खुशखबरीः लखनऊ मेट्रो के लिए मोदी सरकार देगी करोड़ो की मदद
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केंद्रीय बजट में लखनऊ मेट्रो के लिए 410 करोड़ के प्रावधान के साथ ही इस परियोजना के लिए धन की कमी नहीं रहेगी। हालांकि इसके लिए प्रदेश सरकार को इस परियोजना पर होने वाले खर्च में हिस्सेदारी को लेकर केंद्र के साथ ‘मेमोरंडम ऑफ अंडरस्टैडिंग’ (एमओयू) पर हस्ताक्षर करना होगा।
आवास एवं शहरी नियोजन विभाग ने एमओयू का प्रारूप तैयार कर अनुमोदन के लिए मुख्यमंत्री के पास भेज दिया है। एमओयू पर इसी महीने हस्ताक्षर होने की संभावना है।
दरअसल लखनऊ मेट्रो रेल परियोजना पर होने वाले खर्च में राज्य व केन्द्र को 50-50 प्रतिशत धन देना है। लेकिन दोनों सरकारों के बीच अभी तक एमओयू पर हस्ताक्षर नहीं हुए थे।
राज्य सरकार ने पहले ही 625 करोड़ रुपये किये मंजूर
इसलिए केंद्र से अब तक इस परियोजना के लिए धन नहीं मिला था। परियोजना के तहत चौधरी चरण सिंह एयरपोर्ट से मुंशी पुलिया तक बनने वाली मेट्रो लाइन के लिए राज्य सरकार ने पहले ही 625 करोड़ रुपये मंजूर कर दिया था।
इसमे से 300 करोड़ रुपये खर्च भी हो चुके हैं और शेष धनराशि भी एलएमआरसी को उपलब्ध करा दिए गए हैं। प्रमुख सचिव आवास एवं शहरी नियोजन सदाकांत का कहना है कि केंद्र के बजट में लखनऊ मेट्रो के लिए धन का प्रावधान किए जाने से परियोजना को पूरा करने में अब धन की कमी नहीं होगी।
उन्होंने बताया कि विदेशी एंजेंसी ‘यूरोपियन इनवेस्टमेंट बैंक’ (ईआईबी) से लोन लेने के लिए बैंक व केन्द्र के बीच एमओयू होने वाला है। इसके बाद परियोजना को और धन मिल जाएगा।