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Gomati river front scam:रिवर फ्रंट घोटाले की आंच दो पूर्व मुख्य सचिवों तक पहुंची, सीबीआई ने राज्य सरकार से मांगी अनुमति
Sun, 26 Jun 2022 05:58 PM IST
ishwar ashish
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
Published by: ishwar ashish
Updated Sun, 26 Jun 2022 05:58 PM IST
सार
गोमती रिवर फ्रंट के निर्माण में हुए घोटाले की जांच के सिलसिले में सीबीआई की टीम ने प्रदेश के पूर्व मुख्य सचिवों के खिलाफ जांच के लिए प्रदेश सरकार से अनुमति मांगी है।
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गोमती रिवर फ्रंट (फाइल फोटो)
- फोटो : amar ujala
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विस्तार
अखिलेश यादव की सरकार में लखनऊ में बनाए गए गोमती रिवर फ्रंट के निर्माण में हुए घोटाले की आंच प्रदेश के दो पूर्व मुख्य सचिवों तक पहुंच गई है। मामले में जांच के लिए सीबीआई की टीम ने उत्तर प्रदेश सरकार से अनुमति मांगी है।
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सीबीआई टीम का कहना है कि पूर्व मुख्य सचिव आलोक रंजन और दीपक सिंघल गोमती रिवर फ्रंट योजना के निर्माण की उच्चस्तरीय अनुश्रवण समिति का हिस्सा थे। इस दौरान दोनों अधिकारियों ने योजना में हुई गड़बड़ियों की अनदेखी की। जिसकी जांच के लिए सीबीआई की टीम ने प्रदेश सरकार से अनुमति मांगी है।
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बताया जाता है कि कार्य प्रारंभ होने के समय से ही योजना से जुड़े हर काम का बजट छह से आठ गुना बढ़ गया पर इस पर कभी सवाल नहीं उठाए गए न ही किसी पर कार्रवाई की गई।
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