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रोटोमैक फ्रॉड : विक्रम कोठारी और बेटे राहुल के खिलाफ आरोप पत्र दायर, बैंक के पांच अफसर भी आरोपी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Updated Tue, 22 May 2018 11:19 AM IST
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विक्रम कोठारी व राहुल कोठारी
- फोटो : amar ujala
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सीबीआई ने बैंक ऑफ बड़ौदा के 456.63 करोड़ रुपये के लोन डिफॉल्ट मामले में रोटोमैक ग्लोबल प्राइवेट लिमिटेड और इसके प्रमोटरों के खिलाफ लखनऊ की विशेष अदालत में आरोप पत्र दायर किया है। ये सभी सात बैंकों के समूह से कुल 3,690 करोड़ रुपये का कर्ज लेकर नहीं चुकाने के आरोपी हैं।
अधिकारियों ने बताया कि तीन महीने की जांच के बाद सीबीआई के विशेष जज एमपी चौधरी की अदालत में आरोप पत्र दाखिल किया गया है। अभी बैंक ऑफ बड़ौदा के 456.63 करोड़ रुपये के लोन डिफॉल्ट पर ही कार्रवाई की गई है। बाकी रकम के लोन डिफॉल्ट की जांच चल रही है। जल्द ही इस मामले में और आरोप पत्र दाखिल किए जा सकते हैं।
आरोप पत्र में कानपुर के रोटोमैक ग्लोबल प्राइवेट लिमिटेड के अलावा इसके मुख्य महाप्रबंधक (सीएमडी) विक्रम कोठारी, उनके बेटे और निदेशक राहुल कोठारी, बैंक ऑफ बड़ौदा के तत्कालीन सहायक महाप्रबंधक एसके उपाध्याय, तत्कालीन वरिष्ठ प्रबंधक ओम प्रकाश कपूर तथा तत्कालीन बैंक प्रबंधक शशि विश्वास को भी आरोपी बनाया गया है।
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अधिकारियों ने बताया कि तीन महीने की जांच के बाद सीबीआई के विशेष जज एमपी चौधरी की अदालत में आरोप पत्र दाखिल किया गया है। अभी बैंक ऑफ बड़ौदा के 456.63 करोड़ रुपये के लोन डिफॉल्ट पर ही कार्रवाई की गई है। बाकी रकम के लोन डिफॉल्ट की जांच चल रही है। जल्द ही इस मामले में और आरोप पत्र दाखिल किए जा सकते हैं।
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आरोप पत्र में कानपुर के रोटोमैक ग्लोबल प्राइवेट लिमिटेड के अलावा इसके मुख्य महाप्रबंधक (सीएमडी) विक्रम कोठारी, उनके बेटे और निदेशक राहुल कोठारी, बैंक ऑफ बड़ौदा के तत्कालीन सहायक महाप्रबंधक एसके उपाध्याय, तत्कालीन वरिष्ठ प्रबंधक ओम प्रकाश कपूर तथा तत्कालीन बैंक प्रबंधक शशि विश्वास को भी आरोपी बनाया गया है।
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आरोपियों पर भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत आरोप
vikram kothari
- फोटो : amar ujala
सभी के खिलाफ आपराधिक साजिश, धोखाधड़ी तथा भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के प्रावधानों के तहत आरोप लगाए गए हैं। जांच एजेंसी का आरोप है कि कंपनी के निदेशकों ने पैकिंग क्रेडिट के लिए जारी कर्ज की रकम को दूसरे काम में लगा दिया। सात राष्ट्रीयकृत बैंकों के समूह ने रोटोमैक ग्लोबल प्राइवेट लिमिटेड को 2008 से लेकर कुल 2,919 करोड़ रुपये का कर्ज दिया जो ब्याज समेत बढ़कर 3,695 करोड़ रुपये हो गया।