यूपी: सरकार का बड़ा फैसला, सड़क पर घूमने वाले बच्चों पकड़कर पढ़ाएगी पाढ़
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सड़क पर घूमने वाले कम आयु के बच्चों को प्री प्राइमरी शिक्षा से जोड़ा जाएगा। इसके लिए राज्य बाल संरक्षण आयोग अन्य विभागों के साथ योजना शुरू करा रहा है। पहले चरण में मुरादाबाद को मॉडल के तौर पर विकसित किया जा रहा है।
कम आयु के बच्चों को शिक्षित कर उन्हें समाज की मुख्य धारा से जोड़ने का यह अभियान पूरे प्रदेश में लागू किया जाना है। इसके लिए यूनीसेफ, बाल व महिला कल्याण विभाग, जिला प्रशासन व अन्य संबंधित विभाग सभी जिलों में झुग्गी-झोपड़ियों में रहने वाले बच्चों का ब्योरा जुटा रहे हैं।
आंकड़ा आने के बाद चरणबद्ध तरीके से बच्चों की शिक्षा का कार्यक्रम शुरू किया जाएगा। शुरुआत मुरादाबाद से हो रही है। यहां पहला मॉडल बनाया जा रहा है जो कुछ ही दिनों में कार्य करने लगेगा।
बाल संरक्षण आयोग के अध्यक्ष ने क्या कहा?
राज्य बाल संरक्षण आयोग के अध्यक्ष डॉ. विशेष गुप्ता ने बताया कि शिक्षा का प्रारूप हासिल कर लिया गया है। इसी प्रारूप पर इन बच्चों को सरकारी स्कूलों में शिक्षा दी जाएगी।
डॉ. गुप्ता ने कहा कि स्कूल दोपहर दो बजे तक बंद हो जाते हैं। इसके बाद इन स्कूलों में ऐसे बच्चों को शिक्षा दिए जाने की योजना है। आंगनबाड़ी केंद्रों में भी बच्चों को पढ़ाया जाएगा।
इन बच्चों को पढ़ाने की इच्छुक संस्थाओं व स्कूलों के अध्यापकों को भी इससे जोड़ा जा रहा है। इन बच्चों की शिक्षा का क्रम शुरू होने के साथ ही उनके अभिभावकों को भी रोजगार परक प्रशिक्षण देने की योजना शुरू कर दी जाएगी।