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रिवर फ्रंट घोटाले में सीबीआई जल्द करेगी और गिरफ्तारियां, गिरफ्तार पूर्व अभियंता से पूछे गए ये सवाल

Sun, 22 Nov 2020 10:41 AM IST
ishwar ashish न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ Published by: ishwar ashish Updated Sun, 22 Nov 2020 10:41 AM IST
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CBI will arrest more people in corruption in Gomati River Front project.
- फोटो : amar ujala

गोमती रिवर फ्रंट परियोजना में करोड़ों के घपले के आरोपों की जांच कर रही सीबीआई जल्द ही कुछ और गिरफ्तारियां कर सकती है। वह इसके लिए साक्ष्य जुटा चुकी है। सीबीआई ने शुक्रवार को गिरफ्तार पूर्व मुख्य अभियंता रूप सिंह यादव और लिपिक को रिमांड पर लेकर पूछताछ शुरू कर दी है।

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सूत्रों के अनुसार, दोनों से पूछा गया कि उन्होंने काम पूरा हुए बगैर इतना अधिक बजट कैसे खर्च कर दिया। उन्होंने काम का आवंटन और भुगतान किसके कहने या दबाव में किया। इसमें कितनी रकम की बंदरबांट हुई और किस-किसको इसका लाभ पहुंचा। हालांकि आरोपियों ने इन सवालों का कोई साफ जवाब नहीं दिया है।
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जानकार बताते हैं कि सीबीआई ने सिंचाई विभाग में परियोजना से जुड़े दस्तावेज के साथ ही ऑनलाइन हुई प्रक्रिया का भी डाटा हासिल किया है। भुगतान संबंधी सभी आंकड़े भी जुटाए। पूर्व मुख्य अभियंता व लिपिक से पूछताछ में सामने आने वाले तथ्यों की पुष्टि के साथ ही कुछ अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी की जाएगी।
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गौरतलब है कि 1513 करोड़ की इस परियोजना में 90 फीसदी बजट खर्च होने के बावजूद बमुश्किल साठ फीसदी काम ही पूरा हो सका था। इसमें कई अग्रिम भुगतान हुए और अनियमित तरीके से काम का आवंटन किए जाने की शिकायतें सामने आईं।

जांच की आंच जाएगी दूर तक

रिवर फ्रंट घोटाला हो या खनन घोटाला या फिर यूपीपीएससी जैसे अन्य घोटाले, इनकी जांच केंद्रीय एजेंसी कर रही हो या राज्य की एजेंसी, इनकी आंच पूर्ववर्ती सरकार या उससे पहले की सरकार तक भी पहुंचनी तय है।

सीबीआई फिलहाल रिवर फ्रंट परियोजना में बड़े पैमाने पर हुई अनियमितता की जांच कर रही है। गिरफ्तार पूर्व मुख्य अभियंता व लिपिक को जवाब देना होगा कि किसकी शह पर उन्होंने नियमों की अनदेखी की और जो करोड़ों के वारे-न्यारे हुए उसमें किसका कितना कमीशन था। ऐसे में मामले की आंच विभाग के तत्कालीन मंत्री व अन्य तक पहुंचने का अंदेशा है। वहीं, प्रवर्तन निदेशालय भी अपने स्तर से तथ्य जुटा रहा है।

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