UP Election 2022: पूर्वांचल में सामने आने लगा सपा गठबंधन का अंतर्द्वंद, गठबंधन दलों के प्रत्याशियों ने ठोंकी ताल
पूर्वांचल की तीन सीटों पर सपा के साथ गठबंधन दलों के प्रत्याशियों ने ही ताल ठोंक दी है। सपा को शीर्ष नेतृत्व की अनदेखी का खामियाजा भुगतना पड़ सकता है।
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पूर्वांचल में सपा गठबंधन दलों का अंतर्द्वंद सामने आने लगा है। तीन सीटों मड़िहान, घोरावल व मुगलसराय पर सपा उम्मीदवारों के सामने गठबंधन में शामिल दलों के प्रत्याशियों ने ताल ठोंक दी है। सपा व गठबंधन उम्मीदवार खुद को असली साबित करने के लिए जोर आजमाइश कर रहे हैं। जातीय गणित के हिसाब से इसका असर आसपास की दर्जनभर से अधिक सीटों पर पड़ सकता है। पार्टी का शीर्ष नेतृत्व इस लड़ाई पर तमाशबीन बना है। ऐसे में अंदेशा है कि इस लड़ाई का खामियाजा कई सीटों पर भुगतना पड़ सकता है।
सपा का रालोद, सुभासपा, अपना दल कमेरावादी, राष्ट्रीय जनवादी पार्टी और महान दल से गठबंधन है। जहां सपा उम्मीदवार के सामने गठबंधन दलों के प्रत्याशियों ने पर्चा भरा था, वहां अंतिम दिन अधिकृत उम्मीदवार की घोषणा कर इस विवाद को खत्म कर दिया गया, लेकिन तीन सीटों पर अभी सहमति नहीं बनी है। यहां सपा और गठबंधन के दूसरे प्रत्याशी लाव लश्कर के साथ चुनाव प्रचार कर रहे हैं। इससे मतदाता असमंजस में हैं और आसपास की सीटों पर भी मतदाताओं में ऊहापोह की स्थिति है।
सपा समर्थक सुभासपा और कमेरावादी पर जानबूझकर नुकसान करने का आरोप लगा रहे हैं। दूसरी तरफ इन दोनों दलों के समर्थकों का कहना है कि सपाई दबंगई से उन्हें चुनाव मैदान से बाहर करना चाहते हैं। इस संबंध में अपना दल कमेरावादी के चुनाव प्रभारी डॉ. आरसी पटेल का दावा है कि उनके उम्मीदवार असली हैं। सुभासपा के प्रवक्ता पीयूष मिश्रा ने मुगलसराय में उम्मीदवार होने से इनकार किया, लेकिन प्रत्याशी राजू प्रजापति का दावा है कि पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने उन्हें अनुमति दी है। सपा प्रवक्ता डॉ. आशुतोष वर्मा का दावा है कि इन तीनों सीटों पर सपा उम्मीदवार ही गठबंधन से अधिकृत हैं। बाकी ने पहले पर्चा भर दिया था और नाम वापस नहीं ले पाए।
मड़िहान में मारामारी
मिर्जापुर की मड़िहान सीट पर सपा ने रवींद्र बहादुर सिंह को मैदान में उतारा है। यहां अपना दल कमेरावादी से अवधेश सिंह भी चुनाव प्रचार कर रहे हैं। कुर्मी और दलित बहुल इस सीट पर सपा और कमेरावादी के उम्मीदवार अलग-अलग चुनाव प्रचार कर खुद को असली बता रहे हैं। दोनों उम्मीदवारों के समर्थकों के बीच कई बार तनातनी की भी नौबत आ चुकी है।
घोरावल में घेराबंदी
सोनभद्र की घोरावल सीट पर सपा ने रमेश दुबे और अपना दल कमेरावादी ने सुरजीत सिंह को उतारा है। यहां भी सपा नेता रमेश दुबे के साथ चुनाव प्रचार कर रहे हैं तो अपना दल के नेता सुरजीत सिंह के साथ गांव-गांव डटे हैं और गठबंधन उम्मीदवार के तौर पर वोट मांग रहे हैं।
मुगलसराय भी मझधार में
मुगलसराय विधानसभा क्षेत्र में सपा ने चंद्रशेखर यादव को मैदान में उतारा तो सुभासपा से राजू प्रजापति मैदान में हैं। इन दोनों उम्मीदवारों के मैदान में आने से मतदाता ऊहापोह में हैं। ऐसे में जातीय गणित फिट होने के बाद भी यह सीट सपा के लिए मझधार में फंसी है।
पति के सामने पत्नी मैदान में
चंदौली की सैयदराजा सीट पर सपा प्रत्याशी मनोज सिंह डब्ल्यू के सामने उनकी पत्नी नीलू सिंह भी मैदान में हैं। इस सीट पर भाजपा ने विधायक सुशील सिंह को मैदान में उतारा है। भाजपाई पति-पत्नी के सामने होने की बात पर चटखारे ले रहे हैं। वहीं, मनोज सफाई दे रहे हैं कि एहतियात के दौर पर नीलू का पर्चा भराया था। नाम वापसी के दिन पर्चा वापस नहीं लिया जा सका। वह हमारे ही साथ प्रचार कर रही हैं।