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Lucknow News: सेरेब्रल पाल्सी से पीड़ित बच्चों को एक छत के नीचे मिलेगा इलाज
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लखनऊ। केजीएमयू के पीडियाट्रिक आर्थोपेडिक विभाग में आने वाले दिनों में सेरेब्रल पाल्सी से पीड़ित बच्चों को एक छत के नीचे इलाज मिलेगा। इसके लिए रिहैबिलेटशन की सुविधा शुरू की जा रही है। कुलपति प्रोफेसर सोनिया नित्यानंद ने लगभग 30 लाख मूल्य के पुनर्वास उपकरणों की मंजूरी दी है। यह केंद्र तीन महीने में चालू हो जाएगा। विश्व सेरेब्रल पाल्सी दिवस पर ओपीडी में हुए जागरूकता कार्यक्रम में विभाग के डॉ. सैयद फैसल अफाक ने यह जानकारी दी।
डॉ. फैसल ने बताया कि सेरेब्रल पाल्सी को न्यूरोलॉजिकल विकारों के एक समूह के रूप में वर्णित किया जाता है। यह बीमारी जन्म से पहले, उसके दौरान या उसके तुरंत बाद मस्तिष्क के असामान्य विकास या क्षति की वजह से होती है। इसमें मांसपेशी अकड़ जाती हैं। केजीएमयू में की ओपीडी में रोजाना 15 से 20 बच्चे आते हैं, जिन्हें पुनर्वास की जरूरत होती है। केजीएमयू में बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. अरीशा आलम ने बताया कि शुरुआत में ही इसकी पहचान होने पर परिणाम अच्छे आते हैं। इलाज में देर होने पर बच्चा दिव्यांग हो सकता है। प्रो. चंद्रकांता और प्रो. सुरेश ने विकलांगता के बजाय क्षमताओं पर ध्यान केंद्रित करने पर जोर दिया।
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डॉ. फैसल ने बताया कि सेरेब्रल पाल्सी को न्यूरोलॉजिकल विकारों के एक समूह के रूप में वर्णित किया जाता है। यह बीमारी जन्म से पहले, उसके दौरान या उसके तुरंत बाद मस्तिष्क के असामान्य विकास या क्षति की वजह से होती है। इसमें मांसपेशी अकड़ जाती हैं। केजीएमयू में की ओपीडी में रोजाना 15 से 20 बच्चे आते हैं, जिन्हें पुनर्वास की जरूरत होती है। केजीएमयू में बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. अरीशा आलम ने बताया कि शुरुआत में ही इसकी पहचान होने पर परिणाम अच्छे आते हैं। इलाज में देर होने पर बच्चा दिव्यांग हो सकता है। प्रो. चंद्रकांता और प्रो. सुरेश ने विकलांगता के बजाय क्षमताओं पर ध्यान केंद्रित करने पर जोर दिया।
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