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लखनऊ और कानपुर नगर की समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दिए ये निर्देश
Wed, 02 Sep 2020 09:46 PM IST
पंकज श्रीवास्तव
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Published by: पंकज श्रीवास्तव
Updated Wed, 02 Sep 2020 09:46 PM IST
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सीएम योगी आदित्यनाथ
- फोटो : amar ujala
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कोरोना संक्रमण के मद्देनजर लखनऊ और कानपुर नगर में इलाज की व्यवस्था को मजबूत किए जाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि इन जिलों में मेडिकल टेस्टिंग, कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग और डोर-टू-डोर सर्वे कार्य को और बेहतर ढंग से संचालित किया जाए। कोरोना संक्रमण से बचाव और इलाज के लिए आवश्यकता के अनुसार कार्मिकों की संख्या बढ़ाने के लिए भी कहा।
मुख्यमंत्री ने अपने सरकारी आवास पर वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से लखनऊ और कानपुर नगर में कोविड.19 के नियंत्रण के संबंध में हो रहे कामकाज की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार लोगों को गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के लिए कटिबद्ध है।
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि लक्षण के लिहाज से संदिग्ध पाए गए लोगों का 12 घंटे के अंदर एंटीजन टेस्ट सुनिश्चित किया जाए। कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग का काम तेज रफ्तार से करते हुए कोविड पॉजिटिव रोगी के संपर्क में आए लोगों को 24 घंटे के अंदर तलाशा जाए। डोर-टू-डोर सर्वे कार्य को पूरी क्षमता से संचालित करने के भी निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि सर्वे करने वाली टीम के साथ एक मेडिकल टेस्टिंग टीम भी लगाई जाए। इसके लिए कार्ययोजना बनाकर उसे लागू किया जाए।
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मुख्यमंत्री ने कहा कि केजीएमयू, एसजीपीजीआई और राममनोहर लोहिया इंस्टीट्यूट में भी कोविड मरीजों के लिए बेड्स की संख्या में वृद्धि की जाए। इसी तरह निजी चिकित्सा संस्थानों में संचालित कोविड अस्पतालों में बेड्स में वृद्धि के लिए जिला प्रशासन कार्ययोजना बनाकर उसे समयबद्ध ढंग से लागू कराए। वेंटिलेटर और एचएनएफ सी (हाई फ्लो नेजल कैन्युला) के बेड्स की संख्या में भी वृद्धि की जाए। उन्होंने कोविड और नॉन कोविड अस्पतालों में ऑक्सीजन के कम से कम 48 घंटे के बैकअप की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कोरोना पर जीत हासिल करने के लिए जरूरी है कि इसके साथ युद्ध पूरी मजबूती से लड़ा जाए। इसलिए जिलाधिकारी और मुख्य चिकित्साधिकारी सुबह मेडिकल कॉलेज में और शाम को इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर में नियमित रूप से बैठक कर समीक्षा करें। मुख्यमंत्री ने कहा कि कोविड-19 से बचाव व इलाज के संबंध में संचालित की जा रही विभिन्न गतिविधियों में तेजी लाने के लिए अतिरिक्त मानव संसाधन की जरूरत का आकलन किया है। इसे देखते हुए कार्मिकों की तैनाती की जाए।
डॉक्टरों से संवाद के लिए डिजिटल प्लेटफार्म की होगी स्थापना
राज्य मुख्यालय स्तर पर एक डिजिटल प्लेटफार्म की व्यवस्था की जाए, जो कोविड-19 के नियंत्रण के बारे में सभी जिलों के डॉक्टरों से संवाद करे। उन्होंने कोरोना संक्रमित मरीजों की गहन मॉनीटरिंग करने, कोविड वार्ड में सीसीटीवी लगाने और वरिष्ठ चिकित्सकों के नियमित राउंड लेकर मरीजों को देखे जाने के निर्देश भी दिए। इस अवसर पर चिकित्सा शिक्षा मंत्री सुरेश खन्ना, स्वास्थ्य मंत्री जय प्रताप सिंह, मुख्य सचिव आरके तिवारी के साथ ही केजीएमयू के कुलपति, लोहिया इंस्टीट्यूट व एसजीपीजीआई के निदेशक और सभी संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।
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मुख्यमंत्री ने अपने सरकारी आवास पर वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से लखनऊ और कानपुर नगर में कोविड.19 के नियंत्रण के संबंध में हो रहे कामकाज की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार लोगों को गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के लिए कटिबद्ध है।
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मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि लक्षण के लिहाज से संदिग्ध पाए गए लोगों का 12 घंटे के अंदर एंटीजन टेस्ट सुनिश्चित किया जाए। कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग का काम तेज रफ्तार से करते हुए कोविड पॉजिटिव रोगी के संपर्क में आए लोगों को 24 घंटे के अंदर तलाशा जाए। डोर-टू-डोर सर्वे कार्य को पूरी क्षमता से संचालित करने के भी निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि सर्वे करने वाली टीम के साथ एक मेडिकल टेस्टिंग टीम भी लगाई जाए। इसके लिए कार्ययोजना बनाकर उसे लागू किया जाए।
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मुख्यमंत्री ने कहा कि केजीएमयू, एसजीपीजीआई और राममनोहर लोहिया इंस्टीट्यूट में भी कोविड मरीजों के लिए बेड्स की संख्या में वृद्धि की जाए। इसी तरह निजी चिकित्सा संस्थानों में संचालित कोविड अस्पतालों में बेड्स में वृद्धि के लिए जिला प्रशासन कार्ययोजना बनाकर उसे समयबद्ध ढंग से लागू कराए। वेंटिलेटर और एचएनएफ सी (हाई फ्लो नेजल कैन्युला) के बेड्स की संख्या में भी वृद्धि की जाए। उन्होंने कोविड और नॉन कोविड अस्पतालों में ऑक्सीजन के कम से कम 48 घंटे के बैकअप की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कोरोना पर जीत हासिल करने के लिए जरूरी है कि इसके साथ युद्ध पूरी मजबूती से लड़ा जाए। इसलिए जिलाधिकारी और मुख्य चिकित्साधिकारी सुबह मेडिकल कॉलेज में और शाम को इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर में नियमित रूप से बैठक कर समीक्षा करें। मुख्यमंत्री ने कहा कि कोविड-19 से बचाव व इलाज के संबंध में संचालित की जा रही विभिन्न गतिविधियों में तेजी लाने के लिए अतिरिक्त मानव संसाधन की जरूरत का आकलन किया है। इसे देखते हुए कार्मिकों की तैनाती की जाए।
डॉक्टरों से संवाद के लिए डिजिटल प्लेटफार्म की होगी स्थापना
राज्य मुख्यालय स्तर पर एक डिजिटल प्लेटफार्म की व्यवस्था की जाए, जो कोविड-19 के नियंत्रण के बारे में सभी जिलों के डॉक्टरों से संवाद करे। उन्होंने कोरोना संक्रमित मरीजों की गहन मॉनीटरिंग करने, कोविड वार्ड में सीसीटीवी लगाने और वरिष्ठ चिकित्सकों के नियमित राउंड लेकर मरीजों को देखे जाने के निर्देश भी दिए। इस अवसर पर चिकित्सा शिक्षा मंत्री सुरेश खन्ना, स्वास्थ्य मंत्री जय प्रताप सिंह, मुख्य सचिव आरके तिवारी के साथ ही केजीएमयू के कुलपति, लोहिया इंस्टीट्यूट व एसजीपीजीआई के निदेशक और सभी संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।