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पीजीआई कर्मियों को 15 प्रतिशत ब्याज का लालच दे 51 लाख ठगे

Sat, 14 May 2022 02:12 AM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Sat, 14 May 2022 02:12 AM IST
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Cheating of PGI personnel in name of investment
पीजीआई कर्मियों से निवेश के नाम पर ठगी का मामला। (फोटो ः प्रतीकात्मक) - फोटो : ??? ?????
पीजीआई कर्मचारियों को निवेश करने पर प्रतिमाह 15 प्रतिशत ब्याज का लालच देकर मैक्सीजोन टच कंपनी ने आठ लोगों से 51 लाख रुपये ऐंठ लिए।
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ठगी का अहसास होने पर पीड़ितों ने स्थानीय थाने में एमडी समेत अन्य के खिलाफ तहरीर दी। मुकदमा दर्ज कर पुलिस मामले की जांच कर रही है।
पीड़ित शैलेश तिवारी के मुताबिक, एमएलएम कंपनी मैक्सीजोन टच कंपनी की ओर से उनकी बातचीत एमडी चंद्र भूषण सिंह, प्रियंका, शाखा प्रबंधक देवेंद्र प्रताप सिंह व दानवीर सिंह से हुई।
उन्होंने हर निवेश की गई राशि पर 15 प्रतिशत ब्याज देने की बात कही। शैलेश के साथ सभी को यह ऑफर पसंद आया।
शैलेश ने बताया कि उन्होंने चार लाख रुपये, इंद्रजीत सिंह सोलंकी ने 18 लाख रुपये, अरविंद कुमार वैष्णव ने छह लाख रुपये, कपिल शुक्ला ने दो लाख रुपये, वीरेंद्र सिंह ने एक लाख रुपये, अरविंद कुमार विश्वकर्मा ने सात लाख रुपये, वीरेंद्र कुमा ने दस लाख रुपये व अमित कुमार ने 3 लाख रुपये निवेश कर दिया।
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कंपनी की ओर से कुछ माह ब्याज दिया गया, लेकिन फरवरी के बाद से देना बंद कर दिया। ऐसे में सभी ने विरोध किया। इस पर कंपनी की ओर से शेयर मार्केट गिरने का हवाला देते हुए ब्याज दो माह ब्याज देने से मना कर दिया।
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ऐसे में पीड़ितों ने पीजीआई थाने में चंद्र भूषण सिंह, प्रियंका सिंह, देवेंद्र प्रताप नागर व दानवीर सिंह के खिलाफ तहरीर दी। पुलिस ने तहरीर पर मुकदमा दर्ज कर लिया है।
प्रभारी निरीक्षक पीजीआई धर्मपाल सिंह के मुताबिक, पीड़ितों में ज्यादातर लोग पीजीआई कर्मचारी है। उनकी ओर से ठगी का आरोप लगाते हुए तहरीर दिया। पुलिस ने तहरीर पर मुकदमा दर्ज कर लिया है। मामले की जांच की जा रही है।
हेड कांस्टेबल व उसके दोस्त से ठगी
हजरतगंज थाने में अभिसूचना कार्यालय में तैनात हेड कांस्टेबल विशाल सिंह भदौरिया ने प्रॉपर्टी डीलरों के खिलाफ ढाई लाख रुपये हड़पने का मुकदमा दर्ज कराया है। ठगों ने हेड कांस्टेबल के दोस्त से भी पांच लाख रुपये हड़पे हैं। मकान बनवाने के लिए जमीन की तलाश के दौरान हेड कांस्टेबल विशाल सिंह भदौरिया की मुलाकात कृष्णानगर निवासी शैलेंद्र प्रताप सिंह और मुनेंद्र सिंह से हुई थी। दोनों ने बजरंग बली कॉलोनी में जमीन दिखाई थी। विशाल के दोस्त अंकित दुबे ने भी प्लॉट का सौदा किया था। दोनों ने 7.50 लाख रुपये दिए थे। प्लॉट नहीं मिलने पर पीड़ितों ने छानबीन की तो पता चला कि जमीन सुभाष यादव की है। इसके बाद एसीपी हजरतगंज अखिलेश सिंह से शिकायत कर मुकदमा दर्ज करवाया।
सरोजनीनगर निवासी महिला से ठगी
सरोजनीनगर निवासी रामदुलारी के मुताबिक, बिजनौर के रहीमाबाद में जमीन को लेकर विवाद चल रहा है। अनपढ़ होने के कारण रामदुलारी ने परिचित हरिकेश से मुकदमा करवाने में मदद मांगी थी। इस पर हरिकेश ने उसे रजिस्ट्रार दफ्तर बुलाया था, जहां धोखे से जमीन के कागज पर हस्ताक्षर करवा लिया। इसके बाद फर्जीवाड़ा कर आरोपी ने महिला की जमीन बेच दी थी। खरीदार जब कब्जा लेना पहुंचा तो पीड़िता को धोखाधड़ी का पता चला। रामदुलारी की शिकायत पर डीसीपी मध्य अपर्णा रजत कौशिक के कार्रवाई के निर्देश दिए थे। इस पर हरिकेश, मुकेश, सुभाष, अमर सिंह और मुकेश साहू के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर पुलिस जांच कर रही है।

रिटायर्ड प्रधान आयुक्त से जमीन के नाम पर 14 लाख हड़पे
भारत सरकार से रिटायर्ड प्रधान आयुक्त डॉ. अनूप कुमार श्रीवास्तव ने महानगर थाने में जमीन के नाम पर 14 लाख रुपये हड़पने का मुकदमा बृहस्पतिवार को दर्ज कराया। पुलिस मामले की जांच की जा रही है। पीड़ित डॉ. अनूप कुमार श्रीवास्तव के मुताबिक, मूल रूप से जीएफ गुलमोहर नई दिल्ली के रहने वाले हैं। उन्होंने बताया कि भारत सरकार से प्रधान आयुक्त के पद से रिटायर्ड हैं। उन्होंने बताया कि सीतापुर निवासी बच्चूलाल व उसकी पत्नी ने जमीन देने के नाम पर 14 लाख 78 हजार रुपये लिए थे। इसके बाद से न तो रजिस्ट्री कर रहे थे न ही रकम लौटा रहे थे। प्रभारी निरीक्षक महानगर दिनेश चंद्र मिश्रा के मुताबिक, जानकारी के मुताबिक अनूप कुमार बच्चू लाल को जमीन खरीदने के लिए रकम देते थे। इसके बाद उसे महंगे दामों में बेच देते थे। इस बार भी उन्होंने 14.78 लाख रुपये जमीन खरीदने के लिए दिए थे, लेकिन बच्चू लाल ने जमीन बेचने से मना कर दिया। इस पर रकम मांगी तो वो भी देने से मना कर दिया। प्रभारी के मुताबिक, अनूप कुमार की तहरीर पर मुकदमा दर्ज कर जांच की जा रही है।
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