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लखनऊ: भारतीयों की नौकरी छीन अपनों को काम दे रहा चीन, अदनान को वर्क फ्राम होम के बहाने लौटाया

Mon, 05 Jul 2021 05:21 PM IST
ishwar ashish अरुण सक्सेना, अमर उजाला, लखनऊ
अरुण सक्सेना, अमर उजाला, लखनऊ Published by: ishwar ashish Updated Mon, 05 Jul 2021 05:21 PM IST
सार

अलीगंज निवासी अदनान कई वर्षों से चीन के शंघाई में इंजीनियर के रूप में सेवा दे रहे थे। कंपनी ने पहले उन्हें वर्क फ्रॉम होम के बहाने भारत भेजा और फिर अचानक ई-मेल भेज दिया कि 31 मई से आपकी सेवाएं समाप्त की जा रही हैं।

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China is firing indians from the job for its own citizens.
अदनान खालिद। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

कोरोना वायरस को लेकर पूरी दुनिया में फजीहत झेल रहा चीन भारतीयों पर इसकी खुन्नस निकाल रहा है। दोनों देशों के बीच रिश्ते पहले से तल्ख थे, अब संक्रमण काल के बाद आए आर्थिक संकट के बहाने वह भारतीयों को नौकरी से निकालकर उनकी जगह चीनियों को रख रहा है।

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अलीगंज निवासी अदनान कई वर्षों से चीन के शंघाई में इंजीनियर के रूप में सेवा दे रहे थे। कंपनी ने पहले उन्हें वर्क फ्रॉम होम के बहाने भारत भेजा और फिर अचानक ई-मेल भेज दिया कि 31 मई से आपकी सेवाएं समाप्त की जा रही हैं। खास बात है कि नौकरी से निकालने का उन्हें कोई कारण तक नहीं बताया गया। अचानक नौकरी छीन लिए जाने से परेशान अदनान का घरेलू सामान भी चीन में फंसा हुआ है। कंपनी इसे भारत भेजने का खर्च भी उनसे ही मांग रही है।
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कोरोना के बाद बदले हालात
अदनान ने बताया कि पिछले साल चीन में संक्रमण खत्म होने के बाद वे नौकरी पर शंघाई लौटे। हालांकि, इस बार हालात बदल चुके थे। कई प्रमुख रेस्त्रां में भारतीयों समेत अन्य विदेशियों का प्रवेश तक प्रतिबंधित कर दिया गया था। यहां तक कि सड़क किनारे फूड स्टॉल पर भी गैर चीनियों को चोरी-छिपे खाना मिलता था।
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विदेशियों को हटाकर चीनी नागरिकों को दे रहे नौकरी
अदनान ने बताया कि कंपनी ने उन्हें नौकरी से निकालकर स्थानीय नागरिक जियांग जॉनी को रख लिया। वहीं, उनके साथ गुजरात के हर्षल और केरल के प्रदीप को भी बाहर का रास्ता दिखा दिया गया। अदनान ने बताया कि वे अफ्रीका और सिंगापुर में भी नौकरी कर चुके हैं, लेकिन चीन जैसा खराब बर्ताव उनके साथ कहीं नहीं हुआ। न जाने और कितने भारतीयों ने मजबूरन चीन से अपने देश की राह पकड़ी होगी।

दो महीने से तलाश रहे रोजगार

अदनान बताते हैं कि दो महीनों से वे घर पर बैठे हैं और काम की तलाश कर रहे हैं। कोरोना काल में नौकरी मिलना भी इतना आसान नहीं है। यह भी बताया कि चीन में वे कंपनी के खिलाफ किसी कोर्ट में गुहार भी नहीं लगा सकते, क्योंकि वहां विदेशियों को इतनी तवज्जो नहीं दी जाती।

मां के अंतिम दर्शन तक नहीं करने दिए
बीते वर्ष जुलाई में जब अदनान की मां का इंतकाल हुआ, तब कंपनी ने उन्हें यह कहते हुए भारत आने से मना कर दिया कि इन हालातों में वापसी मुश्किल है। इसके लिए वीजा नियमों में ट्रैवल रिस्ट्रक्शन का हवाला दिया गया। वहीं, कुछ माह पहले फरमान सुनाया गया कि परिवार को भारत भेज दें, जिससे वर्क फ्रॉम होम की स्थिति में दिक्कत न पेश आए। नौकरी बचाने की जुगत में अदनान ने आनन-फानन परिवार को भारत भेज दिया। इसके बाद कंपनी ने घर से काम करने का बहाना बनाकर उन्हें भी चीन से लौटा दिया और एक ई-मेल कर नौकरी से निकाल दिया।

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