सर्वसम्मति से विधानसभा अध्यक्ष बने सतीश महाना : मुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष ने संसदीय परंपरा का निर्वहन करते हुए उन्हें आसन पर बैठाया
महाना ने हाथ जोड़कर योगी का अभिवादन किया, योगी ने भी मुस्कुराते हुए महाना के कंधे पर हाथ रखा। महाना ने हाथ जोड़कर सभी दलीय नेताओं के साथ विधायकों का आभार जताते हुए विधानसभा अध्यक्ष की कुर्सी संभाली।
विस्तार
कानपुर नगर की महाराजपुर सीट से विधायक सतीश महाना सर्वसम्मति से 18वीं विधान सभा के अध्यक्ष चुने गए हैं। नेता सदन व मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ तथा नेता प्रतिपक्ष अखिलेश यादव सहित सभी दलों के नेताओं ने संसदीय परंपरा का निर्वहन करते हुए महाना को विधानसभा अध्यक्ष की कुर्सी पर आसीन कराया।नवनिर्वाचित विधायकों को शपथ दिलाने के लिए मंगलवार को विधान सभा की कार्यवाही सुबह 11 बजे शुरू हुई। 43 विधायकों को शपथ ग्रहण कराने के बाद 11.45 बजे सदन की कार्यवाही को दोपहर 1.45 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई। दोपहर 1.45 बजे कार्यवाही शुरू होने पर प्रोटेम स्पीकर रमापति शास्त्री ने छह और विधायकों को शपथ दिलाई। अब 10 विधायकों का शपथ ग्रहण शेष रह गया है। इस बीच सतीश महाना हां लॉबी से सीधे आकर सदन में दो मंत्रियों के बीच बैठ गए। शपथ ग्रहण के बाद प्रोटेम स्पीकर ने करीब 1.55 बजे सतीश महाना के सर्वसम्मति से विधानसभा अध्यक्ष निर्वाचित होने की घोषणा की। ठीक दो बजे प्रोटेम स्पीकर ने नेता सदन और नेता प्रतिपक्ष से महाना को विधानसभा अध्यक्ष की कुर्सी पर बैठाने का आग्रह किया।
नेता सदन, नेता प्रतिपक्ष, उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य व ब्रजेश पाठक, संसदीय कार्य मंत्री सुरेश खन्ना, अपना दल के नेता रामनिवास वर्मा, कांग्रेस की नेता आराधना मिश्रा मोना, बसपा नेता उमाशंकर सिंह संसदीय परंपरा का निर्वहन करते हुए महाना के पास पहुंचे। महाना ने हाथ जोड़कर सभी का अभिवादन किया। सभी ने विधानसभा अध्यक्ष निर्वाचित होने की बधाई देते हुए महाना को विधानसभा अध्यक्ष की कुर्सी तक लाए। सभी ने उन्हें शुभकामनाएं और बधाई देते हुए अध्यक्ष की कुर्सी पर आसीन कराया। महाना ने हाथ जोड़कर योगी का अभिवादन किया, योगी ने भी मुस्कुराते हुए महाना के कंधे पर हाथ रखा। महाना ने हाथ जोड़कर सभी दलीय नेताओं के साथ विधायकों का आभार जताते हुए विधानसभा अध्यक्ष की कुर्सी संभाली।
1991 में पहली बार विधायक बने थे महाना
महाना 1991 में पहली बार विधायक चुने गए थे। इसके बाद से वे लगातार विधायक निर्वाचित हो रहे हैं। 18वीं विधानसभा में महाना आठवीं बार चुने गए हैं। महाना योगी सरकार-1 में औद्योगिक विकास मंत्री के साथ विधानसभा की कई समितियों के अध्यक्ष भी रहे हैं।
जनता के विश्वास की कसौटी पर खरा उतरें विधायक : महाना
विधानसभा के नवनिर्वाचित अध्यक्ष सतीश महाना ने कहा कि जनता ने विधायकों को चुनकर प्रदेश की सबसे बड़ी पंचायत में भेजा है। इसलिए प्रत्येक विधायक को जनता के विश्वास की कसौटी पर खरा उतरना होगा। विधानसभा अध्यक्ष का पदभार संभालने के बाद सदन को संबोधित करते हुए महाना ने कहा कि विधायक यदि जनता के बीच अच्छा व्यवहार करेंगे और जन समस्याओं के समाधान करेंगे तो कोई ताकत नहीं है जो उन्हें बार बार चुनकर सदन में आने से रोक सके।
महाना ने कहा कि लोकतंत्र को बचाना पक्ष और विपक्ष की जिम्मेदारी है। सदन में हंगामे का जनता में नकारात्मक प्रभाव जाता है इसलिए सभी विधायक सदन की मर्यादा को रखते हुए अपनी बात रखें। उन्होंने कहा कि सदन में एक बार का हंगामा कई विधायकों को उनकी बात सदन में रखने से वंचित करता है। उन्होंने कहा कि विधायक भाषा की मर्यादा और वाणी की मधुरता का ध्यान रखें। विधायकों का एक मात्र लक्ष्य क्षेत्र का विकास और जनता की अपेक्षाओं पर खरा उतरना होना चाहिए। उन्होंने कहा कि 18वीं विधानसभा भी नए कीर्तिमान स्थापित करेगी।