कृषि अध्यादेशों पर मचे बवाल पर मायावती का बयान, किसानों को विश्वास में लेकर केंद्र सरकार करे फैसला
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बहुजन समाज पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती ने कहा कि किसानों के भविष्य का फैसला किसानों से बात करके होना चाहिए।
उन्होंने ट्वीट कर कहा कि बसपा ने यूपी में अपनी सरकार के दौरान कृषि से जुड़े अनेक मामलों में किसानों की कई पंचायतें बुलाकर उनसे समुचित विचार-विमर्श करने के बाद ही फैसले लिए थे। यदि केंद्र सरकार भी किसानों को विश्वास में लेकर ही निर्णय लेती तो यह बेहतर होता।
जैसाकि विदित है कि बीएसपी ने यूपी में अपनी सरकार के दौरान कृषि से जुड़े अनेकों मामलों में किसानों की कई पंचायतें बुलाकर उनसे समुचित विचार-विमर्श करने के बाद ही उनके हितों में फैसले लिए थे। यदि केन्द्र सरकार भी किसानों को विश्वास में लेकर ही निर्णय लेती तो यह बेहतर होता।
— Mayawati (@Mayawati) September 24, 2020विज्ञापन
बता दें कि पिछले रविवार को संसद के उच्च सदन में कृषि संबंधी अध्यादेशों के पास होने के बाद देश भर के किसानों में उबाल है। हरियाणा व पंजाब विरोध का केंद्र बन गए हैं। वहीं, जिस तरह सदन में ये अध्यादेश पास हुए उस पर भी विवाद हो रहा है।
इसके पहले मायावती ने कृषि अध्यादेशों को पास करने के दौरान विपक्षी सांसदों द्वारा किए गए व्यवहार पर टिप्पणी की थी।
उन्होंने ट्वीट कर कहा कि वैसे तो संसद लोकतंत्र का मंदिर ही कहलाता है फिर भी इसकी मर्यादा अनेकों बार तार-तार हुई है। वर्तमान संसद सत्र के दौरान भी सदन में सरकार की कार्यशैली व विपक्ष का जो व्यवहार देखने को मिला है वह संसद की मर्यादा, संविधान की गरिमा व लोकतंत्र को शर्मसार करने वाला है। यह अति-दुःखद है।
वैसे तो संसद लोकतंत्र का मन्दिर ही कहलाता है फिर भी इसकी मर्यादा अनेकों बार तार-तार हुई है। वर्तमान संसद सत्र के दौरान भी सदन में सरकार की कार्यशैली व विपक्ष का जो व्यवहार देखने को मिला है वह संसद की मर्यादा, संविधान की गरिमा व लोकतंत्र को शर्मसार करने वाला है। अति-दुःखद।
— Mayawati (@Mayawati) September 23, 2020
बता दें कि संसद के उच्च सदन में सांसदों ने सभापति का माइक तोड़ दिया और उनसे अभद्रता की थी जिस पर आठ सांसदों को सदन के निलंबित कर दिया गया। निलंबन के बाद सांसद रात भर धरने पर बैठे रहे।