फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   chand nawab never ask money from salman khan

'चांद नवाब' को नहीं चाहिए सलमान खान से एक भी पैसा

Wed, 12 Aug 2015 07:28 PM IST
ऋषि मिश्र/अमर उजाला लखनऊ
ऋषि मिश्र/अमर उजाला लखनऊ Updated Wed, 12 Aug 2015 07:28 PM IST
विज्ञापन
chand nawab never ask money from salman khan

बजरंगी भाईजान फिल्म में जितनी चर्चा फिल्म की थीम, सलमान की ऐक्टिंग और नन्हीं हर्षाली मल्होत्रा(मुन्नी) की मासूमयित की रही है उतनी ही सुर्खियां नवाजुद्दीन सिद्की और उनका चरित्र 'चांद नवाब' भी बटोर रहा है।

विज्ञापन


बजरंगी भाईजान के ये चांद नवाब कहने को तो अपनी नई फिल्म मांझी के प्रमोशन के लिए लखनऊ आए थे लेकिन चर्चाएं चांद पर ही केंद्रित रहीं। यहीं पर नवाज ने साफ किया कि असली चांद नवाब ने सलमान से किसी भी तरह के पैसे की मांग नहीं की थी।
विज्ञापन


"कराची से लोग अपनों में ईद मनाने के लिए अंदरूने मुल्क जा रहे हैं....कैमरा कामिल इकबाल के साथ मैं चांद नवाब ...." यू ट्यूब पर पड़ा ये रीयल वीडियो बजरंगी भाई जान फिल्म की जान बन गया। जितनी फिल्म का ट्रेलर देखा गया फिल्म रिलीज के बाद इस वीडियो को भी। इस किरदार को निभाने वाले नवाजुद्दीन भी इस बात को मानते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


उनका कहना है कि, पाकिस्तान में इंडस न्यूज के रिपोर्टर चांद नवाब के रीयल करेक्टर को मैंने बजरंगी भाईजान में फिल्माया। दर्शकों को यह इस कदर अच्छा लगा कि पाकिस्तान में चांद नवाब अब हीरो बन गये हैं।

उनको इंटरव्यू देने की फुर्सत नहीं मिल रही है। न्यूयार्क के अखबारों तक ने उनका इंटरव्यू मांगा है। वे बहुत खुश हैं मगर उन्होंने बजरंगी भाई जान में उनका किरदार लिये जाने को लेकर कोई भी रायल्टी उन्होंने कभी नहीं मांगी है।

नवाज कहते हैं कि इस तरह की खबरें जब आईं तब मैंने उनसे फोन पर बात की। मगर उनका साफ कहना है कि, वे बहुत खुश हैं। उनको इस तरह की खबरों से ताजुब्ब हो रहा है। किसी तरह की रुपये की मांग उन्होंने सलमान, नवाज या कबीर से नहीं की है। यह सब महज अफवाहें हैं।

पता नहीं नेट पर कैसे लीक हुई माझी?

chand nawab never ask money from salman khan

नवाजुद्दीन लखनऊ में अपनी जल्द रिलीज होने वाली फिल्म माझी के प्रमोशन के सिलसिले में राजधानी आए हुए थे। नवाजुद्दीन ने बताया कि, दशरथ माझी पर आधारित है। दशरथ माझी ने बिहार के  गहलौर गांव में एक पहाड़ को 22 साल की मेहनत से छेनी हथौड़ी की सहायता से काट कर रास्ता बना दिया था। उनकी जिदंगी के संघर्षों पर ये पिक्चर बनाई गई है।

नवाजुद्दीन राजधानी में रंगमंच से जुड़े रहे हैं। उन्होंने बताया कि, भारतेंदु नाट्य अकादमी में जब वे थे, तब उनहोंने काफी काम किया था। इस दौरान बीएनए महानगर से गोमती नगर ले जाया गया था। उन्होंने अपने कंधे पर सामान ढोकर अकादमी का ट्रांसफर करवाया था। वह काफी संघर्ष भरा वक्त था।

नवाजुद्दीन सिद्दीकी का कहना है कि, उनको पता चला कि, माझी इंटरनेट पर एज इट इज अपलोड हो गई। इससे काफी शॉक लगा है। हम ऐसा नहीं चाहते थे। मगर ऐसा हो तो गया ही है। मगर लगता है, इससे फिल्म को और अधिक फायदा ही होगा।

गजेंद्र से बेहतर और लोग भी थे

chand nawab never ask money from salman khan

एफटीटीआई के निर्देशक का मसला यह भी उठा। सिनेमा में गंभीर काम कर अपनी पहचान बनाने वाले केतन मेहता भी सरकार के इस फैसले से खुश नहीं दिखे।

केतन मेहता ने कहा कि, एफटीटीआई के निदेशक पद के लिए गजेंद्र सिंह से कई और बेहतर लोग भी थे। जिनको चुना जा सकता था। देश में 14 से अधिक भाषाओं में फिल्में बन रही हैं।

जिनसे जुड़ी ये संस्था है। ऐसे में इसके लिए कोई बहुत ही अनुभवी, निर्विवाद और गुणी व्यक्ति ही चुना जाना चाहिये था।

नवाजुद्दीन और केतन मेहता ने दशरथ माझी की तरह निस्वार्थ सेवा करने वाले लोगों को माउंटनेमैन एंड वुमेन का खिताब दिया।

जिसमें राजधानी से ऋद्धिकिशोर गौड़ को गोमती संरक्षण के लिए और भावना कपूर को बच्चों के लिए काम करने को लेकर ये उपाधि दी गई।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed