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कोविड नियत्रंण की समीक्षा बैठक में बोले सीएम योगी, हमारे पास अतिरिक्त ऑक्सीजन, भविष्य में बनेगी मददगार
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लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि 30 से 50 गुना संक्रमण के कारण बीते दिनों अचानक मरीजों की संख्या बढ़ गई थी। इससे ऑक्सीजन का संकट आ गया था। केंद्र सरकार के सहयोग से ऑक्सीजन एक्सप्रेस चली और एयरफोर्स के माध्यम से ऑक्सीजन टैंकर भेजे गए। लगातार आपूर्ति से इस समय हमारे पास अतिरिक्त ऑक्सीजन है। भविष्य की जरूरतों को देखते हुए विभिन्न जिलों में 300 के आसपास प्लांट लगाने की कार्रवाई भी शुरू कर दी है। अकेले लखनऊ में ही 19 ऑक्सीजन प्लांट प्रस्तावित हैं। इनसे भविष्य में मदद मिलेगी।
मुख्यमंत्री शुक्रवार शाम को लखनऊ विकास प्राधिकरण के सभागार में लखनऊ मंडल के जिलों में कोविड से निपटने के लिए चल रहे प्रयासों की समीक्षा कर रहे थे। उन्होंने कहा कि लखनऊ में 23 अप्रैल को 7100 से अधिक केस एक दिन में थे। आज यह संख्या घटकर 200 के आसपास आ गई है। पॉजिटिविटी रेट 20 फीसदी से घटकर 1.9 प्रतिशत के आसपास है। इस दौरान डीआरडीओ, एचएएल, चिकित्सा संस्थानों ने व्यापक पैमाने पर बेड बढ़ाए।
हाई रिस्क वाले लोग घर से न निकलें
मुख्यमंत्री ने कहा कि लगातार जिलों का दौरा, समीक्षा बैठक जारी है। जिलों में वरिष्ठ अधिकारी, नोडल अफसर मौजूद हैं। सभी से 24 मई तक जिलों की रिपोर्ट मांगी गई है। इस लड़ाई में जनता की जागरूकता बहुत जरूरी है। हाई रिस्क वाले व्यक्ति घर से बाहर न निकलें। इनमें बुजुर्ग, बच्चे, गर्भवती, गंभीर बीमारी से ग्रसित, डायबिटिक व कमजोर इम्युनिटी वाले शामिल हैं। हर तरह की सावधानी बरतेंगे तो तीसरी लहर से भी बचेंगे।
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ब्लैक फंगस नई चुनौती, पर पूरी तैयारी
ब्लैक फंगस नई चुनौती है। जिन जनपदों में इसके मामले ज्यादा आए हैं, वहां पांच दिन पहले ही इसकी ट्रेनिंग करवा गाइडलाइन जारी कर दी गई है। शासन स्तर पर दवा उपलब्ध कराने का प्रयास हो रहा है। केंद्र बनाकर हर संभव सहायता की जा रही है। सेकंड वेव में निगेटिव होने के बाद भी दिक्कते हैं, इसलिए हर जिले में पोस्ट कोविड वार्ड तैयार करने को कहा गया है।
टीकाकरण के लिए जागरूक करने की अपील
मुख्यमंत्री ने कहा कि देखने में आ रहा है कि लोग टीकाकरण से अभी भी हिचक रहे हैं, उन्हें प्रेरित करें। सरकार अपने स्तर पर काम कर रही है, सीएचसी को एक्टिव किया गया है। 18 से 44 आयु वर्ग को राज्य सरकार और 45 से ऊपर वालों को केन्द्र सरकार निशुल्क टीका लगवा रही है।
सर्वाधिक टेस्ट किए गए, डब्ल्यूएचओ ने भी सराहा
मुख्यमंत्री ने कहा कि विशेषज्ञों ने आशंका जताई थी कि देश में यूपी सबसे बड़ा हॉट स्पॉट यूपी बनेगा। 25 अप्रैल से 10 मई के बीच कोरोना के रोजाना एक लाख पाजीटिव केस सामने आएंगे। व्यवस्था अस्त व्यस्त हो जाएगी। लेकिन हमने केंद्र सरकार के सहयोग से बेहतर तरीके से कोरोना प्रबंधन किया। निगरानी समिति द्वारा की जा रही स्क्रीनिंग, आरटी टीम द्वारा की जा रही टेस्टिंग व आरटीपीसीआर टेस्ट की क्षमता कई गुना करने को डब्ल्यूएचओ ने भी सराहा। उत्तर प्रदेश चार करोड़ 62 लाख से अधिक टेस्ट कर वर्तमान में इस मामले में सबसे आगे है। इस सबसे हम लोगों ने 24 अप्रैल तक केस को 38 हजार तक सीमित रखा। इसके बाद से लगातार पॉजिटिव केस में कमी आई। शुक्रवार को 7700 पॉजिटिव केस प्रदेश में आए। मृत्यु दर न्यूनतम स्तर यानी एक प्रतिशत के आसपास है।
निगरानी समितियों को लगाई फटकार
मुख्यमंत्री ने विभिन्न जिलों में निगरानी समितियों की ओर से टेस्टिंग, ट्रेसिंग के कार्य में ढिलाई बरते जाने की शिकायतों पर नाराजगी भी जताई। सूत्रों के अनुसार उन्होंने उन्नाव, रायबरेली व मंडल के कुछ अन्य जिलों में अधिकारियों से इसको लेकर नाराजगी जताई। उन्होंने वैक्सीनेशन की गति धीमी होने को भी ठीक नहीं बताया।
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मुख्यमंत्री शुक्रवार शाम को लखनऊ विकास प्राधिकरण के सभागार में लखनऊ मंडल के जिलों में कोविड से निपटने के लिए चल रहे प्रयासों की समीक्षा कर रहे थे। उन्होंने कहा कि लखनऊ में 23 अप्रैल को 7100 से अधिक केस एक दिन में थे। आज यह संख्या घटकर 200 के आसपास आ गई है। पॉजिटिविटी रेट 20 फीसदी से घटकर 1.9 प्रतिशत के आसपास है। इस दौरान डीआरडीओ, एचएएल, चिकित्सा संस्थानों ने व्यापक पैमाने पर बेड बढ़ाए।
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हाई रिस्क वाले लोग घर से न निकलें
मुख्यमंत्री ने कहा कि लगातार जिलों का दौरा, समीक्षा बैठक जारी है। जिलों में वरिष्ठ अधिकारी, नोडल अफसर मौजूद हैं। सभी से 24 मई तक जिलों की रिपोर्ट मांगी गई है। इस लड़ाई में जनता की जागरूकता बहुत जरूरी है। हाई रिस्क वाले व्यक्ति घर से बाहर न निकलें। इनमें बुजुर्ग, बच्चे, गर्भवती, गंभीर बीमारी से ग्रसित, डायबिटिक व कमजोर इम्युनिटी वाले शामिल हैं। हर तरह की सावधानी बरतेंगे तो तीसरी लहर से भी बचेंगे।
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ब्लैक फंगस नई चुनौती, पर पूरी तैयारी
ब्लैक फंगस नई चुनौती है। जिन जनपदों में इसके मामले ज्यादा आए हैं, वहां पांच दिन पहले ही इसकी ट्रेनिंग करवा गाइडलाइन जारी कर दी गई है। शासन स्तर पर दवा उपलब्ध कराने का प्रयास हो रहा है। केंद्र बनाकर हर संभव सहायता की जा रही है। सेकंड वेव में निगेटिव होने के बाद भी दिक्कते हैं, इसलिए हर जिले में पोस्ट कोविड वार्ड तैयार करने को कहा गया है।
टीकाकरण के लिए जागरूक करने की अपील
मुख्यमंत्री ने कहा कि देखने में आ रहा है कि लोग टीकाकरण से अभी भी हिचक रहे हैं, उन्हें प्रेरित करें। सरकार अपने स्तर पर काम कर रही है, सीएचसी को एक्टिव किया गया है। 18 से 44 आयु वर्ग को राज्य सरकार और 45 से ऊपर वालों को केन्द्र सरकार निशुल्क टीका लगवा रही है।
सर्वाधिक टेस्ट किए गए, डब्ल्यूएचओ ने भी सराहा
मुख्यमंत्री ने कहा कि विशेषज्ञों ने आशंका जताई थी कि देश में यूपी सबसे बड़ा हॉट स्पॉट यूपी बनेगा। 25 अप्रैल से 10 मई के बीच कोरोना के रोजाना एक लाख पाजीटिव केस सामने आएंगे। व्यवस्था अस्त व्यस्त हो जाएगी। लेकिन हमने केंद्र सरकार के सहयोग से बेहतर तरीके से कोरोना प्रबंधन किया। निगरानी समिति द्वारा की जा रही स्क्रीनिंग, आरटी टीम द्वारा की जा रही टेस्टिंग व आरटीपीसीआर टेस्ट की क्षमता कई गुना करने को डब्ल्यूएचओ ने भी सराहा। उत्तर प्रदेश चार करोड़ 62 लाख से अधिक टेस्ट कर वर्तमान में इस मामले में सबसे आगे है। इस सबसे हम लोगों ने 24 अप्रैल तक केस को 38 हजार तक सीमित रखा। इसके बाद से लगातार पॉजिटिव केस में कमी आई। शुक्रवार को 7700 पॉजिटिव केस प्रदेश में आए। मृत्यु दर न्यूनतम स्तर यानी एक प्रतिशत के आसपास है।
निगरानी समितियों को लगाई फटकार
मुख्यमंत्री ने विभिन्न जिलों में निगरानी समितियों की ओर से टेस्टिंग, ट्रेसिंग के कार्य में ढिलाई बरते जाने की शिकायतों पर नाराजगी भी जताई। सूत्रों के अनुसार उन्होंने उन्नाव, रायबरेली व मंडल के कुछ अन्य जिलों में अधिकारियों से इसको लेकर नाराजगी जताई। उन्होंने वैक्सीनेशन की गति धीमी होने को भी ठीक नहीं बताया।