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प्रदेश में नहीं लगेंगे चीनी स्मार्ट मीटर, उपभोक्ता परिषद की आपत्ति के बाद पावर कॉर्पोरेशन का फैसला
Tue, 23 Jun 2020 07:17 AM IST
अवधेश कुमार
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
Published by: अवधेश कुमार
Updated Tue, 23 Jun 2020 07:17 AM IST
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फाइल फोटो
प्रदेश के बिजली उपभोक्ताओं के घरों में अब चीनी स्मार्ट मीटर नहीं लगाए जाएंगे। पावर कॉर्पोरेशन के निदेशक (वाणिज्य) एके श्रीवास्तव ने लखनऊ आ चुके पीटी हेक्सिंग कंपनी केआठ हजार चीनी स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं के यहां न लगाने के निर्देश सोमवार को अधिकारियों को दिए।
राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा ने पिछले दिनों ऊर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा से मिलकर इंडोनेशिया आधारित चीनी कंपनी द्वारा आपूर्ति किए गए बिजली के मीटर लगाने पर आपत्ति जताई थी। उन्होंने केंद्र सरकार से उपक्रम एनर्जी एफिसिएंशी सर्विसेज लि. (ईईएसएल) द्वारा खरीदे गए मीटर वापस करने तथा ऑर्डर रद्द करने की मांग भी की थी। इस पर ऊर्जा मंत्री ने अपर मुख्य सचिव ऊर्जा को जांच के निर्देश दिए थे।
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राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा ने पिछले दिनों ऊर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा से मिलकर इंडोनेशिया आधारित चीनी कंपनी द्वारा आपूर्ति किए गए बिजली के मीटर लगाने पर आपत्ति जताई थी। उन्होंने केंद्र सरकार से उपक्रम एनर्जी एफिसिएंशी सर्विसेज लि. (ईईएसएल) द्वारा खरीदे गए मीटर वापस करने तथा ऑर्डर रद्द करने की मांग भी की थी। इस पर ऊर्जा मंत्री ने अपर मुख्य सचिव ऊर्जा को जांच के निर्देश दिए थे।
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यूपी पावर ट्रांसमिशन कॉर्पोरेशन की ओर से बिजली ट्रांसमिशन की दरों में प्रस्तावित वृद्धि पर राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद ने एतराज जताया है। पावर ट्रांसमिशन कॉर्पोरेशन के 2020-21 के वार्षिक राजस्व आवश्यकता (एआरआर) प्रस्ताव पर राज्य विद्युत नियामक आयोग के समक्ष आपत्तियां व सुझाव दाखिल करते हुए उपभोक्ता परिषद ने यह एतराज उठाया है।
उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा का कहना है कि मौजूदा समय में ट्रांसमिशन टैरिफ 18 पैसे प्रति यूनिट है। एआरआर में इसे बढ़ाकर 33 पैसे प्रति यूनिट प्रस्तावित किया गया है। इसे खारिज किया जाना चाहिए। यही नहीं, ट्रांसमिशन हानियां 3.50 फीसदी प्रस्तावित की गई हैं जो अन्य राज्यों की तुलना में ज्यादा हैं। किसी भी हालत में 3.15 प्रतिशत से ज्यादा ट्रांसमिशन लाइन हानियां अनुमोदित नहीं की जानी चाहिए। परिषद ने निगम के अन्य खर्चों पर भी सवाल उठाते हुए इसकी गहनता से छानबीन करने की मांग की है।
उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा का कहना है कि मौजूदा समय में ट्रांसमिशन टैरिफ 18 पैसे प्रति यूनिट है। एआरआर में इसे बढ़ाकर 33 पैसे प्रति यूनिट प्रस्तावित किया गया है। इसे खारिज किया जाना चाहिए। यही नहीं, ट्रांसमिशन हानियां 3.50 फीसदी प्रस्तावित की गई हैं जो अन्य राज्यों की तुलना में ज्यादा हैं। किसी भी हालत में 3.15 प्रतिशत से ज्यादा ट्रांसमिशन लाइन हानियां अनुमोदित नहीं की जानी चाहिए। परिषद ने निगम के अन्य खर्चों पर भी सवाल उठाते हुए इसकी गहनता से छानबीन करने की मांग की है।