{"_id":"617a7870b75ca268753a8f6d","slug":"climate-change-conference-2021-in-lucknow","type":"story","status":"publish","title_hn":"जलवायु परिवर्तन सम्मेलन 2021: सीएम योगी बोले - हम जितना करेंगे उससे कई गुना संरक्षण प्रकृति हमारा करेगी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जलवायु परिवर्तन सम्मेलन 2021: सीएम योगी बोले - हम जितना करेंगे उससे कई गुना संरक्षण प्रकृति हमारा करेगी
Thu, 28 Oct 2021 08:21 PM IST
ishwar ashish
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Published by: ishwar ashish
Updated Thu, 28 Oct 2021 08:21 PM IST
सार
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि पिछले पांच वर्षों में प्रदेश में 100 करोड़ पौधे लगाए गए हैं। प्रकृति के संरक्षण के लिए प्रदेश सरकार ने कई अहम कदम उठाए हैं।
विज्ञापन
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ
- फोटो : amar ujala
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि हम जितना संरक्षण प्रकृति का करते हैं, प्रकृति उससे कई गुना संरक्षण हमारा करती है। यह बात कोरोना महामारी में भी साबित हो चुकी है जब अमेरिका में भारत से डेढ़ गुना ज्यादा लोगों की मौत हुई। मुख्यमंत्री बृहस्पतिवार को इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित जलवायु परिवर्तन सम्मेलन 2021 में बोल रहे थे।
विज्ञापन
सम्मेलन का शुभारंभ करते हुए सीएम ने कहा कि जलवायु परिवर्तन के दुष्प्रभावों पर हमें गंभीरता से विचार करना होगा। बड़ा राज्य होने के नाते उत्तर प्रदेश की जिम्मेदारी ज्यादा है। हम धरती को इसलिए ही मां का दर्जा देते हैं क्योंकि यह हमारा संरक्षण करती है। हमें भी ऐसा करना होगा। उपनिषद भी इसके लिए प्रेरित करते हैं। शांति पाठ में न केवल धरती बल्कि अंतरिक्ष तक का संरक्षण करने की बात कही गई है। प्रकृति ने हमे असीमित दिया है लेकिन हमारा कर्तव्य है कि हम आवश्यकता के अनुसार ही उसका उपभोग करें।
विज्ञापन
सीएम ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में उत्तर प्रदेश सरकार लगातार इस पर कार्य कर रही है। वर्ष 2017 से पहले एनजीटी लगातार चिल्लाती रहती थी लेकिन काम नहीं हो रहा था। सरकार बनते ही हमने सबसे पहले अवैध बूचड़खाने बंद कराए। इससे बीमारियां कम हुई। प्लास्टिक को सबसे पहले यूपी में बैन किया गया। स्वच्छ भारत मिशन के तहत दो करोड़ 61 लाख लोगों को उत्तर प्रदेश में व्यक्तिगत शौचालय दिए। 5 सालों में बरगद, पीपल, आम, आंवला, जामुन, सहजन जैसे 100 करोड़ पौधे लगाए। पीएम, सीएम आवासों में यह शर्त लगाई कि लाभार्थी प्रत्येक में सहजन का पौधा लगाएंगे।
विज्ञापन
माटी कला बोर्ड का गठन कर कहा कि अप्रैल से जून सभी कुम्हार अपने यहां के तालाबों से फ्री में चाहे जितनी मिट्टी ले सकते हैं । उन्हें सोलर चाक दिए। उसका परिणाम यह रहा कि उन्होंने तालाबों से मिट्टी ली और ऐसे उत्पाद बनाए जिनका दाम थर्माकोल और प्लास्टिक उत्पादों से ज्यादा नहीं था । इससे तालाबों पुनरुद्धार भी हो गया। सीएम बोले कि यदि यदि इसी तरह से क्लाइमेट चेंज होता रहा तो इसका खतरनाक असर होगा। इसके लिए सभी को व्यापक स्तर पर काम करना होगा । खास तौर से कार्बन उत्सर्जन को रोकना होगा। इसके लिए खास के गाय के गोबर के गैस प्लांट लगाने होंगे। काशी ओर गोरखपुर में यह प्रयोग हो रहा है। चाहे नमामि गंगे प्रोजेक्ट हो जल संरक्षण या स्वच्छता मिशन हो इन सभी के जरिए केंद्र व प्रदेश सरकार ऐसे प्रोजेक्ट पर काम कर रही है। दुधवा प्रोजेक्ट पर काम किया और इसे पुरस्कार मिला।
जहां गिरता था 24 करोड़ लीटर सीवरेज, वहां आज ले रहे सेल्फी
सीएम ने गंगा की सफाई का अभियान बेहद कारगार है। कानपुर में जिस स्थान पर 24 करोड़ लीटर सीवरेज गंगा में प्रतिदिन गिरता था वहां आज एक बूंद भी सीवरेज नहीं गिरता है। वहां सेल्फी प्वाइंट बनाया गया है। वाराणसी में गंगा में अब डॉल्फिन दिखने लगी हैं। इस मिशन के लिए फरवरी में बलिया से कानपुर और बिजनौर से बलिया तक यात्रा निकाली गईं थी। कार्बन उत्सर्जन रोकने को प्रदेश में 16 लाख एलईडी स्ट्रीट लाइटें लगाई तो चार करोड़ एलईडबी बल्ब सस्ती दर पर लोगों को दिए। दो क्षेत्रों को ईको पर्यटन सर्किट घोषित किया गया है।
बढ़ती हुई जनसंख्या पर भी विचार हो: गोयल
कार्यक्रम में एनजीटी के चेयरमैन न्यायमूर्ति आदर्श कुमार गोयल ने कहा कि बिजली उत्पादन में कोयले के ज्यादा प्रयोग से कारण कार्बन उत्सर्जन होता है। इसके विकल्प तलाशने होंगे। बोले कि इस देश में विश्व की कुल भूमि का 2.4 प्रतिशत भू भाग है लेकिन जनससंख्या 17.5 प्रतिशत है। बढ़ती हुई जनसंख्या के साथ क्या हम अपने संसाधनों को बढ़ा पाएंगे, इस पर भी विचार करना आवश्यक है। कार्यक्रम में वन मंत्री दारा सिंह चौहान, न्याय एवं विधायी मंत्री बृजेश पाठक, राज्यमंत्री उपभोक्ता कार्य अश्विनी चौबे आदि मौजूद रहे।