टॉपर्स को सम्मानित कर बोले मुख्यमंत्री योगी, मेधावियों के सम्मान से सरकार भी सम्मानित
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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को प्रदेश के 1709 मेधावियों को सम्मानित किया। उन्होंने कहा कि यह मेधावी विद्यार्थियों के साथ सरकार का भी सम्मान है। इससे युवाओं में ऊर्जा बढ़ेगी और यूपी सर्वोत्तम प्रदेश बनेगा। राज्य स्तर के मेधावियों को एक-एक लाख रुपये नकद, टैबलेट, मेडल व प्रशस्ति पत्र जबकि जिला स्तर के प्रथम दस मेधावियों को 21,000 रुपये नकद, टेबलैट, प्रशस्ति पत्र और मेडल प्रदान किए गए।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उत्तर प्रदेश में नकल का बड़ा गिरोह काम करता था। राजस्थान, हरियाणा, पंजाब सहित अन्य प्रदेशों से बड़ी संख्या में मुन्ना भाई केवल परीक्षा देने यूपी आते थे। हमने सरकार बनते ही नकल माफिया पर नकेल कसने का संकल्प लिया था। सरकार ने एक वर्ष में नकलविहीन परीक्षा कराकर ऐसे 12 लाख मुन्ना भाइयों को बाहर का रास्ता दिखाया है।
प्रदेश में आगे भी नकलविहीन परीक्षा होगी। किसी छात्र को जेल नहीं भेजा जाएगा, लेकिन नकल गिरोह को छोड़ा नहीं जाएगा। उनमें यदि कोई अधिकारी शामिल हुआ तो उसे भी जेल भेजा जाएगा।
मुख्यमंत्री मंगलवार को यहां राम मनोहर लोहिया राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय में माध्यमिक शिक्षा विभाग की ओर से आयोजित मेधावी विद्यार्थी सम्मान समारोह में बोल रहे थे। इस दौरान मुख्यमंत्री योगी, उप मुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा और शिक्षा राज्यमंत्री संदीप सिंह ने माध्यमिक शिक्षा परिषद, सीबीएसई और आईसीएससीई के 1709 मेधावी विद्यार्थियों को नकद पुरस्कार, टैबलेट, प्र्रशस्ति पत्र और मेडल देकर सम्मानित किया।
बेटे-बेटी का भेद समाप्त कर बालिका शिक्षा को बढ़ावा देने का आह्वान
मुख्यमंत्री ने कहा कि समाज में बेटे व बेटियों का भेद समाप्त करना होगा। माध्यमिक शिक्षा परिषद और सीबीएसई की परीक्षा में मेरिट में आई छात्राओं ने साबित कर दिया है कि यदि उन्हें मौका दिया जाए तो वे राष्ट्र को नई दिशा दे सकती हैं।
माध्यमिक शिक्षा परिषद की इंटरमीडिएट और हाई स्कूल परीक्षा में प्रथम दस स्थान प्राप्त करने वाले 97 विद्यार्थियों में केवल 35 लड़के हैं, जबकि 62 छात्राएं हैं। सीबीएसई के भी 11 टॉपर्स में 8 बालिकाएं हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमने जब सरकार संभाली तब विरासत में बिगड़ी हुई शिक्षा व्यवस्था मिली थी।
शिक्षा के क्षेत्र में सुधार के लिए उठाए गए कदमों का परिणाम है कि फतेहपुर जैसे पिछड़े जिले के बच्चे ने टॉप किया है। यह मेधावी विद्यार्थियों के साथ सरकार का भी सम्मान है। इस सम्मान से युवाओं में ऊर्जा बढ़ेगी, युवाओं की ऊर्जा से ही उत्तर प्रदेश को सर्वोत्तम प्रदेश बनाने का मार्ग प्रशस्त होगा।
विद्यार्थी विद्वान बनें, लेकिन अंहकारी नहीं : डॉ. दिनेश शर्मा
उप मुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा ने कहा कि बच्चे अपने वर्तमान को बेहतर बनाने के साथ भारत का भविष्य संवारने के लिए आगे आएं। विद्यार्थी विद्वान बनें, लेकिन उनमें अहंकार का भाव नहीं होना चाहिए। माता-पिता ही बच्चों के वटवृक्ष हैं, उन्हें सदैव उनकी छांव में रहना चाहिए। सरकार ने एनसीईआरटी का पाठ्यक्रम लागू किया है। 165 नए दीनदयाल उपाध्याय मॉडल स्कूल खोले हैं।
नकलविहीन परीक्षा से बढ़ा सम्मान : पांडेय
भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष एवं सांसद महेंद्रनाथ पांडेय ने कहा कि भाजपा ने हमेशा विद्यार्थियों को राष्ट्र निर्माण का मजबूत स्तंभ माना है। योगी सरकार ने परीक्षा की पवित्रता को बनाए रखा है। नकलविहीन परीक्षा से विद्यार्थियों का सम्मान और मनोबल बढ़ा है।
तारीफ के साथ नसीहत भी दी
मुख्यमंत्री ने काउंसिल फॉर दी इंडियन स्कूल एग्जामिनेशन की परीक्षा में टॉपर्स सीएमएस स्कूल से होने पर स्कूल संचालक जगदीश गांधी की प्रशंसा की। उन्होंने गांधी को मंच पर बुलाकर स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया। साथ ही बच्चों से कम फीस वसूलने की नसीहत भी दी। गांधी ने मुख्यमंत्री के पैर छुए, लेकिन कोई आश्वासन नहीं दिया।
संभल के मुकुंद को मिलेगी मोटराइज्ड व्हील चेयर
मुख्यमंत्री ने माध्यमिक शिक्षा परिषद की हाई स्कूल परीक्षा में संभल में प्रथम स्थान प्राप्त करने वाले दिव्यांग मुकुंद कुमार झा को सम्मानित करते हुए उसका हौसला बढ़ाया। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को उसे मोटराइज्ड व्हील चेयर दिलाने के निर्देश दिए।
टैबलेट के साथ राज्य स्तर के मेधावियों को मिले एक लाख, जिला स्तर वालों को 21 हजार रुपये
अपर मुख्य सचिव संजय अग्रवाल ने बताया कि समारोह में 1709 मेधावियों को सम्मानित किया गया। इनमें माध्यमिक शिक्षा परिषद की हाई स्कूल परीक्षा में राज्य स्तर पर प्रथम दस स्थान प्राप्त करने वाले 55 और इंटरमीडिएट में प्रथम दस स्थान प्राप्त करने वाले 42 मेधावियों के साथ ही जिला स्तर पर टॉप टेन सूची में शामिल हाई स्कूल के 823 और इंटरमीडिएट के 837 मेधावी विद्यार्थी हैं।
सीबीएसई की इंटरमीडिएट में राज्य स्तर के 11 मेधावियों के साथ ही आईसीएससीई के हाई स्कूल के 16 और इंटरमीडिएट के 22 राज्य स्तरीय मेधावी भी सम्मानित किए गए। राज्य स्तर के मेधावियों को एक-एक लाख रुपये नकद, टैबलेट, मेडल व प्रशस्ति पत्र तथा जिला स्तर के प्रथम दस मेधावियों को 21,000 रुपये नकद, टेबलैट, प्रशस्ति पत्र और मेडल प्रदान किए गए।