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Lucknow News: एलडीए के जमीनों की फर्जी रजिस्ट्री करने का आरोपी लिपिक गिरफ्तार

Wed, 08 Apr 2026 02:47 AM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Wed, 08 Apr 2026 02:47 AM IST
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Clerk arrested for fake registration of LDA land
आरोपी धीरज श्रीवास्तव।
लखनऊ। राजधानी की आर्थिक अपराध शाखा ने एलडीए के जमीनों की फर्जी रजिस्ट्री करने के आरोपी धीरज श्रीवास्तव को गिरफ्तार किया है। आरोपी एलडीए में कनिष्ठ लिपिक के पद पर कार्यरत था। आरोपी के खिलाफ 14 दिसंबर 2022 को एलडीए के उप सचिव माधवेश कुमार ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
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एडीसीपी क्राइम किरन यादव के मुताबिक गोमतीनगर थाने से केस को आर्थिक अपराध शाखा स्थानांतरित किया गया था। आरोपी लखनऊ विकास प्राधिकरण के भूखंडों को कूटरचित दस्तावेज तैयार कर फर्जी रजिस्ट्री कर देता था। इसके लिए धीरज कनिष्ठ लिपिक कर्मचारी कोड 3014 का इस्तेमाल करता था। आरोपी श्रीपुरम त्रिवेणीनगर का रहने वाला है। 22 जनवरी को आरोपी के खिलाफ न्यायालय से गैर जमानती वारंट जारी हुआ था। आरोपी फर्जी रजिस्ट्री करके मोटी रकम कमाता था। वह भूखंडों को फर्जी व्यक्ति के नाम पर एलॉट कर उसको बेच देता था। इस प्रकरण में एक अन्य आरोपी के खिलाफ पूर्व में चार्जशीट दाखिल की जा चुकी है। गिरोह में और कौन लोग शामिल हैं, इसके बारे में पता लगाया जा रहा है। जल्द ही अन्य आरोपियों को भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
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पहले भी उजागर हुआ था फर्जीवाड़ा
लखनऊ विकास प्राधिकरण की सात जमीनों की रजिस्ट्रियों में बड़ी हेराफेरी का मामला पिछले वर्ष भी सामने आया था। इस मामले में उपनिबंधक (द्वितीय) सदर प्रभाष सिंह ने वजीरगंज थाने में तत्कालीन प्रभारी अधिकारी संपत्ति समेत 23 लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी व जालसाजी का केस दर्ज कराया था। दरअसल, कार्यालय उपनिबंधक (द्वितीय) सदर आलोक सिंह को सात जमीनों की रजिस्ट्रियों के विलेखों की जांच में गड़बड़ी मिली थी। इसके बाद उच्चाधिकारियों ने रिपोर्ट दर्ज कराने का आदेश दिया था। उपनिबंधक द्वितीय के अनुसार जालसाजों ने अधिकारियों की मिलीभगत से विकल्पखंड, विक्रांत खंड, विनीत खंड, विभवखंड, विनम्रखंड जैसी पॉश कालोनी की 14,888 वर्गफीट भूखंड बेच दी थी। भूखंडों की कीमत करीब 15-20 करोड़ रुपये बताई गई थी।
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इस मामले में एलडीए की प्रभारी संपत्ति अधिकारी अनीता श्रीवास्तव, केके सिंह, एसडी दोहरे, अनूप शुक्ला, संतोष मुर्डिया और अनुभाग अधिकारी एबी तिवारी, आरके मिश्रा, विद्यासागर और एबी तिवारी को आरोपी बनाया गया था। इसके अलावा इंदिरानगर निवासी शमशुल हसन, पाटानाला बजाजा नक्खास के सरफराज अहमद, छितवापुर वाराणसी की सत्यभामा देवी, महानगर सेक्टर सी के राजकिशोर, कानपुर बर्रा के एसी वैश्य, उन्नाव अजगैन के नीरज कुमार गुप्ता, जानकीपुरम सेक्टर-एफ की मंजू श्रीवास्तव, अलीगंज सेक्टर-जी के महेश कुमार, प्रकाशपुरम नई बस्ती भदेवा के सुकांत घोष, राजाजीपुरम के हरिनाम शर्मा, निजामपुर मल्हौर के प्रदीप कुमार जायसवाल, बाराबंकी सतरिख उमरा खास के शीतला प्रसाद वर्मा, सिधौली सीतापुर स्टेशन रोड के आशुतोष कुमार वाजपेयी और सीतापुर ढकबा अटरिया के मोहन लाल पांडेय का नाम भी शामिल हैं।
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