जगत के प्रतिनिधियों से भी परामर्श करना चाहिए।

उन्होंने निर्देश दिए कि कोविड संक्रमण के कारण असमय काल-कवलित हुए कोरोना वॉरियर्स के परिजनों के लिए अनुमन्य राहत व सहायता सम्बंधी आवेदनों की जनपदवार समीक्षा की मुख्यमंत्री कार्यालय द्वारा जाए। जिस भी जनपद में आवेदन लंबित पाए जाएंगे, जिम्मेदार अधिकारियों के विरुद्ध कार्यवाही की जाएगी। यह संवेदनशील विषय है। ऐसे प्रकरणों को मानवता के आधार पर प्राथमिकता दी जानी चाहिए।

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