फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   Chamki Kismat: Neither MLA nor MLC became minister, six people were summoned to Lucknow and administered oath of office directly

चमकी किसमत : न विधायक न एमएलसी बने मंत्री, छह लोगों को लखनऊ बुलाकर सीधे दिलाई गई मंत्री पद की शपथ

Fri, 25 Mar 2022 09:45 PM IST
पंकज श्रीवास्‍तव सैयद यासिर रजा, अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
सैयद यासिर रजा, अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ Published by: पंकज श्रीवास्‍तव Updated Fri, 25 Mar 2022 09:45 PM IST
सार

छह ऐसे मंत्री बनाएं हैं, जो पहली बार विधानसभा चुनाव जीतकर आए हैं। इसमें आगरा से चुनाव जीतीं बेबीरानी मौर्य को मंत्री बनाया गया है। वह उत्तराखंड की राज्यपाल रह चुकी हैं। मैनपुरी से चुनाव जीतकर आए जयवीर सिंह को कैबिनेट मंत्री बनाया गया है। कन्नौज से चुनाव जीते असीम अरुण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) बनाए गए हैं।

विज्ञापन
Chamki Kismat: Neither MLA nor MLC became minister, six people were summoned to Lucknow and administered oath of office directly
स्वतंत्र देव सिंह। - फोटो : amar ujala

विस्तार

योगी सरकार के नए मंत्रिमंडल में छह ऐसे मंत्री शामिल किए गए हैं, जो प्रदेश में किसी सदन का हिस्सा नहीं हैं। रातोंरात इन नेताओं की किसमत चमकी और उन्हें लखनऊ बुलाकर सीधे मंत्री पद की शपथ दिला दी गई। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य व बृजेश पाठक को मिलाकर कुल 53 मंत्री बने हैं। इनमें विधानसभा के 39 और विधान परिषद के 8 सदस्य शामिल हैं।

विज्ञापन


वर्तमान में जो किसी सदन के सदस्य नहीं हैं और उन्हें मंत्री पद की शपथ दिलाई गई, उनमें भाजपा के प्रदेश महामंत्री जेपीएस राठौर, पिछड़ा मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष नरेंद्र कश्यप, पिछड़ा वर्ग आयोग के अध्यक्ष जसवंत सैनी, कांग्रेस से लंबे समय तक एमएलसी रहे और बाद में भाजपा में शामिल हुए दिनेश प्रताप सिंह, अल्पसंख्यक आयोग के प्रदेश महामंत्री दानिश आजाद और वाराणसी में कांग्रेस के कद्दावर नेता रहे और वर्ष 2019 में भाजपा में शामिल हुए दयाशंकर मिश्रा उर्फ दयालु शामिल हैं। दिनेश प्रताप सिंह ने रायबरेली स्थानीय प्राधिकारी निर्वाचन क्षेत्र से विधान परिषद सदस्य के लिए नामांकन किया है। उनका विधान परिषद का कार्यकाल बीती 7 मार्च को खत्म हुआ है। इन मंत्रियों को छह माह के अंदर किसी सदन की सदस्यता हासिल करनी होगी।  
विज्ञापन


विधान परिषद के जिन आठ सदस्यों को मंत्री बनाया गया है, उनमें उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य, भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्रदेव सिंह, भूपेंद्र सिंह चौधरी, कैबिनेट मंत्री जितिन प्रसाद, अरविंद कुमार शर्मा, अपना दल के आशीष पटेल, निषाद पार्टी के संजय निषाद, राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार धर्मवीर प्रजापति का नाम शामिल है।
विज्ञापन
विज्ञापन


पहली बार बने विधायक और बन गए मंत्री
वहीं, छह ऐसे मंत्री बनाएं हैं, जो पहली बार विधानसभा चुनाव जीतकर आए हैं। इसमें आगरा से चुनाव जीतीं बेबीरानी मौर्य को मंत्री बनाया गया है। वह उत्तराखंड की राज्यपाल रह चुकी हैं। मैनपुरी से चुनाव जीतकर आए जयवीर सिंह को कैबिनेट मंत्री बनाया गया है। कन्नौज से चुनाव जीते असीम अरुण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) बनाए गए हैं। उन्होंने चुनाव की घोषणा के बाद कानपुर के पुलिस आयुक्त के पद से इस्तीफा देकर भाजपा ज्वाइन किया था। बलिया से चुनाव जीत कर आए दयाशंकर सिंह को भी राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) बनाया गया है। इसी तरह सीतापुर के राकेश राठौर और बांदा से पहली बार चुनाव जीते रामकेश निषाद को भी मंत्री बनाए गए हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed