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लखनऊ में चिनहट का इलाका बना अपराध का गढ़, वारदातें रोकने में पुलिस नाकाम
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लखनऊ। चिनहट पुलिस अपराधियों पर लगाम लगाने में नाकाम है। इलाके में लगातार टप्पेबाजी, छेड़छाड़, खुलेआम नशीला पदार्थ बेचने जैसे अपराध हो रहे हैं। वहीं, स्थानीय लोग पुलिस पर कार्रवाई न करने का भी आरोप लगाते हैं। इलाके की नई बस्तियां पूर्वांचल व बिहार के अपराधियों का ठिकाना बन रही हैं। वहीं, कुछ इलाके में बांग्लादेशी भी ठिकाना बना चुके हैं। पुलिस ऐसे संदिग्धों की शिनाख्त व ब्योरा जुटा पाने में असफल रही है।
बीबीडी इलाके में खुलेआम नशे का कारोबार होता है। चिनहट के आसपास के इलाके में कई निजी विश्वविद्यालय, महाविद्यालय, मेडिकल व लॉ कॉलेज हैं। इसके अलावा अयोध्या हाइवे पर कई ऐसे अपार्टमेंट है, जिनका प्रयोग छात्रावास के रूप में किया जाता है। इन अपार्टमेंटों के आसपास नशे का खुलेआम कारोबार चल रहा है। कुछ ऐसा ही हाल मल्हौर इलाके का भी है। हाल ही में एसटीएफ ने मल्हौर इलाके के पास से एक गिरोह को 6 किलो से अधिक नशीले पदार्थ के साथ दबोचा था। यह सभी एक नामी कॉलेज के छात्र रहे हैं। सभी नशे के अवैध कारोबार में जुट गए हैं। ये होटलों व छात्रावासों में नशे का सामान ऑन डिमांड पहुंचा रहे हैं, जिसका भुगतान भी ऑनलाइन हो रहा है। पूरा इलाका राजधानी में सबसे नशे का सबसे बड़ा अड्डा बनता जा रहा है।
बांग्लादेशी डकैतों का भी रहा आतंक
चिनहट व गोमतीनगर विस्तार इलाके में बांग्लादेशी डकैतों का आतंक रहा है। पिछले साल इस गिरोह के निशाने पर चिनहट का इलाका ही रहा है। ताबड़तोड़ वारदातों ने पूरे इलाके को दहला दिया था। एक महीने पहले इस गिरोह के सरगना को गोमतीनगर पुलिस ने मार गिराया। वहीं तीन को चिनहट इलाके में मुठभेड़ में पकड़ा गया है। इलाके में चोरी की भी ज्यादा वारदातें होती हैं। इसमें मुकदमा दर्ज करने में पुलिस टालमटोल करती है। इस इलाके में सट्टेबाजी व सूद का कारोबार भी खुलेआम होता है। सूद के नाम पर मनमाने तरीके से छात्रों का शोषण किया जाता है। उनके वाहन व कीमती सामान सूदखोर हड़प लेते हैं। ज्यादातर मामलों में पुलिस समझौता कराकर आरोपियों को बचा लेती है।
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बीबीडी इलाके में खुलेआम नशे का कारोबार होता है। चिनहट के आसपास के इलाके में कई निजी विश्वविद्यालय, महाविद्यालय, मेडिकल व लॉ कॉलेज हैं। इसके अलावा अयोध्या हाइवे पर कई ऐसे अपार्टमेंट है, जिनका प्रयोग छात्रावास के रूप में किया जाता है। इन अपार्टमेंटों के आसपास नशे का खुलेआम कारोबार चल रहा है। कुछ ऐसा ही हाल मल्हौर इलाके का भी है। हाल ही में एसटीएफ ने मल्हौर इलाके के पास से एक गिरोह को 6 किलो से अधिक नशीले पदार्थ के साथ दबोचा था। यह सभी एक नामी कॉलेज के छात्र रहे हैं। सभी नशे के अवैध कारोबार में जुट गए हैं। ये होटलों व छात्रावासों में नशे का सामान ऑन डिमांड पहुंचा रहे हैं, जिसका भुगतान भी ऑनलाइन हो रहा है। पूरा इलाका राजधानी में सबसे नशे का सबसे बड़ा अड्डा बनता जा रहा है।
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बांग्लादेशी डकैतों का भी रहा आतंक
चिनहट व गोमतीनगर विस्तार इलाके में बांग्लादेशी डकैतों का आतंक रहा है। पिछले साल इस गिरोह के निशाने पर चिनहट का इलाका ही रहा है। ताबड़तोड़ वारदातों ने पूरे इलाके को दहला दिया था। एक महीने पहले इस गिरोह के सरगना को गोमतीनगर पुलिस ने मार गिराया। वहीं तीन को चिनहट इलाके में मुठभेड़ में पकड़ा गया है। इलाके में चोरी की भी ज्यादा वारदातें होती हैं। इसमें मुकदमा दर्ज करने में पुलिस टालमटोल करती है। इस इलाके में सट्टेबाजी व सूद का कारोबार भी खुलेआम होता है। सूद के नाम पर मनमाने तरीके से छात्रों का शोषण किया जाता है। उनके वाहन व कीमती सामान सूदखोर हड़प लेते हैं। ज्यादातर मामलों में पुलिस समझौता कराकर आरोपियों को बचा लेती है।
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