मुख्यमंत्री योगी का निर्देश, बड़े अपराधियों के खिलाफ एक हफ्ते में नजर आए परिणाम
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कानपुर की घटना के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जोन के अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। उन्होंने बड़े अपराधियों के खिलाफ बड़ा अभियान चलाने का निर्देश दिया। कहा, इसका परिणाम एक सप्ताह के भीतर नजर आना चाहिए।
मुख्यमंत्री ने जोन के अधिकारियों से फील्ड में निकलने को कहा। साथ ही, सभी जोन के एडीजी और कमिश्नरेट के पुलिस कमिश्नर को माफिया व अपराधियों के खिलाफ हो रही कार्रवाई की समीक्षा खुद करने के निर्देश दिए।
उन्होंने जरूरत पड़ने पर अपराधियों के खिलाफ राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (एनएसए) और गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई करने का भी निर्देश दिया। बैठक में डीजीपी ने कहा कि कानपुर की घटना में अगर किसी पुलिसकर्मी की भूमिका सामने आती है तो उसके खिलाफ सख्त की जाएगी।
समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री ने जोनवार अपराधियों की जानकारी ली। वर्तमान में जो अपराधी जेल से बाहर हैं, उनके बारे में भी पूछा कि उनको जमानत कैसे मिली? उन्होंने कहा कि जोन वार अपराधियों की सूची बनाई जाए और उस पर कार्रवाई की जाए। जो भी कार्रवाई हो उसे शासन स्तर पर अवगत कराया जाए। जो अपराधी वांछित हैं, उनके खिलाफ पुरस्कार घोषित कर आगे की कार्रवाई की जाए।
एसटीएफ की टॉप 25 की सूची में भी नहीं था विकास का नाम
कानपुर में आठ पुलिसकर्मियों की हत्या का मुख्य आरोपी विकास दुबे का नाम सोशल मीडिया पर वायरल हो रही यूपी एसटीएफ की टॉप 25 अपराधियों की सूची में भी नहीं था। जबकि उसके खिलाफ थाने में घुसकर हत्या करने, एक कॉलेज के प्रिंसिपल की हत्या करने सहित 60 मुकदमे दर्ज हैं। टॉप 25 अपराधियों की सूची में मुख्तार अंसारी, बृजेश सिंह, त्रिभुवन सिंह, अतीक अहमद, खान मुबारक, सलीम, सोहराब, रुस्तम, बबलू श्रीवास्तव, कुंटू सिंह, उमेश राय, सुभाष सिंह ठाकुर, मुनीर, संजीव महेश्वरी उर्फ जीवा, सुंदर भाटी, अनिल दुजाना, अनिल भाटी, सिंह राज भाटी, सुशील उर्फ मूंछ, अंकित गुर्जर, अमित कसाना, आकाश जाट, ऊधम सिंह, योगेंद्र भदौड़ा और अजीत उर्फ हप्पू का नाम शामिल है। इस लिस्ट के बारे में एसटीएफ के अधिकारी फिलहाल कुछ भी बोलने को तैयार नहीं हैं।