कानपुर एनकाउंटर: घायल जवानों का हालचाल लेने अस्पताल पहुंचे मुख्यमंत्री योगी, डिप्टी सीएम भी रहे मौजूद
यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ कानपुर एनकाउंटर में शहीद हुए आठ पुलिसकर्मियों को श्रद्धाजंलि देने कानपुर पहुंच गए हैं। उन्होंने कानपुर पुलिस लाइन में शहीदों को श्रद्धांजलि दी। बता दें कि कई सिपाहियों को बेहद गंभीर हालत में रीजेंसी भर्ती कराया गया था। जिनका हालचाल लेने के लिए मुख्यमंत्री अस्पताल पहुंचे। उनके साथ प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य भी मौजूद थे।
घटना कानपुर में चौबेपुर थाना क्षेत्र के बिकरू गांव की है। आपको बता दें कि गुरुवार रात करीब साढ़े 12 बजे बिठूर और चौबेपुर पुलिस ने मिलकर हिस्ट्री शीटर विकास दुबे के गांव बिकरू में उसके घर पर दबिश दी। बिठूर एसओ कौशलेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि विकास और उसके साथियों ने पुलिस पर ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी। घर के अंदर और छतों से गोलियां चलाई गईं।
फिलहाल घटना के बाद पुलिस ने गांव को चारों तरफ से घेर लिया है। ड्रोन से निगरानी की जा रही है। गांव में आरएएफ तैनात कर दी गई है। वहीं, शुक्रवार सुबह चौबेपुर में बिकरू के जंगलों में छिपे दो बदमाशों को पुलिस ने मुठभेड़ में मार गिराया है। जवाबी कार्रवाई में पुलिस के दो जवान भी घायल हुए हैं। पुलिस अन्य बदमाशों को ढूंढने के लिए सर्च ऑपरेशन चला रही है।
विपक्ष ने कानून व्यवस्था पर उठाए सवाल
कानपुर एनकाउंटर को लेकर विपक्ष भी यूपी पुलिस पर हमलावर हो गया है। समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव ने शहीदों को श्रद्धांजलि दी है। साथ ही यूपी की योगी सरकार पर तीखा हमला बोला है।
शुक्रवार को अखिलेश यादव ने ट्वीट किया - कानपुर की दुखद घटना में पुलिस के 8 वीरों की शहादत को श्रद्धांजलि!, उप्र के आपराधिक जगत की इस सबसे शर्मनाक घटना में ‘सत्ताधारियों और अपराधियों ‘की मिलीभगत का ख़ामियाज़ा कर्तव्यनिष्ठ पुलिसकर्मियों को भुगतना पड़ा है। अपराधियों को जिंदा पकड़कर वर्तमान सत्ता का भंडाफोड़ होना चाहिए।
उन्होंने आगे ट्वीट किया कि उप्र की भाजपा सरकार अपनी पोलपट्टी खुलने के डर से आनन-फ़ानन में मुख्य अपराधी को न पकड़कर छोटी-मोटी मुठभेड़ दिखाने का नाटक करवा रही है। इससे पुलिसकर्मियों का मनोबल और गिरेगा तथा पुलिस का आक्रोश भी बढ़ेगा सरकार तुरंत मुआवजा घोषित करे व परिजनों को हर संभव संरक्षण दे, निंदनीय!