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छठ महापर्व : अस्ताचलगामी सूर्य को आस्था का नमन

Fri, 08 Nov 2024 02:53 AM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ Updated Fri, 08 Nov 2024 02:53 AM IST
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Chhath festival: Salutation of faith to the setting sun
लखनऊ। लोक आस्था के महापर्व छठ पर बृहस्पतिवार को घाटों पर जन सैलाब उमड़ पड़ा। छठी मइया के विधि-विधान से पूजन के साथ अस्ताचलगामी सूर्यदेव को अर्घ्य देकर व्रती महिलाओं ने आस्था की डुबकी लगाई और प्रार्थना कर अभीष्ट वर की कामना की। लक्ष्मण मेला घाट, नदवा, गऊघाट व कुड़ियाघाट समेत अन्य घाटों, अपार्टमेंट व मोहल्लों में छठ की छटा अपने चरमोत्कर्ष पर दिखी। मन्नत पूरी होने पर श्रद्धालुओं ने कोसी भरी तो कई दंडवत प्रणाम करते हुए घाट पर पहुंचे।
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केलवा के पात पर उगेलन सुरुज मल झांके झुके... पहिले पहिल हम कईनी छठी मइया व्रत तोहार..., करिहा क्षमा छठी मइया... जैसे लोक गीतों की मंगलध्वनियों के बीच लोग गाते-झूमते घाटों पर पहुंचे। निर्जला व्रत रखें महिलाएं शृंगार कर परिवार के साथ पहुंचीं। रंग-बिरंगी सुशोभिताओं से सजे घाट पर कमर के नीचे तक जल में हाथ जोड़े महिलाओं ने सूर्य को अर्घ्य देकर प्रार्थना की। महिलाओं ने लाल-पीली साड़ी पहन मांग से नाक तक सिंदूर लगाकर सिंदूरी छटा बिखेर दी। इस दौरान उल्लास, उमंग और उत्साह की त्रिवेणी से नहाई आस्था से वहां मौजूद हर व्यक्ति सराबोर था।
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सूर्यास्त का समय पंचांग के अनुसार 5:16 बजे था लेकिन महिलाओं ने दोपहर से ही आना शुरू कर दिया था। सजे धजे दौरा लेकर महिलाएं परिवार के साथ दोपहर दो बजे से ही घाटों पर अपनी दस्तक देने लगी थीं। उधर सांस्कृतिक प्रस्तुतियां देखने वालों को भोजपुरी लोकनृत्य और संगीत लुभा रहा था। कोसी भरने वाले जहां ज्यादा सामान के साथ अलग उमंग में थे तो वहीं मन्नत पूरी होने पर दंडवत प्रणाम करने वाले भक्ति और आस्था की अलग ही परिभाषा गढ़ रहे थे। शाम होते-होते घाटों पर कुछ देर केसरिया समां बंध गया।
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घरों, मोहल्लों और अपार्टमेंट में भी लोक मान्यता के अनुसार पूजा की गई। सुबह से महिलाओं ने घरों में ठेकुआ प्रसाद बनाना व दौरा सजाना शुरू कर दिया था। अपार्टमेंट में जहां कुंड बनाए गए तो वहीं स्वीमिंग पूल बनाकर भी अर्घ्य दिया गया। अर्घ्य देकर महिलाएं पूजा का सामान लेकर घर लौट गईं। यही महिलाएं शुक्रवार भोर में उगते हुए सूर्य को अर्घ्य देंगी। उसी समय सभी को छठ मइया का प्रसाद बांटा जाएगा। मान्यता है कि छठ मइया का प्रसाद ग्रहण करने से मनोकामना पूरी होती है।

यहां भी हुए आयोजन

- भोजपुरी छठ पूजा समिति की ओर से डालीगंज के संझियाघाट पर कुंदन परदेशी एंड पार्टी की ओर से सांस्कृतिक प्रस्तुतियां हुईं।
- फर्स्ट स्टेप रिहैबिलीटेशन सोसायटी की ओर से छठ मइया के गीतों पर सांस्कृतिक संध्या का आयोजन न्यू हैदराबाद के छठ घाट पर किया गया।

- अंतरराष्ट्रीय भोजपुरी सेवा न्यास की ओर से झूलेलाल छठ पूजा महोत्सव का आयोजन हनुमान सेतु के झूलेलाल वाटिका में किया गया।
- छठ पूजा एवं सांस्कृतिक उत्थान समिति की ओर से विभिन्न आयोजन बंधा रोड शिव मंदिर घाट पर आयोजित किए गए।

- मिथिला मंच लखनऊ परिवार की ओर से इकाना स्टेडियम के निकट घाट पर आयोजन हुए।
- कुर्सी रोड के एक होटल में बिपेंद्र सिंह ने पूजा स्थल को फूलों से सजवाया।

- इंदिरानगर के ऋषिबिहार सच्चिदानंद आश्रम में भी छठ पूजन हुआ।
- ओम गंगा स्नान घाट गांव घाट पूजा हुई।

-गोमतीनगर विस्तार के शारदा मंदिर में पूजा हुई।
-पंचवटी घाट पर पर भी आयोजन हुुए।

- खदरा में छठ पूजा व सांस्कृतिक उत्थान समिति की ओर से छठ पूजा हुई।
-कृष्णानगर के सहसोवीर मंदिर में भी व्रतियों ने छठ पूजा की।
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