क्लैट की काउंसलिंग में बदलाव, एकमुश्त नहीं देनी पड़ेगी पूरे साल की फीस
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विधि विश्वविद्यालयों के कंसोर्टियम ने इसकी अधिसूचना जारी कर दी है। साफ कर दिया है कि 50 प्रतिशत तक ही वार्षिक शुल्क वसूला जाएगा। क्लैट का परिणाम पांच अक्तूबर की शाम को आएगा। सफल छात्रों को छह अक्तूबर दोपहर 12 से सात अक्तूबर शाम छह बजे तक काउंसलिंग के लिए वेबसाइट पर ऑनलाइन पंजीकरण कराना होगा।
इस अवधि में फीस के 50 हजार रुपये ऑनलाइन जमा करने होंगे। इसमें पहले सेमेस्टर की फीस भी होगी। यदि अंतिम समय रजिस्ट्रेशन कराते हैं और सर्वर पर लोड या अन्य तकनीकी कारणों से फीस जमा नहीं हो पाती है तो इसकी जिम्मेदारी छात्र की होगी। उसे काउंसलिंग से बाहर कर दिया जाएगा और वह किसी भी राष्ट्रीय विधि विवि में दाखिला नहीं ले पाएगा।
वहीं, छात्र जब अलॉट किए विधि विवि में दाखिला लेगा तो सिर्फ पहले सेमेस्टर की बची फीस जमा करेगा। उसे एक साथ पूरे साल की फीस नहीं जमा करनी पड़ेगी। लोहिया विधि विवि के संयुक्त रजिस्ट्रार डॉ. संजय दिवाकर ने बताया कि पहले विवि पूरे साल की फीस जमा कराता था। इस बार दाखिले के दौरान प्रथम सेमेस्टर की ही फीस ली जाएगी।
...तो गंवाने पड़ेंगे दस हजार रुपये
पंजीकरण के बाद छात्र यदि काउंसलिंग से बाहर होता है या दाखिला नहीं लेता है तो उसे 10 हजार रुपये गंवाने होंगे। पंजीकरण के दौरान ही 50 हजार रुपये जमा करने के बाद छात्र यदि सीट लॉक नहीं करता है या सीट लॉक करने के बाद दाखिला नहीं लेता है तो रिफंड में 40 हजार रुपये ही मिलेंगे।
दो चरणों में होगी काउंसलिंग
क्लैट की काउंसलिंग दो चरणों में होगी। एक में पंजीकरण और दूसरा सीट लॉक होगा। पहले छात्रों को पंजीकरण के दौरान 50 हजार रुपये फीस ऑनलाइन जमा करनी होगी। इस दौरान उन्हें कम से कम पांच विश्वविद्यालयों का विकल्प देना होगा। चाहें तो सभी विधि विवि का विकल्प दे सकते हैं।
इसके बाद कंसोर्टियम छात्रों की ओर से दिए विकल्प के आधार पर ही एलॉटमेंट लिस्ट जारी करेगा। इसके अनुसार छात्रों को किसी एक विधि विवि की सीट लॉक करनी होगी। डॉक्यूमेंट वेरीफाई करा बाकी की फीस यदि हो तो जमा कराकर दाखिला पक्का करना होगा। काउंसलिंग प्रक्रिया में तीन बार एलॉटमेंट लिस्ट जारी होगी।