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Lucknow News: सीताद्वार झील की सफाई शुरू, स्वच्छ जल में डुबकी लगाएंगे श्रद्धालु

Mon, 04 Nov 2024 01:03 AM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ Updated Mon, 04 Nov 2024 01:03 AM IST
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Cleaning of Sitadwar Lake begins, devotees will take a dip in the clean water.
इकौना (श्रावस्ती)। सीताद्वार झील की गंदगी को लेकर चिंतित श्रद्धालुओं के लिए राहत भरी खबर है। उन्हें दूषित जल में स्नान नहीं करना होगा। विगत दिनों निरीक्षण करने आए डीएम के निर्देश के बाद ग्राम पंचायत ने झील की सफाई का कार्य प्रारंभ करा दिया है।
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इकौना क्षेत्र के ग्राम पंचायत टंडवा महंथ स्थित सीताद्वार झील में सफाई के अभाव में शैवाल के साथ गंदगी से पट गई थी। जबकि यहां कार्तिक पूर्णिमा के अवसर पर लगने वाले पांच दिवसीय मेले में लाखों लोग इस झील में स्नान करके माता सीता का आशीर्वाद लेते हैं। इसके बावजूद सीताद्वार झील की सफाई नहीं कराई गई थी। विगत दिनों यहां आए डीएम अजय कुमार द्विवेदी ने इसका संज्ञान लेते हुए एसडीएम व बीडीओ इकौना को तत्काल झील की सफाई कराने का निर्देश दिया था। इसके बाद ग्राम पंचायत की ओर से झील की सफाई का कार्य प्रारंभ करा दिया गया है।
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लव व कुश की जन्मस्थली है सीताद्वार
श्रावस्ती सहित आसपास जिलों में सीताद्वार मेले का अपना ही महत्व है। किदवंतियों के अनुसार मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम द्वारा परित्याग किए जाने के बाद माता सीता ने इसी झील के किनारे बने वाल्मीकि आश्रम में रहकर लव व कुश को जन्म दिया था। इसी झील के किनारे ही राम के अश्वमेघ के घोड़े को पकड़ कर लव व कुश ने राम के साथ हनुमान को युद्ध के लिए ललकारा था। पौराणिक मान्यता है कि इस पवित्र झील में कार्तिक पूर्णिमा के दिन स्नान-दान करने से मानव के सभी कष्टों का निवारण होता है।
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इसी मान्यता के चलते इकौना के सीताद्वार झील पर कार्तिक पूर्णिमा के दिन विशाल मेले का आयोजन किया जाता है। पांच दिन तक चलने वाले इस विशाल मेले में देवीपाटन व अयोध्या मंडल के जिलों सहित नेपाल से लाखों श्रद्धालु आते हैं। जो सैकड़ों एकड़ में फैली इस झील में स्नान-दान करते है। यहां सोमवती अमावस्या, कार्तिक अक्षय नवमी व देवस्थानी एकादशी पर भी लोग स्नान-दान करने आते हैं।
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